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बीएमए को पुराने स्वरूप में लाना मकसद : मित्तल

भिवाड़ी | बीएमए (भिवाड़ी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन) के 13 अप्रैल को होने वाले चुनाव को लेकर दोनों दावेदार वोटरों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:05 AM IST

भिवाड़ी | बीएमए (भिवाड़ी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन) के 13 अप्रैल को होने वाले चुनाव को लेकर दोनों दावेदार वोटरों को लुभाने में लग गए हैं। सोशल मीडिया का भी बखूबी प्रयोग किया जा रहा है। बीएमए चुनाव को लेकर शनिवार शाम को स्थिति साफ हो गई। यहां बीएमए के दिग्गज बृजमोहन मित्तल और सतेंद्र चौहान के बीच सीधी टक्कर हैं। रविवार को छुट्‌टी के दिन भी दाेनों ही प्रत्याशी और उनके समर्थक वोटरों को लुभाने में लगे रहे। वहीं मतदान की तारीख समीप आते ही दोनों ओर से आरोपों का दौर भी शुरु हो गया है। रविवार को बृजमोहन मित्तल ने कहा कि उनका चुनावी मुद्दा बीएमए काे पुराने स्वरूप में लौटाना है। कुछ लोगों ने भाई-भतीजावाद के चलते अपने ही लोगों को अध्यक्ष पद का दावेदार शुरू कर दिया था। मनोनयन होने चलते वही क्रम हो रहा था। बीएमए को एक स्वस्थ माहौल की जरूरत थी। वह बिना चुनाव संभव नहीं था। इसी के चलते वह इस बार खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में बीएमए में सदस्यों की संख्या 800 थी। वह आज घटकर महज 344 रह गई है। यह सब पिछले समय से चल रही गलत नीतियों के चलते हुआ। अब अध्यक्ष बनकर उसे ही ठीक करना है। जिस उद्देश्य के लिए संगठन बनाया गया था। उसे पूरा करना है। उधर, दूसरी ओर सतेंद्र चौहान ने भी मित्तल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि बीएमए के सदस्य आज भी उतने ही हैं। लेकिन इन्हीं लोगों ने 30 जून 2017 मैंबरशिप की तिथि निर्धारित कर अन्य लोगों काे सदस्य बनने से रोका। जिससे की सदस्य संख्या घट गई। मैंने अध्यक्ष रहते बीएमए के सिस्टम को ठीक किया। बीएमए के जो दो अवार्ड फंक्शन हुए हैं। उनमें से एक मेरे ही कार्यकाल में हुआ। मेले लगवाए। बीएमए को एक प्लेटफाॅर्म पर लेकर आए। मित्तल बता दें कि उन्होंने दो बार अध्यक्ष रहते ऐसा क्या काम किया।

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