बीकानेर / 14.5 किमी ट्रैक बनने पर बाईपास पूरा हो सकता है: कल्ला

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 12:49 PM IST



infrastructure planning for railway services in bikaner 2019 rajasthan
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infrastructure planning for railway services in bikaner 2019 rajasthan

 

  • एक किमी ट्रैक पर 10 करोड़ खर्च आएगा : रेलवे 

बीकानेर | कोटगेट रेल फाटकों की समस्या का समाधान करने के लिए भाजपा सरकार पांच साल सक्रिय रही। बजट मंजूर हो गया, लेकिन अंत में हार्ईकोर्ट की रोक लग जाने पर मामला एकबारगी ठंडा पड़ गया है। अब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने एक बार फिर चर्चा छेड़कर इस मुद्दे को हवा दे दी है। 
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को इस बाबत बुलाई बैठक में डॉ. कल्ला ने कहा, रेल बाईपास के 26.5 किमी मार्ग पर लालगढ़ से नाल तक रेलवे ट्रैक बन चुका है। अब 14.5 किमी नाल से गाढ़वाला तक का काम ही बाकी है। इसके बनने पर बाईपास का कार्य पूरा हो सकता है। इस पर डीआरएम एके श्रीवास्तव ने जबाव दिया, एक किमी ट्रैक बिछाने का खर्च दस करोड़ आता है। कल्ला ने कहा, रेलवे सर्वे कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए। प्रशासन और सरकार सहयोग के लिए तैयार है। बैठक में रेलवे ट्रैक और फाटकों की समस्या से निपटने के लिए बाईपास और दूसरे विकल्पों पर फायदे-नुकसान के आधार पर चर्चा की गई। डॉ. कल्ला ने कहा कि रेलवे की विस्तार योजना में ट्रैक का विद्युतीकरण और डबल लाइन प्रस्तावित है। ऐसी स्थिति में शहर से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक उपयुक्त नहीं है। इस ट्रैक के आसपास की बस्तियों के मकानों को खतरा होने से जन-धन की हानि हो सकती है। फाटकों से आमजन लंबे समय से परेशान है। पूर्व में स्वीकृत एलिवेटेड रोड के लिए सर्वे बाद बजट आवंटन के बावजूद तत्कालीन सरकार रेलवे के साथ एमओयू नहीं कर सकी, जिससे काम शुरू नहीं हो सका। डॉ. कल्ला ने कहा कि रेलवे भी बाईपास बनाए जाने के विकल्प पर सहमत है। कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने प्रशासन का पक्ष रखते कहा, बाईपास के लिए भूमि उपलब्ध करवा दी जाएगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त डॉ.प्रदीप.के गंवाडे, एनएचएआई, आरएसआरडीसी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। विदित रहे रेल बाईपास की मांग लंबे समय से चली आ रही है। वर्ष 1991 में इसके लिए पहली बार 60 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे। 

 

बीकानेर से नागौर के बीच रेल फाटकों की समस्या 
मंत्री ने बताया कि एनएच पर बीकानेर से नागौर रूट पर आने वाले 5 रेलवे फाटकों की समस्या का शीघ्र समाधान किए जाने के लिए केंद्र के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। यहां ब्रिज बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर पूर्व में भेजे गए थे, लेकिन उन्हें अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। पूरे प्रकरण को राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के एक अधिकारी को अलग से लगाया जाएगा, जो केंद्र और राज्य सरकारों के बीच कोऑर्डिनेशन का काम करेगा। 

 

दो अंडरब्रिज बनेंगे, रानी बाजार के लिए मंजूरी मिल चुकी है 
कैबिनेट मंत्री डॉ.बीडी कल्ला ने रानी बाजार रेलवे क्रासिंग और लालगढ़ गुरुद्वारे के पास दो अंडरब्रिज का निर्माण शीघ्र शुरू करने की बात कही। रानीबाजार अंडरब्रिज पर 5.50 करोड़ और लालगढ़ के पास बनने वाले अंडरब्रिज पर 3.40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रानी बाजार अंडरब्रिज की स्वीकृति भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले ही जारी कर दी थी, लेकिन मामला रेलवे में अटका हुआ है। 

 

प्रजेंटेशन भी दिए 
बीकानेर व्यापार एसोसिएशन के सचिव उमेश मेहंदीरत्ता ने बैठक में रेल बाईपास पर प्रजेंटेशन देते हुए एलिवेटेड रोड के विकल्प को गलत बताया। बीकानेर सिटीजन एसोसिएशन के अमर बिस्सा और सत्यवीर जैन ने करीब ढाई हजार करोड़ की लागत से टनल प्रोजेक्ट की जानकारी दी। 

 

उधर, भाजपा का विरोध 
भाजपा नेता विष्णु पुरी का कहना है कि 28 साल से बाईपास का राग कांग्रेस अलाप रही है। यह पॉसिबिल होता तो रेलवे अब तक बना चुका होता। कांग्रेस राज आने पर नेता हर बार यह मुद्दा उठाकर जनता को ठगते हैं। अब तक जनता को एलिवेटेड का लाभ मिलने लगता यदि कोर्ट में मामला नहीं जाता। 

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