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हास्य-व्यंग्य काव्य फुहार में कवियों ने सुनाई रचनाएं

हास्य दिवस के मौके पर रविवार को हास्य-व्यंग्य काव्य फुहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुनियाद साहित्य एवं कला...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:15 AM IST

हास्य-व्यंग्य काव्य फुहार में कवियों ने सुनाई रचनाएं
हास्य दिवस के मौके पर रविवार को हास्य-व्यंग्य काव्य फुहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुनियाद साहित्य एवं कला संस्थान और एन.डी.मॉडर्न स्कूल की ओर से स्कूल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नगर के कवियों ने अपनी हास्य रचनाओं को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ.कृष्णा आचार्य ने मुहं फुलाए जो रहे कभी ना पाए खुशियां। बाबूलाल छंगाणी ने उम्र बंदरबांट में। मीनाक्षी स्वर्णकार ने बरखा की एक बूंद ना समझो शीर्षक से कविताओं की प्रस्तुतियां दी वहीं राजाराम स्वर्णकार, संजय आचार्य वरुण, राजेंद्र स्वर्णकार, विजय धमीजा, इरशाद अजीज, नरसिंह भाटी, पुखराज सोलंकी आदि ने जीवन के सरोकारों को सामने रखती व्यंग्य कविताओं को प्रस्तुत कर दाद बटोरी। कार्यक्रम में कृष्ण वर्मा, मधुरिमा सिंह, कैलाश टाक, हरिकिशन व्यास आदि ने भी काव्य रचनाओं को प्रस्तुत किया। इस मौके पर अतिथि ऋषि कुमार आचार्य और नेमचंद गहलोत ने विचार रखे। प्रारंभ में सुनील गज्जाणी ने स्वागत किया वहीं समापन पर संतोष व्यास ने आभार जताया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्यजन मौजूद थे।

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