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बगैर किसी इजाजत खोद दी शहर की तीन सड़कें, पीडब्लूडी ने दर्ज कराया जलदाय विभाग के खिलाफ मुकदमा

शहरके विकास को लेकर सरकारी महकमों में कोई तालमेल नहीं है। पीडब्लूडी द्वारा सड़क का निर्माण करने के साथ ही जलदाय...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 09, 2018, 04:06 AM IST

शहरके विकास को लेकर सरकारी महकमों में कोई तालमेल नहीं है। पीडब्लूडी द्वारा सड़क का निर्माण करने के साथ ही जलदाय विभाग, डिस्कॉम, टेलीफोन समेत अन्य महकमों की नजर उस पर पड़ जाती है। घरों में नल कनेक्शन लेने या पाइप लाइन ब्रेक हो जाने पर सड़क की खुदाई कर दी जाती है। जिला कलक्टर गौरव गोयल ने तो बाकायदा सड़क की खुदाई करने के लिए गठित की गई समिति से अनुमति लेने का सरकारी फरमान तक जारी कर रखा है। लेकिन सारी बातें हवा हवाई होकर रह गई हैं। जनता काे पाबंद करने वाले सरकारी महकमे के अधिकारी भी इससे अछूते नहीं है। ब्यावर शहर में जलदाय महकमे के अधिकारियों ने बगैर इजाजत के ही एक नहीं बल्कि पीडब्लूडी की तीन सड़कों को खोद डाला। इतना ही नहीं, एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी एक माह पूर्व बनकर तैयार हुई देलवाड़ा सड़क की पटरी को खोद कर तहस-नहस कर दिया गया। बगैर इजाजत के सड़कें खोदने पर पीडब्लूडी ने जलदाय महकमे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया है।

जलदाय विभाग की ओर से अमृत योजना के तहत शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 29 करोड़ की लागत से पाइप लाइन बदलने का कार्य कराया जा रहा है। इसी कार्य के चलते जलदाय विभाग की ओर से कुछ दिनों पूर्व छावनी रोड बिजयनगर रोड पर खुदाई का कार्य किया गया था। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले इन मार्गों की बगैर इजाजत खुदाई कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर कुछ दिनों पूर्व सानिवि की ओर से जलदाय विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सानिवि की ओर से एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद भी जलदाय विभाग की ओर से एक माह पूर्व बनकर तैयार हुई देलवाड़ा रोड की पटरी को खोद दिया गया। जिससे 75 लाख रुपए की लागत से बने देलवाड़ा रोड की हालत फिर से खराब होने का अंदेशा बन गया है।

ब्यावर. देलवाड़ा रोड क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से किया जा रहा पाइप लाइन डालने का कार्य।

आमजन होता परेशान

सरकारीविभागों में आपसी तालमेल का अभाव का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है। हर विभाग के अधिकारी अपना काम करना चाहते है लेकिन इससे होने वाले नुकसान से कोई मतलब नहीं रखते है। यही कारण है कि हाल में ही बनी सड़कों को अमृत योजना, बिसलपुर परियोजना, जलदाय विभाग एवं दूर संचार विभाग ने खोद दिया। बगैर इजाजत खोदी गई शहर की मुख्य सड़कों के चलते इन सड़कों से प्रतिदिन गुजरने वालों को लोगों हो प्रतिदिन परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है।

नहीं मिला जवाब तो की शिकायत

सार्वजनिकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़कों की बगैर इजाजत खुदाई करने के चलते कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की मगर उन्हें इस मामले को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला जिसके बाद विभाग ने स्थानीय पुलिस को सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई।

नहींली इजाजत : सार्वजनिकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने को की गई सड़कों की खुदाई से पूर्व सार्वजनिक निर्माण विभाग से किसी भी प्रकार की इजाजत नहीं मांगी और ना ही उन्हें खुदाई को लेकर कोई सूचना दी गई।

जलदाय विभाग की ओर से शहर में कई स्थानों पर डाली जा रही पाइप लाइन के लिए सड़कों को खोद कर क्षतिग्रस्त कर दिया है। सड़कों की खुदाई से पूर्व तो जलदाय विभाग ने किसी प्रकार की सूचना दी और ही इजाजत मांगी। पीडब्लूडी की ओर से जलदाय विभाग के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायत को लेकर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। एस.एस.सलूजा, सहायक अभियंता, सार्वजनिक वितरण निगम, ब्यावर

अमृतयोजना के तहत कार्य शुरू होने से पूर्व सार्वजनिक निर्माण विभाग को जिन क्षेत्रों में कार्य शुरु होना है उसकी सूची दे दी गई थी। इसके बावजूद भी सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, जिन सड़कों को खोदा गया है उनको दुरुस्त कराए जाने का कार्य कराया जाएगा या रिपेयरिंग का फंड संबंधित एजेंसी को ट्रांसफार्मर कर दिया जाएगा। एम.के.धवल,सहायक अभियंता, जलदाय विभाग,ब्यावर

शहर के निकटवर्ती ग्राम कालियावास में भी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से बीसलपुर परियोजना के तहत पाइप लाइन डालने को लेकर 16 लाख रुपए की लागत से बनी मुख्य सड़क को बगैर इजाजत खोद दिया गया। कुछ माह पूर्व बनी सड़क को खोद दिया गया। सड़क का निर्माण वल्र्ड बैंक के सहयोग से कराया गया था। वल्र्ड बैंक की टीम ने फिलहाल इस मार्ग का सर्वे तक नहीं किया था। इससे पूर्व ही सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सड़क की खुदाई होने की सूचना मिलने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाने के खिलाफ सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

इससे पूर्व भी दूरसंचार विभाग जलदाय विभाग की ओर से शहर के पास वाले गांवों में सार्वजनिक निर्माण विभाग की सड़कों को खोद दिया गया था। जिसके बाद सानिवि की ओर से संबंधित विभागों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

साल 2015 में भी सार्वजनिक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली अतीतमंड, बलाड़, देलवाड़ा, रास-बाबरा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में दूर संचार विभाग की ओर से ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग पानी की पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों को बगैर इजाजत क्षतिग्रस्त कर दिया था। जिसकी शिकायत भी विभाग की ओर से संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई थी।

एक निजी दूरसंचार कम्पनी की ओर से बगैर इजाजत कुछ सालों पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से बनी शहर की मुख्य सड़क को टेलीफोन की केबल डालने के बहाने खोद दिया गया। बगैर इजाजत सड़क की होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सड़क की खुदाई का कार्य रुकवा दिया वहीं, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शहर थाना पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी थी।

सरकारी महकमों में तालमेल का अभाव

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