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कलश यात्रा में शामिल हुए हर उम्र के भक्त पूजन कर शुरू की श्रीमद् भागवत कथा

मानव धर्म प्रचार सेवा संस्थान की ओर से पारीक चौक में गुरूवार को श्री मद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन प्रारंभ किया...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:10 AM IST

कलश यात्रा में शामिल हुए हर उम्र के भक्त पूजन कर शुरू की श्रीमद् भागवत कथा
मानव धर्म प्रचार सेवा संस्थान की ओर से पारीक चौक में गुरूवार को श्री मद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन प्रारंभ किया गया।

कथा वाचक बालसंत श्री छैलबिहारी महाराज ने भागवत की महत्ता बताते हुए भागवत कथा को जीवन में संस्कार जाग्रत करने का सहज और सरल माध्यम बताया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भागवत का श्रवण पुण्यों के प्रताप के कारण ही प्राप्त होता है। कथा प्रारंभ से पूर्व सचेतन झांकियों के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौजूद थे। इस दौरान दयालदास दड़िया, शिव पांडिया अन्यों ने भागवत आरती की। वहीं दूसरी ओर वल्लभ गार्डन कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन जारी रहा। स्वामी शिवज्योतिषानंद जिज्ञासु महाराज ने भागवत कथा का वाचन करते हुए भागवत कथा की महिमा और भगवान की लीलाओं के प्रसंग सुनाए।

पारीक चौक से निकली कलश यात्रा में शामिल महिलाएं और युवतियां।

निस्वार्थ भाव की भक्ति से ही मिलती है श्रेष्ठता

बीकानेर. परमात्मा की भक्ति निस्वार्थ भाव से की जाए तो जीवन में निश्चित रुप से श्रेष्ठता का संचार होता है। मन में श्रद्धा और समर्पण के संस्कार जाग्रत करने पर ही हम परम की प्राप्ति कर सकते है। यह कहना था महंत क्षमाराम जी महाराज का। गुरूवार को पुरानी जेल रोड स्थित खरनाड़ा मैदान में ब्राह्मण स्वर्णकार सत्संग समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा और रामचरित मानस पाठ आयोजन के दौरान महंत क्षमाराम जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन को अलौकिक बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन का प्रत्येक प्रसंग प्रेरक है। कथा के दौरान उन्होंनें अंहकार को जीवन के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि अंहकार से दुर्गुण उत्पन्न होते है और दुर्गुण मनुष्य के संस्कारों को खत्म करते है। कथा में श्रद्धालुओं ने सस्वर मानस पाठ कर रामायण आरती की।

भक्तों की पुकार पर दौड़े चले आते है भगवान

बीकानेर. सच्चे मन से भगवान को पुकारने पर वे भक्तों के कष्टों को दूर करने दौड़े चले आते है। निस्वार्थ भाव से भगवान से की गई प्रार्थना को पूरी करने के लिए भगवान पल भर की भी देरी नहीं करते। ये कहना था पं.रामकुमार जोशी का। वैद्य मघाराम कॉलोनी स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में आयोजित नानीबाई रो मायरो कथा के दूसरे दिन कथावाचक पं.जोशी ने नरसी मेहता की अनन्य भक्ति के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि नरसी मेहता सहज और सरल मन के ऐसे भक्त थे जिनकी प्रार्थना पर भगवान कृष्ण ने मायरा भर दिया और भक्त की लाज बचाई। मंदिर पुजारी बंशीलाल स्वामी ने बताया कि कथा के दौरान सचेतन झांकियां सजाई गई। इस मौके पर बालसंत प्रज्ञानंद महाराज ने भी भक्ति को सर्वोपरि बताया। कथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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