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सफाई कर्मचारियों के आवेदन पत्रों की छंटनी शुरू, अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी जारी करने का आरोप

नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के आवेदन पत्रों की छंटनी का काम शुरू हो गया है। इसके लिए चार दल बनाए गए हैं। उधर,...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:10 AM IST

सफाई कर्मचारियों के आवेदन पत्रों की छंटनी शुरू, अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी जारी करने का आरोप
नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के आवेदन पत्रों की छंटनी का काम शुरू हो गया है। इसके लिए चार दल बनाए गए हैं। उधर, आवेदन पत्रों के साथ लगाए अनुभव प्रमाण पत्रों की प्रामाणिकता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

राजस्थान सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने निगम आयुक्त से मिलकर कहा है कि केवल उन्हीं संस्थाओं के अनुभव प्रमाण पत्र वैध माने जाएं, जिन्होंने नगर निगम में अनुबंध के आधार पर सेवाएं दी हैं। उन्होंने 17 ऐसी संस्थाओं के नाम बताए हैं, जो समय-समय पर निगम में अनुबंध के तौर पर काम कर चुकी हैं। शिवलाल तेजी, ज्ञानप्रकाश बारासा, रतनलाल चांवरिया ने कहा है कि इन 17 संस्थाओं व फर्मों ने निगम में संवेदक व प्लेसमेंट एजेंसी के रूप में काम किया है। आरोप लगाया है कि अनुभव प्रमाण पत्र एनजीओ, एजेंसियां, मॉल, स्कूल, प्रहरी संस्थान आदि से फर्जी जारी किए गए हैं। गहनता से जांच के बाद भी आवेदन पत्र लाटरी प्रक्रिया में शामिल करने की मांग आयुक्त से की है।

सफाई कर्मियों की भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्रों को लेकर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन।

बाल्मीकि समाज के लोगों ने दी कोर्ट में जाने की चेतावनी

सफाई कर्मचारियों की भर्ती में सामान्य वर्ग के पदों को शामिल करने पर रोष

बीकानेर | नगरीय निकायों में सफाई कर्मचारियों की भर्ती में सामान्य वर्ग के पदों का मामला गरमाने लगा है। बाल्मीकि समाज इसे लेकर नाराज हैं। आरोप है कि सरकार ने चुनावी साल को देखते हुए आनन फानन में बिना नियम कानून भर्ती थोप दी है।

कंप्यूटर चयनित सफाई कर्मचारी संगठन अध्यक्ष सुरेश बिखरनिया की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई एक बैठक में इस मुद्दे पर चिंता जताई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि इससे मूल सफाई कर्मचारी बाल्मीकि समाज पर बढ़ाव बढ़ेगा। समाज के लोगों को शारीरिक व आर्थिक रूप से शोषण होगा। सामान्य वर्ग के कर्मचारी सड़क पर झाडू, नालियों की सफाई आदि काम नहीं करेंगे। निगम की सरकारी कुर्सियों पर बैठेंगे या अफसरों के बंगलों पर एडजेस्ट हो जाएंगे। सरकार समय रहे नहीं चेती तो हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। बैठक में एडवोकेट विनोद सिसोदिया, महेन्द्र चांवरिया, अशोक चंद्रा, सुनील, सुभाष, ज्ञान प्रकाश, राजेश दीवान आदि मौजूद थे।

उधर, अखिल भारतीय महादलित मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश राजस्थानी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधीन चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के तीन स्वीकृत पदों में से अनुसूचित जाति वर्ग के पद स्वीकृत नहीं करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

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