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संस्कृत वैज्ञानिक भाषा, बोलचाल की भाषा में विकसित करने की जरूरत

Bikaner News - संस्कृत वैज्ञानिक भाषा और ज्ञान का भंडार है। इस भाषा को बोलचाल की भाषा में विकसित करने की जरूरत है। यह कहना था...

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 03:45 AM IST
संस्कृत वैज्ञानिक भाषा, बोलचाल की भाषा में विकसित करने की जरूरत
संस्कृत वैज्ञानिक भाषा और ज्ञान का भंडार है। इस भाषा को बोलचाल की भाषा में विकसित करने की जरूरत है। यह कहना था केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल का। मेघवाल रविवार को वेटरनरी सभागार में संस्कृत भारती की ओर से आयोजित एक दिवसीय संस्कृत जन-पद सम्मेलनम् में मुख्य अतिथि के रुप में विचार व्यक्त कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने संस्कृति के चार मूल तत्वों पर विचार रखते हुए कहा कि संस्कृत हमें संस्कारवान बनाती है। इस दौरान नगर विकास न्यास के सचिव आर.के.जायसवाल ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भाषाएं लोक संपर्क के कारण ऊर्जा प्राप्त करती है और समृद्ध होती है। इस मौके पर संस्था के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हुलास चंद ने कहा कि विश्व की बहुत सी समस्याओं का निवारण संस्कृत के वाक्य वसुधैव कुटुम्बकम में निहित है। सम्मेलन के दौरान प्रांतीय महामंत्री तगसिंह राजपुरोहित ने सम्मेलन के उद्देश्य और महत्ता की जानकारी दी। इस मौके पर साहित्यकार रवि पुरोहित की राजस्थानी काव्य कृति के संस्कृत अनुवाद का लोकापर्ण किया गया। वहीं संस्कृत भाषा के व्याख्याताओं का सम्मान किया गया। सम्मेलन का संयोजन मानाराम चौधरी ने तथा समापन पर आभार जेठानंद ने जताया। इससे पूर्व विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में काव्यपाठ और लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी।

संस्कृत जन पद सम्मेलनम् में नृत्य की प्रस्तुति देती छात्राएं।

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