• Home
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • इतने पानी से डेढ़ माह तक बुझती बीकानेर की प्यास
--Advertisement--

इतने पानी से डेढ़ माह तक बुझती बीकानेर की प्यास

इंदिरा गांधी नहर का जितना पानी मलसीसर के जलाशय टूटने से बहा उतने पानी से बीकानेर शहरवासियों की डेढ़ महीने की प्यास...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
इंदिरा गांधी नहर का जितना पानी मलसीसर के जलाशय टूटने से बहा उतने पानी से बीकानेर शहरवासियों की डेढ़ महीने की प्यास बुझ जाती। 44 मिलियन लीटर क्षमता का जलाशय मलसीसर में बना और पहली बार यहां से जलापूर्ति होनी थी।

नहरबंदी से पूर्व जलाशय को भरा गया लेकिन जलाशय टूटने से पूरा पानी बह गया। वह भी तब जब पूरा पश्चिमी राजस्थान एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। बीकानेर के बीछवाल जलाशय में 15 मिलियन लीटर का जलाशय है जिससे करीब 18 दिन तक शहर की प्यास बुझाई जा सकती है। मलसीसर जलाशय बीकानेर से तकरीबन तीन गुना ज्यादा भंडारण क्षमता है। चूंकि अभी इसमें पानी भरा नहीं जा सकता क्योंकि पहले मरम्मत होगी लेकिन अगर वापस इसमें पानी भरने की बात आती तो शायद नहर विभाग के हाथ-पांव फूल जाते क्योंकि इतना पानी का भंडारण अभी तक नहर में नहीं किया गया। नहर के हैड रेग्युलेटर पर पानी जमा किया गया है लेकिन उतना नहीं जितना मलसीसर की क्षमता है। उतने पानी से नहर में जमा किया गया पानी करीब तीन शहरों को दिया जा सकेगा।

नहरबंदी से पूर्व इंदिरा गांधी नहर के पानी से पहली बार भरा गया था मलसीसर का 44 मिलियन लीटर का जलाशय

इधर..बीकानेर के दोनों जलाशयों को सात अप्रैल तक मिल सकता है नहर का पानी

भले ही नहरबंदी शुरू हो गई हो लेकिन पेयजल व्यवस्था को देखते हुए बीकानेर की प्यास बुझाने के लिए शोभासर और बीछवाल जलाशय को पानी करीब सात दिन तक और मिल सकेगा। कंवरसेन लिफ्ट में 70 क्यूसेक पानी चल रहा है जो बीछवाल जलाशय को दिया जा रहा हे। सात दिन बाद नहर विभाग पीएचईडी को पानी नहीं देगा। उसके बाद करीब एक महीने तक पीएचईडी को मौजूद पानी से ही काम चलाना होगा। इसीलिए पीएचईडी नहर से पानी मिलने के तुरंत बाद एक दिन छोड़कर जलापूर्ति करेगा। पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल का कहना है कि जब तक नहर से पानी मिल रहा तब तक कटौती नहीं की जाएगी लेकिन पानी बंद होते ही कटौती शुरू करनी होगी क्योंकि 18 दिन के पानी से करीब 30 दिन तक जलापूर्ति करनी होगी।