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नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017

देशभर में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:15 AM IST

नेशनल 
अचीवमेंट 
सर्वे 2017
देशभर में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की परफार्मेंस अच्छी रही है। लेकिन राज्य के 33 जिलों की रिपोर्ट देखें तो शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी का गृह जिला अजमेर ही तीनो केटेगरी की औसत परफॉर्मेंस में छठे स्थान पर है। जबकि झुंझुनूं और नागौर के विद्यार्थी सबसे होशियार रहे। जयपुर 5वें और बीकानेर 10वें नंबर पर रहा है। यह सर्वे पिछले साल हुआ था। वर्ष 2018 में देशभर में 10वीं के विद्यार्थियों का भी बौद्धिक सर्वे हुआ है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।

देशभर की सरकारी स्कूलों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का नेशनल अचीवमेंट सर्वे 13 नवंबर 2017 को हुआ था। बच्चों का बौद्धिक स्तर परखने के लिए एनसीईआरटी ने राजस्थान के 33 जिलों में इन तीनों कक्षाओं के एक लाख 169 बच्चों की परीक्षा ली थी। यह सर्वे रिपोर्ट हाल ही में शिक्षा मंत्री ने जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार तीसरी में 82 और पांचवीं में 77 प्रतिशत के साथ झुंझुनूं तथा आठवीं में 74 प्रतिशत के साथ नागौर के छात्रों ने बाजी मारी है।

शिक्षा मंत्री देवनानी का गृह जिला छठे पायदान पर, नेशनल स्तर पर हमारी परफॉरमेंस अच्छी

यूं समझें एनएएस सर्वे में हम राष्ट्रीयस्तर पर से कैसे रहे आगे (आंकड़े % में)

कक्षा : 3

77

73

65

पर्यावरण

शिक्षक

5083

72

68

हिन्दी

विद्यार्थी

31807

गणित

स्कूल

1969

कक्षा : 5

64

70

57

पर्यावरण

शिक्षक

5123

ग्राफिक्स : सुरेन्द्रसिंह राठौड़

69

65

58

हिन्दी

विद्यार्थी

29544

गणित

स्कूल

1954

कक्षा : 8

53

टॉप थ्री में इन जिलों के बच्चे (आंकड़े % में)

कक्षा : 3

82 झुंझुनूं

80 धौलपुर

80 जयपुर

कक्षा : 5

77 झुंझुनूं

77 नागौर

76 धौलपुर

कक्षा : 8

74 नागौर

73 धौलपुर

70 दौसा

13 फीसदी स्टूडेंट्स नहीं समझते टीचर्स की बात : राज्य की स्कूलों में पढ़ने वाले आठवीं कक्षा के 13 फीसदी स्टूडेंट्स क्लास में टीचर्स की बात नहीं समझ पा रहे हैं। वहीं पांचवीं और तीसरी कक्षा में यह आकड़ा 17 और 21 फीसदी है। यानि आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले 87 फीसदी 5वीं कक्षा में 83 फीसदी और तीसरी कक्षा में 79 फीसदी बच्चे टीचर्स की ओर क्लास में क्या पढ़ाया जा रहा है उसे पूरी तरह से समझ रहे हैं।

सर्वे स्टूडेंट्स के क्षमतावर्धन और समझने की शक्ति पर आधारित था। जिसमें राज्य के बच्चों का बेहतर प्रदर्शन पिछले तीन सालों में शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवाचार सहित संस्था प्रधान और पीईईओ की मेहनत का नतीजा है। -नथमल डिडेल, निदेशक, प्राशि

सर्वे में बीकानेर पिछड़ा है। अगले सर्वे में ऐसा नहीं होगा। बीकानेर संभाग की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए नए सत्र में कार्य योजना बनाकर कार्य किया जाएगा। -महावीर सिंह पूनिया, उपनिदेशक, बीकानेर मंडल, माध्यमिक

सर्वे स्टूडेंट्स के क्षमतावर्धन और समझने की शक्ति पर आधारित था। जिसमें राज्य के बच्चों का बेहतर प्रदर्शन पिछले तीन सालों में शिक्षा के क्षेत्र में हुए नवाचार सहित संस्था प्रधान और पीईईओ की मेहनत का नतीजा है। -नथमल डिडेल, निदेशक, प्राशि

सर्वे में बीकानेर पिछड़ा है। अगले सर्वे में ऐसा नहीं होगा। बीकानेर संभाग की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए नए सत्र में कार्य योजना बनाकर कार्य किया जाएगा। -महावीर सिंह पूनिया, उपनिदेशक, बीकानेर मंडल, माध्यमिक

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