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बीकानेर राज्य की जनजागृति में रही यहां के प्रबुद्ध वर्ग की भूमिका

जहां तक समसामयिक बीकानेर राज्य के प्रबुद्ध वर्ग के रहे राजनीतिक जनजागृति विषयक योगदान का प्रश्न है, हमें इस...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:25 AM IST
जहां तक समसामयिक बीकानेर राज्य के प्रबुद्ध वर्ग के रहे राजनीतिक जनजागृति विषयक योगदान का प्रश्न है, हमें इस यथार्थ को स्वीकार करना होगा कि इसी प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के द्वारा ऐतदविषयक नेतृत्व प्रदान करने का कार्य किया गया था। उल्लेखनीय है कि इसी प्रबुद्ध वर्ग ने जिसे बुद्धिजीवी वर्ग के संबोधन से भी उद्धृत किया जा सकता है, समाज सुधार कार्यों के साथ ही साथ कृषक व्यवसायी वर्ग की आर्थिक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर होने वाले आंदोलनों का नेतृत्व किया था। इसी प्रबुद्ध वर्ग के नेताओं ने संबंधित वर्गों को संगठित करने, उनमें राजनीतिक जन जागृति पैदा करने तथा उत्तरदायी शासन की मांग को लेकर होने वाले आंदोलनों को नेतृत्व प्रदान किया तथा उनमें अपना सक्रिय योगदान दिया था।

यहां पर यह तथ्य विशेष रूप से उल्लिखित किये जाने के योग्य है कि, समसामयिक बीकानेर राज्य में बाबू मुक्ता प्रसाद, सत्यनारायण सर्राफ, सेठ खूबराम सर्राफ, बाबू रघुबर दयाल, वैद्य मघाराम आदि के द्वारा प्रजा परिषद तथा प्रजा मंडल के प्रमुख कार्यकर्ताओं के रूप में समसामयिक बीकानेर राज्य के विविध जन आंदोलनों को नेतृत्व तथा दिशा प्रदान की गई थी।

यहीं वे लोग थे जिन्होंने बीकानेर राज्य में शासक की छात्रछाया में सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक सुधारों को लागू किये जाने की मांग को बुलंद किया था तथा राज्य में उत्तरदायी शासन की मांग को लेकर चले जन आंदोलनों को नेतृत्व प्रदान किया था। ये सभी लोग इसी प्रबुद्ध वर्ग का प्रतिनिधित्व करते थे तथा समसामयिक बीकानेर राज्य के बुद्धिजीवी थे। (लगातार)

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