बिजयनगर

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मर्यादा व अनुशासन में रहकर जीवन को सुखमय बनाएं

पूज्य खरतरगच्छाधिपति जिनमणिप्रभसूरीश्वर जी म.सा. ने कहा कि मर्यादा एवं अनुशासन में रहते हुए व्यक्ति अपने जीवन को...

Dainik Bhaskar

Mar 11, 2018, 03:50 AM IST
मर्यादा व अनुशासन में रहकर जीवन को सुखमय बनाएं
पूज्य खरतरगच्छाधिपति जिनमणिप्रभसूरीश्वर जी म.सा. ने कहा कि मर्यादा एवं अनुशासन में रहते हुए व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय बना सकता है। वे शनिवार को नाकौड़ा पार्श्वनाथ नूतन जिनालय अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन अनमोल है। इस जीवन को सुखमय बनाने के लिए हमेशा अपनी मर्यादाओं का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने मर्यादापूर्ण जीवन व्यतीत करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाए ठीक उसी प्रकार अपने जीवन को सम्मानजनक बनाए रखने के लिए अनुशासन जरूरी है।

गुरु बनाकर मार्गदर्शन लो : पूज्यश्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक गुरु जरूर बनाना चाहिए। उससे समय-समय पर मार्गदर्शन लेना चाहिए। राम की विजय में उनके गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन का बहुत बड़ा योगदान था। दूसरी ओर रावण समृद्धिशाली होने के बावजूद गुरु के मार्गदर्शन के अभाव में परास्त हुआ। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के उपकारों को भूल जाता है, वह अहसानफरामोश कहलाता है। इसलिए उपकार करने वाले को याद रखो। जरूरत पड़ने पर उसे सहयोग दो। इसका अर्थ यह भी नहीं कि उपकार करने वाला व्यक्ति बार-बार अपने उपकार दूसरे व्यक्ति को याद दिलाए।

वरघोड़ा आज : पूज्य श्री ने बताया कि अंजन शलाका महोत्सव के तहत परमात्मा का भव्य वरघोड़े को गाजेबाजे के साथ सुबह 8 बजे महावीर बाजार स्थित संभवनाथ जैन मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। अंजन शलाका पर महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। साथ ही मंदिर की ध्वजा एवं स्वर्ण कलश व मूलनायक ना कौड़ा पार्श्वनाथ, लब्धि-निधान गौतम स्वामी, नाकौड़ा भैरवदेव, दादा गुरूदेव जिनकुशलसूरी, माता पदमावती, अम्बिकादेवी व जिनकान्तिसूरी गुरूदेव सहित अन्य प्रतिमाओं को विराजमान करने के चढ़ावे भी बोले जाएंगे।

दिनों दिन छोटा पड़ा पांडाल : नाकौड़ा भैरव चालीसा के रचयिता मणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के सानिध्य में आयोजित अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत पूज्य श्री के मुखारबिन्द से जिनवाणी एवं महोत्सव की महिमा का श्रवण करने हजारों लोग उमड़े। राजदरबार सिटी में बनाया गया वाराणसी नगर पाण्डाल छोटा पड़ गया। बाहर खड़े रहकर लोगों ने महाराजश्री के प्रवचन सुने।

बिजयनगर. नाकौड़ा पार्श्वनाथ नूतन जिनालय में शनिवार को अंजनशलाका महोत्सव के तहत प्रवचन पांडाल में मौजूद लोग।

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