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अखबारों में प्रकाशित लेख भी प्रस्तुत किए गए न्यायालय में

पूर्व वर्णित आरोपों के अतिरिक्त अन्य आरोपों इस प्रकार थे- (3) सत्यनारायण सर्राफ और अन्य लोगों में रामस्वरुप शर्मा,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:20 AM IST

पूर्व वर्णित आरोपों के अतिरिक्त अन्य आरोपों इस प्रकार थे- (3) सत्यनारायण सर्राफ और अन्य लोगों में रामस्वरुप शर्मा, सचिव कष्ट निवारक समिति, आगरा के साथ मिल कर एक लेख का प्रारूप तैयार कर उसे सितंबर सन् 1931 के आसपास राज्य एवं उसके बाहर प्रकाशित कर बंटवाया।

(4) अभियुक्तों ने एक मेमोरियल जो बीकानेर राज्य की तरफ से इंडियन नेशनल कांग्रेस को भेजा जाने वाला था, में अन्य बातों के अलावा राज्य सरकार के खिलाफ नफरत पैदा करने वाली बातों का उल्लेख करते हुए, उस पर कुछ राजनैतिक संस्थाओं और जनता के नाम पर हस्ताक्षर करवाने के साथ राजविद्रोह फैलाने वाला आंदोलन तथा पत्र व्यवहार जारी रखा। (5) माह अक्टूबर, सन् 1931 के आसपास राज्य में और राज्य से बाहर राजविद्रोह फैलाने वाले आंदोलन करने के उद्देश्य से ‘त्याग भूमि’ के संपादक हरिभाउ उपाध्याय व अजमेर के ही नृसिंह दास के लिए राज्य में चंदा उगाया। (6) 11 जनवरी, सन् 1932 को चूरू नगर में एक जलसा किया गया जिसमें अभियुक्त गोपालदास ने राजविद्रोह फैलाने वाले शब्दों का प्रयोग किया तथा सोहन लाल व प्यारे लाल ने उपरोक्त जलसे की कार्यवाही का एक प्रारूप तैयार करके ‘प्रिंसली इंडिया’ (दिल्ली) में छपवाने हेतु भेजा, जो उसके दिनांक 27.1.1932 के अंक में प्रकाशित हुआ। यहां पर यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि, अभियुक्तों पर लगाये गे उपर्युक्त आरोपों के पुष्टिकरण के लिए इस्तगासा में ‘प्रिंसली इंडिया’, ‘त्याग भूमि’ तथा ‘रियासत’ अखबारों में प्रकाशित लेख भी न्यायालय में प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किए गए थे। (लगातार)

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