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भामाशाह योजना के नए प्रावधानों से बिगड़े हालात, कई सीएचसी में एक भी रोगी भर्ती नहीं

जसरासर, महाजन, मोमासर, कोलायत आदि ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र यानी सीएचसी हैं जिनमें पूरे महीने में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:35 AM IST

जसरासर, महाजन, मोमासर, कोलायत आदि ऐसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र यानी सीएचसी हैं जिनमें पूरे महीने में इक्का-दुक्का रोगियों को भर्ती कर भामाशाह योजना में फ्री इलाज किया गया है। आंकड़े देख हैरान स्वास्थ्य एवं प्रशासन के अधिकारी अब न केवल इन हॉस्पिटल के स्वास्थ्य मार्गदर्शक से लेकर बाकी जिम्मेवार कर्मचारियों-डाक्टर्स को नोटिस देने की तैयारी कर रहे हैं वरन खामियों की समीक्षा भी हो रही है। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा की नई योजना लांच हुए लगभग दो महीने हो रहे हैं। जनवरी महीने में जब इस योजना के लाभान्वितों की गिनती करने बैठे तो हैरानी हुई। जिले के अधिकांश ग्रामीण हॉस्पिटलों में बीते साल की तुलना में आधे या इससे भी कम भामाशाह रोगी रिपोर्ट हुए। जिले की 13 सीएचसी एवं जिला हॉस्पिटल में से पांच हॉस्पिटल ऐसे हैं जिनमें पैकेज्ड अप्रूव्ड होने वाले मरीजों की आंकड़ा दहाई के अंक में भी पहुंचा। इनमें से मोमासर, महाजन पीएचसी ऐसी हैं जहां एक भी क्लेम नहीं। कोलायत में एक, जसरासर में दो और पांचू में पांच ही रोगियों का इस योजना में इलाज होना सामने आया। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के नए प्रावधानों में कई पेचीदगियां है। हॉस्पिटल पहुंचने वाला रोगी उसी तारीक में भामाशाह एवं पहचान कार्ड जमा नहीं करवा पाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

कई हॉस्पिटलों में चिंतनीय हालात, कर्मचारियों को नोटिस

सीएमएचओ बोले- कार्रवाई होगी

सीएमएचओ डा.देवेन्द्र चौधरी का कहना है, कुछ सीएचसी की रिपोर्ट कमजोर है। यह रिपोर्टिंग में फर्क है या वास्तव में हालात ऐसे हैं यह पता लगाया जा रहा है। रोगी कम रिपोर्ट-क्लेम हुए हैं तो इसकी वजह जानकर खामियां भी दूर करेंगे। कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई होगी।

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