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रूठी म्हरी को मनाने के लिए हड़ाऊ ने की िमन्नतें

मरु नायक चौक में शृंगार रस पर आधारित हेड़ाऊ मेहरी रम्मत का मंचन हुआ। रम्मत में पति-प|ी के दाम्पत्य जीवन का चित्रण...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:30 AM IST
मरु नायक चौक में शृंगार रस पर आधारित हेड़ाऊ मेहरी रम्मत का मंचन हुआ। रम्मत में पति-प|ी के दाम्पत्य जीवन का चित्रण गीतों व दोहों के माध्यम से हुआ। कथानक कुंभलनेर के ठाकुर हेड़ाऊ, उसकी दो प|ियों हेड़ाऊ मेहरी व सरला नूरसा से संबंधित है। ठाकुर का अपने कर्तव्य के लिए बाहर जाना जरूरी होता है लेकिन उसकी मेहरियां उसे जाने से रोकती है। हेड़ाऊ नहीं मानता और महरियां रूठ कर अपने पीहर चली जाती है। हेड़ाऊ अपने साले नुरसे के माध्यम से उन्हें मनाता है। इसके बाद प्रेम गीत, बेटे के जन्म की खुशियां आदि को गीतों के माध्यम से ऐसा पेश किया कि दर्शक रात भर शृंगार रस की इस रम्मत आ आनंद लेते रहे। माताजी के अवतरण के साथ शुरू हुई इस रम्मत का निर्देशन अजय कुमार देराश्री ने किया।

इन्होंने निभाई रम्मत में भागीदारी : वासु जोशी, खुशालचंद पुरोहित, संजय जोशी, शिव जोशी, पूनमचंद बिस्सा, दीपचंद सेवग, रामदेव सेवग, अशोक सेवग, मनका महाराज, दारसा जोशी, अजय देराश्री, मेघराज जोशी, बलू, रघू, राजेश, राजा जोशी, विष्णु सेवग, राजेश देराश्री, विष्णु सेवग आदि ने भागीदारी निभाई।

मरुनायक चौक में हड़ाऊ म्हरी रम्मत का मंचन करते कलाकार।