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शहर में सफाई ठप, निगम के 50 फीसदी कार्मिक छुट्टी पर

रामदेवरा मेले का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। नगर निगम के पुराने करीब 1100 में से आधे सफाई कर्मचारी छुट्टी पर...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:50 AM IST
रामदेवरा मेले का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। नगर निगम के पुराने करीब 1100 में से आधे सफाई कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं। शेष जाने की तैयारी में हैं। अधिकांश कलेक्शन सेंटरों से कचरा तक नहीं उठा। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।

हर साल रामदेवरा मेले पर नगर निगम के अधिकांश सफाई कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते हैं। निगम से एडवांस पैसा भी लेते हैं, लेकिन आयुक्त ने इस बार उन्हें एडवांस राशि देने से मना कर दिया। सोमवार से पचास फीसदी कर्मचारी छुट्टी पर मेले में चले गए। जो बच गए उनमें से भी ज्यादातर मेलों में जाने की तैयारी कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों के छुट्टी पर चले जाने का असर शहर में दिखने लगा है। तीन दिन में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। गोगागेट, अणचाबाई हॉस्पिटल, त्यागी वाटिका सहित अनेक स्थानों पर कचरे के ढेर सड़ान मार रहे हैं। गली, मोहल्लों में झाड़ू तक नहीं लगी। हालात ये हैं कि कर्मचारी के साथ-साथ आयुक्त प्रदीप गवांडे भी छुट्टी पर हैं। उनका चार्ज उपायुक्त पश्चिम ताज मोहम्मद के पास है, जो श्रीगंगानगर के दौरे पर हैं। निगम प्रशासन ड्यूटी पर मौजूद सफाई कर्मचारियों से शहर के सभी हिस्सों की सफाई कराने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाया है।

बीकानेर की एतिहासिक धरोहर गोगागेट कचरे से अटा। गंदगी के कारण तीन में से एक गेट से आवागमन बंद।

ट्रैक्टर भी घटे, कचरा डालने के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी

शहर में कचरा कलेक्शन का काम करने वाले ट्रैक्टरों की संख्या भी घटकर 15 रह गई है। ठेकेदार के कर्मचारी भी मेले में जा चुके हैं। ऐसे में बचे हुए ट्रैक्टरों से पूरे शहर का कचरा नहीं उठ पा रहा है। बुधवार को खतूरिया कॉलोनी स्थित खान में कचरा डालने पर फिर से विवाद हो गया। निगम के अधिकारियों जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने जा पहुंचे। वहां से पुलिस कर्मियों को लेकर मौके पर गए। पास-पड़ोस में रहने वाले लोगों से बातचीत की। उसके बाद वहां कचरा डाला जा सका। निगम अधिकारियों ने थाने में परिवाद देकर कचरा डंप करने के लिए सुरक्षा की मांग की है। उधर, ठेकेदार शंकर चांडक का कहना है कि जब तक स्थाई रूप से डंपिंग स्टेशन का स्थान तय नहीं होगा, यह समस्या कायम रहेगी।

मृत पशु सड़क पर डालते हैं

सुदर्शना नगर क्षेत्र में घड़सीसर मार्ग पर मृत पशु डालने से पूरा क्षेत्र सड़ांध मार रहा है। लोगों का कहना है कि मृत श्वान, बछड़े सड़क पर फेंके जा रहे हैं। मृत पशुओं को लेकर ठेकेदार के ट्रैक्टर भी इसी मार्ग से निकलते हैं, लेकिन सड़क पर पड़े मृत पशुओं को नहीं उठा रहे।

पुराने 1100 सफाई कार्मिकों में से आधे छुट्टी पर, शेष के जाने की तैयारी, कचरा कलेक्शन का काम भी प्रभावित



निगम में 1458

सफाई कर्मचारी

नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की संख्या 1458 है। इनमें से 388 नए कर्मचारी हैं। छुट्टी पर जाने वालों में सबसे अधिक संख्या पुराने कार्मिकों की ही है। करीब दो सौ कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी ड्यूटी सफाई के अलावा अन्य कार्यों में लगी हुई है। रामदेवरा मेला अभी शुरू हुआ है। पूनरासर बाबा और सियाणा भैरु जी का मेला भी है। उनमें भी बड़ी संख्या में लोग जाते हैं। शहर भी लगभग आधा खाली हो जाता है। ऐसे में निगम को सफाई व्यवस्था सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक उपाय करने होंगे।