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आज दो घंटे काम नहीं करेंगे रेजीडेंट डाक्टर

पीबीएम हॉस्पिटल के रेजीडेंट डाक्टर सोमवार सुबह आठ से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे। वजह, केन्द्र सरकार की ओर से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:20 AM IST

पीबीएम हॉस्पिटल के रेजीडेंट डाक्टर सोमवार सुबह आठ से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे। वजह, केन्द्र सरकार की ओर से लाया गया नेशनल मेडिकल कमीशन बिल। डाक्टर्स का आरोप है इस बिल में संशोधन के बावजूद ऐसी खामियां हैं जिससे न केवल डाक्टर्स के हितों पर चोट पहुंचती है वरन मरीजों का भी अहित होगा। इनमें खासतौर पर ब्रिज कोर्स के जरिये आयुष डाक्टर्स को एलोपैथी प्रेक्टिस का रास्ता खोलना शामिल है। देशभर में हो रहे इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की कड़ी मे ही सोमवार को बीकानेर में कार्य बहिष्कार होगा।

रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.विजयकुमार पूनिया के साथ मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा.आर.पी.अग्रवाल से मिले प्रतिनिधि मंडल ने इस आशय का ज्ञापन सौंपा। प्राचार्य ने ज्ञापन लेने के साथ ही रेजीडेंट्स से आग्रह किया कि वे इमरजेंसी सेवाओं को बाधित न करें। ऐसे में आईसीयू, लेबररूम, ओटी, आपातकालीन इकाई, ट्रोमा सेंटर आदि जगहों पर ड्यूटी नियमित रखने के लिए डाक्टर तैयार हो गए।

दूसरी ओर पीबीएम हॉस्पिटल के सभी सीनियर डाक्टर्स को आउटडोर से लेकर वार्ड तक में सुबह जल्दी ड्यूटी पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। प्राचार्य डा.अग्रवाल के निर्देश पर सभी विभागाध्यक्षों को इसकी सूचना दी गई है।

आज ही बदल रहा है आउटडोर समय

पहले दिन गड़बड़ा सकती है व्यवस्थाएं

हॉस्पिटल्स में गर्मी का टाइम शिड्यूल सोमवार से लागू हो रहा है। इस शिड्यूल के मुताबिक पीबीएम हॉस्पिटल में आउटडोर सुबह नौ की बजाय आठ बजे शुरू होंगे और दोपहर तीन की बजाय दो बजे तक चलेंगे। यही शिड्यूल जिला हॉस्पिटल में भी यही समय रहेगा। दो पारी में चलने वाले स्वास्थ्य केन्द्र और डिस्पेंसरीज में आउटडोर का समय सुबह आठ से 12 और शाम को पांच से सात बजे तक रहेगा। रेजीडेंट्स के कार्य बहिष्कार के चलते नए शिड्यूल के पहले ही दिन पीबीएम हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं गड़बड़ा सकती हैं।

डॉ. शर्मा बोले, किसी पैथी का नहीं बिल का विरोध : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा.महेश शर्मा का कहना है, हम किसी पैथी का विरोध नहीं कर रहे बल्कि एनएमसी बिल का विरोध कर रहे हैं। जो डाक्टर एलोपैथी की एबीसीडी तक नहीं जानते, उन्हें ब्रिज कोर्स करवाकर उपचार के लिए अधिकृत कर दिया जाता है तो यह मरीजों के हित में नहीं होगा।

एनएमसी बिल संशोधनों से डाक्टर्स को आपत्ति

आयुष को एलोपैथी के लिए ब्रिजकोर्स करवाने का निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ना गलत। इस प्रावधान को ही हटाया जाएं।

कमीशन में निर्वाचित सदस्यों की संख्या छह की है। बाकी सदस्य मनोनीत होंगे। इससे ब्यूरोक्रेट्स मनमानी करेंगे।

प्राईवेट कॉलेज को 50 फीसदी सीटों पर फीस का निर्धारण करने की छूट देना गलत।

डाक्टर्स के विरुद्ध हो रही हिंसात्मक घटनाओं को रोकने के लिए कमेटी का गठन नहीं किया गया है।

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