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विदेश से लौटे दो जनों की जांच को पहुंची मेडिकल टीम, 1 ही मिला
विदेश यात्रा करके वापस भिवाड़ी लौटे दो जनों की जांच के लिए शनिवार को मेडिकल टीम शहर की दो सोसायटियों में पहुंची। जिनमें से एक व्यक्ति मौके पर मिला नहीं जबकि दूसरा युवक पूरी तरह स्वस्थ मिला। जिसे भी 28 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. कमलकिशोर शर्मा ने बताया कि उन्हें विदेश यात्रा कर भिवाड़ी आए दो जनों की सूचना उन्हें अलवर से शनिवार को मिली थी जिस पर वो टीम के साथ जांच के लिए पहुंचे। बाइपास पर एक सोसायटी में रहने वाले व्यक्ति दो फरवरी को जर्मनी गए थे जो पांच फरवरी को वापस भिवाड़ी लौटे। जब टीम उनके घर पहुंची तो वो घर पर न होकर अपनी ड्यूटी पर नोएडा था। जिनसे टीम ने फोन पर बात की तो उन्होंने स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ्य बताया। टीम रविवार को फिर से जाकर उनकी जांच करेगी। वहीं एक अन्य सोसायटी में रहने वाले 27 वर्षीय युवक को जांचने के लिए भी टीम पहुंची। युवक जर्मनी में रहकर पढ़ाई कर रहा है और 12 अगस्त 2018 को जर्मनी गया था। जो 12 मार्च को वापस भिवाड़ी अपने परिवार के पास लौटा है। युवक भी टीम को पूरी तरह स्वस्थ मिला, जिसे 28 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा है। साथ ही किसी तरह की दिक्कत महसूस होने पर तुरंत संपर्क करने की हिदायत दी गई है।
इलाज से पहले पर्ची की लाइन में सटकर खड़े होते हैं मरीज, कैसे रुकेगा संक्रमण
कोरोना वायरस का खतरा भिवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों पर लगातार मंडरा रहा है। अस्पताल में बीते 48 घंटों में भर्ती हुए मरीजों में 70 फीसदी खांसी-जुकाम और वायरल फीवर पीड़ित हैं। इनमें भी 90 फीसदी बच्चे हैं। कोरोना से बचाव के लिए संदिग्धों से करीब 1 मीटर का फासला बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अस्पताल में ये संभव नहीं हो रहा। डॉक्टर को दिखाने से पहले काउंटरों और ओपीडी के बाहर मरीजों को कतार में लगना पड़ता है। जहां वे एक-दूसरे से सट कर खड़े होते हैं। मरीज को सीएचसी आते ही पहले रजिस्ट्रेशन उसके बाद ओपीडी में डॉक्टर और अंत में जांच और दवा काउंटरों पर सट कर खड़ा होना पड़ता है। संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षित दूरी की बात जागरुकता नारों में सिमट गई है। हालांकि डॉक्टर और स्टाफ को मास्क और सेनेटाइजर उपलब्ध हैं। संदिग्ध मरीज के लिए आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। अस्पताल की ओपीडी गुरुवार काे जहां 1119 रही वहीं शुक्रवार को 1019 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। खांसी-जुकाम के मरीजों के लिए अलग से ओपीडी काउंटर शुरु नहीं किया गया है। जगह अभाव के कारण एक छोटे से कमरे में पांच चिकित्सक बैठते हैं, जिनके आसपास मरीज छाए रहते हैं। शनिवार को ओपीडी के बाहर लगी कतार मुख्यद्वार के पास तक पहुंच गई। अस्पताल में तैनात दो चिकित्सक सीसीएल पर चल रही हैं, जबकि एक चिकित्सक शनिवार को अपने डे ऑफ पर थे। ऐसे मरीजों के लिए अलग से ओपीडी और बचाव के लिए एक लाउडस्पीकर के जरिए आवश्यक सावधानी बरतने संबंधी उद्घोषणा कराए जाने की व्यवस्था अस्पताल अपने स्तर पर कर सकता है।
पूरे स्टॉफ को मास्क और सेेनेटाइजर उपलब्ध करा दिए गए हैं । दो चिकित्सक सीसीएल पर हैं, जिन्हें पत्र भेजकर वापस काम पर लौटने के लिए कहा गया है। जगह अभाव के कारण कतार में मरीजों के बीच दूरी बना पाना टेढ़ा काम हैं उन्हें जागरुक किया जा रहा है।
- डॉ. कमलकिशोर शर्मा, सीएचसी प्रभारी भिवाड़ी
भिवाड़ी. सीएचसी में चिकित्सकों को दिखाने के लिए खड़े मरीज।