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अधिकारियों से कहा-ऐसी हवा में कैसे सांस लेते हो, इसेेे सुधारने के लिए कुछ तो करो
पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (इप्का) के चेयरमैन डाॅ. भूरेलाल, सदस्य सुनीता नारायण अाैर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने शुक्रवार काे मेडिकल, औद्योगिक व शहरी कचरे के निस्तारण तथा वायु प्रदूषण की राेकथाम काे लेकर क्षेत्रीय अधिकारियाें के साथ भिवाड़ी के आरपीसीबी कार्यालय में बैठक की। इस दौरान अधिकारी कचरा निस्तारण पर संताेषजनक जवाब नहीं दे पाए ताे इप्का चेयरमैन ने उन्हें बेहतर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
इप्का चेयरमैन डाॅ. भूरेलाल ने बैठक में रीकाे एसअारएम अनूप सक्सेना से पूछा कि रामपुर मुंडाना स्थित डंपिंग यार्ड की क्या स्थिति है? सक्सेना ने जवाब दिया कि अापकी पहली विजिट के बाद वहां से नगर परिषद के कचरे काे राेक दिया गया है। साइट पर नगर परिषद का 75 प्रतिशत कचरा अाता था। वहां बाउंड्री निर्माण का कार्य भी शुरू करा दिया गया है। माैके पर एमअारएफ सेंटर बनाया जा रहा है, जिसमें सार्थक संस्था का सहयाेग लिया है। इस पर डाॅ. भूरेलाल ने कहा कि वहां नगर परिषद का नहीं अापकी इंडस्ट्री का ही रबर, प्लास्टिक अाैर फाेम था। अगर नगर परिषद का कचरा राेका है, ताे नगर परिषद कहां पर कचरा डाल रही है? सदस्य सुनीता नारायण ने इस बीच कहा कि एक जगह से राेककर दूसरी जगह नगर परिषद कचरा फेंक रही है, इससे समस्या का हल नहीं हाेगा। अधिकारियाें के गाेलमाेल जवाबाें से असंतुष्ट इप्का चेयरमैन ने कहा कि हम अापकी बाताें काे राम वचन नहीं मानेंगे, देखेंगे कि रामपुर मुंडाना की साइट पर क्या हुअा। रामपुरा मुंडाना की साइड पर कचरे के पहाड़ लगे हैं, इसके साथ ही अापके खाली प्लाट में भी कचरे पड़े हुए हैं। कचरे में अाग लग रही है। इप्का सदस्य सुनीता नारायण के वायु प्रदूषण की राेकथाम काे लेकर किए गए सवाल के जवाब में अारपीसीबी के अारअाे विवेक गाेयल कहा कि भिवाड़ी, चाैपानकी अाैर खुशखेड़ा की मेटल, केमिकल अाैर फार्मा इंडस्ट्री की नई इकाइयाें काे सिर्फ पीएनजी से चलाने की अनुमति दी जा रही है।
हिदायत दी-एेसा ना हो कचरे पर बस्ती बस जाए : सुनीता नारायण
इसके बाद टीम रामपुर मुंडाना डंपिंग यार्ड के निरीक्षण के लिए पहुंची। प्रदूषण कंट्राेल बाेर्ड के कार्यालय से बाहर निकलते ही इप्का सदस्य सुनीता नारायण ने दुर्गंध युक्त हवा महसूस की ताे उन्हाेंने अारअाे से पूछा कि गाेयल अाप कैसे इसमें सांस लेते हैं। यहां की हवा काे सुधारने के लिए कुछ करो। इसके बाद टीम रामपुरा मुंडाना स्थित डंपिंग यार्ड पहुंची, यहां भरेेे बारिश अाैर नालाें के पानी काे लेकर रीकाे अधिकारियाें से कहा कि इतनी खतरनाक स्थिति है, यहां पर डंपिंग यार्ड नहीं हाेना चाहिए। कचरे काे दूसरी जगह डालने का प्लान तैयार कराे। कचरे पर बस्ती अाबाद नहीं हाेनी चाहिए। साइंटिफिक प्लान तैयार कराे। डंपिंग साइड के हालात अाैर रास्ते में कचरा मिलने पर इप्का चेयरमैन ने अधिकारियाें से कहा कि कभी इलाके का हाल भी देख लिया कराे। इप्का चेयरमैन ने अधिकारियाें की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अाॅफिस में बैठकर अाराम कर रहे हैं। नगर परिषद द्वारा बनाई गई डंपिंग साइड पर भी कड़ा एेतराज जताया, कहा कि अधिकारियाें काे अाबादी क्षेत्र से दूर कचरा डालना चाहिए।
मेडिकल वेस्ट का दिया प्रेजेंटेशन : बायाे मेडिकल वेस्ट काे लेकर हाॅसविन इनसीनरेटर के प्रबंधक अरविंद भारद्वाज ने अपने प्रेजेंटेशन में जानकारी दी कि अस्पतालों से बायाे मेडिकल वेस्ट काे बार काेड से उठाते हैं। हरेेेेेक अस्पताल की अटेंडेंस बारकाेड से हाेती है। उस बारकाेड का यूनिक अाईडी नंबर है। हमारा माेबाइल एप्लीकेशन अस्पताल पहुंचने पर बारकाेड काे स्कैन करेगा। यलाे, रेड, ब्लू अाैर व्हाइट बैग का अलग बारकाेड हाेगा, जिसमें अलग तरह का वेस्ट हाेता है। मेडिकल वेस्ट का अलवर एमअाईए स्थित प्लांट में 1000 डिग्री पर निस्तारण हाेता है।
रीकाे के डंपिंग यार्ड की दुर्दशा देख माथे से हाथ लगाकर साेचती इप्का सदस्य सुनीता नारायण, साथ में खड़े इप्का चेयनमैन डाॅ. भूरेलाल अाैर अधिकारी।
इप्का चेयरमैन डाॅ. भूरेलाल ने कचरा निस्तारण पर अधिकारियाें काे दी सख्त हिदायत