लड़के से बात करने से राेका तो बेटी ने पिता पर ही लगा दिया छेड़छाड़ का आरोप, झूठा निकला

Bhiwadi News - शहर में शुक्रवार को एक एेसी घटना हुई, जिसने परिवार में बढ़ते फासलों की कड़वी सच्चाई सामने लाकर रख दी। एक 15 वर्षीय...

Oct 13, 2019, 07:40 AM IST
शहर में शुक्रवार को एक एेसी घटना हुई, जिसने परिवार में बढ़ते फासलों की कड़वी सच्चाई सामने लाकर रख दी। एक 15 वर्षीय बालिका को पिता ने किसी लड़के से बातचीत करने से रोका तो उसने पिता पर ही छ़ेडछाड़ का आरोप लगा दिया। सरेराह हुई घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस बुला ली। पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहां पूछताछ और जांच में पूरा मामला झूठा निकला।

भिवाड़ी में उत्तरप्रदेश का एक परिवार रहता है। पिता के चार बेटियां है। इनमें 15 वर्षीय बेटी भिवाड़ी के किसी निजी स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ रही है। वह किसी लड़के के संपर्क में आई और उससे बातचीत कर रहती थी। पिता व परिजनों ने टोका। सही उम्र नहीं होने की बात कही, लेकिन लड़की ने बातचीत बंद नहीं की। शुक्रवार को उसने स्कूल की किसी टीचर के मोबाइल से लड़के को फोन कर दिया। लड़के ने तब तो फोन नहीं उठाया, लेकिन जब कॉल बैक किया तो टीचर को सारा मामला पता चल गया। स्कूल के प्रिंसिपल ने उसके पिता स्कूल बुला पूरा वाकया बताया।

बेटी को घर ले जाने को कह दिया। गुस्से में आग-बबूला पिता उसे बाइक पर बैठाकर मटीला के समीप एसआरएफ कंपनी की तरफ ले गया और एेसी हरकतें ना करने के लिए डांटने लगा। इतने में ही बेटी ने शोर मचा दिया तो राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सबके बीच बालिका आरोप लगाने लगी कि पिता उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा है। लड़की की बात सही मानकर लोगों ने पुलिस बुला ली।

जांच में झूठा निकला मामला : पुलिस मौके से दोनों को भिवाड़ी के फूलबाग थाने ले आई। पूछताछ में पिता ने जो बातें बताई उनकी पुष्टि के लिए अन्य परिजनों व स्कूल के अध्यापकों को भी बुलाया गया। तब पता चला कि लड़की पिता पर झूठे आरोप लगा रही थी। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी ने लड़की से सख्ती से पूछताछ की तो सच बात बता दी और अपनी गलती भी स्वीकार कर ली। पुलिस ने समझाइश कर उसे घर भेज दिया।


भास्कर विचार : वक्त दें परिवार को, आपस में बातचीत करिये

घटना को लेकर शहर में दिनभर चर्चा रही। जिसे पूरी बात पता चली, वह बेटी को और अधूरी जानकारी वाले पिता को कोसते रहे, लेकिन उस पिता के मन की स्थिति कोई नहीं समझ पाया। खुलेपन की अधपकी समझ ने परिवार में जो कड़वाहट घोली, उसकी शायद ही भरपाई होगी। पूरे मामले ने खतरे की घंटी बजाई कि छोटे शहरों में भी रिश्तों की समझ व संस्कारों का ताना-बाना टूट चुका है। बेटी का पिता पर झूठा आरोप लगाने का मामला समाज के हर व्यक्ति के लिए मनन करने वाली बात है। हमें यह सोचना होगा कि बच्चों के लिए पैसा कमाना जितना जरूरी है, उससे ज्यादा उन्हें वक्त और संस्कार देना है। भटकाव की उम्र में परिवार के भीतर बच्चों का मन लगे, एेसा माहौल बनाना जरूरी है।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना