राजस्थान / बीकानेर में पहली बार ऑपरेशन, मरीज को खर्राटे आने बंद हुए



patient stops snoring after successful operation
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patient stops snoring after successful operation

  • ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया की यूपीपीपी सर्जरी की डा. पुष्पेन्द्र सिंह ने

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 11:16 AM IST

बीकानेर। खर्राटे यूं तो सामान्य माने जाते हैं और इसे बीमारी भी नहीं समझा जाता लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि खर्राटे इतने खतरनाक होते है कि जटिलता बढ़ने के साथ कई बीमारियों के कारण होते हुए जानलेवा स्थिति तक भी पहुंच सकते हैं। खर्राटों से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए कई उपाय तो आए ही हैं ऑपरेशन भी होने लगे हैं। ऐसा ही एक ऑपरेशन बीकानेर में हुआ है। सर्जरी करने वाले कोठारी हॉस्पिटल के डा. पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत का दावा है कि ढाई घंटे लंबे ऑपरेशन के बाद रोगी अब ठीक है। 


डा. शेखावत के मुताबिक, गंभीर खर्राटों से पीड़ित नोहहर के सागरराम को मशीन पर सुलाकर स्लीप स्टडी की गई तो पता चला कि नींद के दौरान श्वांस में रुकावट अाती है यानी ऑब्सिट्रक्टिव स्लीप एप्निया है। इसका पुख्ता इलाज यूपीपीपी सर्जरी है। बीकानेर में पहली बार यह सर्जरी करने का निर्णय लिया और ऑपरेशन में कॉब्लेशन मशीन का उपयोग किया। इस मशीन का उपयोग करने से खून कम बहता है और दर्द भी कम होता है।
 
ऑपरेशन के बाद एक सप्ताह तक मरीज को भर्ती कर ऑब्जर्व किया। खर्राटे बंद होने की पुष्टि के साथ अब छुट्टी दी गई है। हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डा. ओपी श्रीवास्तव का कहना है, अब ऐसे से ऑपरेशन नियमित होते रहेंगे जिससे बीकानेर संभाग के मरीजों को कहीं बाहर नहीं जाना पड़े।
 
क्या है स्लीप एप्निया 
 

खर्राटों को चिकित्सकीय भाषा में स्लीप एप्निया कहते हैं। जिसे यह बीमारी होती है वह बेचैन, थका-थका रहता है। दिन में भी नींद लेता है। कई बार हालात यहां तक पहुंच जाते हैं कि नींद में श्वांस रुकने लगती है, जिसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया कहते हैं। इससे दिल की बीमारी, डायबिटीज तक हो सकती है। 
 

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