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विविधता में एकता सिंधियत की पहचान

बिजयनगर| विविधता में एकता सिन्धियत की पहचान है। सिन्धी भाषा दिवस पर भारतीय सिन्धु सभा द्वारा स्थानीय झूलेलाल...

Danik Bhaskar | Apr 11, 2018, 03:50 AM IST
बिजयनगर| विविधता में एकता सिन्धियत की पहचान है। सिन्धी भाषा दिवस पर भारतीय सिन्धु सभा द्वारा स्थानीय झूलेलाल मन्दिर में आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करने वाले वक्ताओं का। सचिव प्रहलाद रायसिंघानी ने संगोष्ठी में सिन्धी भाषा के विकास एवं बोलचाल पर विचार व्यक्त किए। मुख्य वक्ता टीकम हेमनानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति का ऊधगम सिंध प्रांत से होता है एवं भाषा, प्रान्त, सभ्यता भारत देश के अलंकार है। संविधान में 10 अप्रैल 1967 को सिन्धी भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया गया। महिला मंडल अध्यक्ष माया कोरानी, नवयुवक मंडल अध्यक्ष सुरेन्द्र आसवानी, अशोक रामचंदानी, पेसुमल हंसरानी सहित अन्य उपस्थित थे।