बिजयनगर

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धर्म की आराधना से जीवन का कल्याण संभव

बिजयनगर|आचार्य प्रवर जिनमणिप्रभ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि संपन्नता में तृप्ति का अनुभव नहीं हो सकता। जहां संतोष...

Danik Bhaskar

Mar 10, 2018, 02:40 AM IST
बिजयनगर|आचार्य प्रवर जिनमणिप्रभ सूरीश्वर महाराज ने कहा कि संपन्नता में तृप्ति का अनुभव नहीं हो सकता। जहां संतोष है वहीं सुख की अनुभूति की जा सकती है। वे शुक्रवार को राजदरबार सिटी में अंजनशलाका महोत्सव के तहत निर्मित वाराणसी नगरी में आयोजित पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव के दौरान सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्म की आराधना करके ही जीवन का कल्याण किया जा सकता है। अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत परमात्मा का जन्म कल्याणक के दर्शन हो रहे हैं। इसे नाटक ना मानें। यह प्रस्तुति परमात्मा के जन्म की फोटो कॉपी है। जिस प्रकार आपकी प्राॅपर्टी या अन्य दस्तावेजों की फोटो प्रति मान्य है। ठीक उसी प्रकार यह भी फोटो प्रति है। महाराज ने इस मौके पर परमात्मा पार्श्वनाथ, ऋषभदेव व महावीर आदि तीन तीर्थंकरों के जीवन से रूबरू करवाते हुए विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान भूमि प्रदाता सोहनलाल तातेड़, बसंंतीलाल काल्या, श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष योगेन्द्रराज सिंघवी, पूर्व अध्यक्ष कैलाशचंद संचेती, उपाध्यक्ष राकेश सांखला, कोषाध्यक्ष पुखराज डांगी, पदमचंद रांका, विमल बुरड़, अशोक टिकल्या, अतुल पाड़लेचा, सम्पतराज बाबेल, महावीर कोठारी, दिलीप मेहता, संजय झंवर, अमित गोखरू, विनय कर्नावट, राजेश बाफना सहित काफी तादाद में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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