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पीबीएम में मरीजों की आफत : जनाना, मेडिसिन विभाग के बाद अब टीबी हॉस्पिटल का वार्ड खाली करवाया

शहर में अभी एक भी बारिश ऐसी नहीं हुई जिसे मूसलाधार कहा जा सके।

Danik Bhaskar | Jul 16, 2018, 06:30 PM IST

बीकानेर. शहर में अभी एक भी बारिश ऐसी नहीं हुई जिसे मूसलाधार कहा जा सके। इसके बावजूद जहां सीवरेज, लाइट जैसी व्यवस्थाओं की पोल खुल रही है वहीं पीबीएम हॉस्पिटल के जर्जर वार्ड भी मरीजों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। रविवार को हॉस्पिटल का एक और वार्ड खाली करवाया गया है। ऐसे में अब तक खतरे वाले तीन वार्ड खाली करवाए जा चुके हैं।

- टीबी हास्पिटल के एक वार्ड की छत से पानी टपकने की सूचना के बाद शनिवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इसका मुआयना किया। प्राथमिक तौर पर इसे मरीजों के लिए खतरनाक बताया। ऐसे में हॉस्पिटल प्रशासन ने आनन-फानन में वार्ड खाली करने के आदेश दिए। यहां भर्ती 15 रोगियों को दूसरे वार्ड में भेजा गया। ऐसे में हॉस्पिटल के लगभग सारे वार्ड फुल हो गए और अस्थमा वार्ड में भी टीबी के कुछ रोगियों को रखे जाने की जानकारी आई है। इसी हॉस्पिटल में पहले भी एक वार्ड की छत गिर चुकी थी। एक हॉल बनकर तैयार है जहां मरीजों को रखा जा सकता है लेकिन अभी तक वहां लाइट और पंखे नहीं लगे हैं।

- विभागाध्यक्ष डा.गुंजन सोनी का कहना है, ऐहतियात के तौर पर वार्ड खाली करवाया है। जल्द मरम्मत करवाकर दुरुस्त करवा लेंगे इससे पहले पीबीएम मुख्य भवन में क्यू वार्ड की छत से पानी टपकने लगा।

- जनाना हॉस्पिटल के इस सर्जरी वार्ड को खाली करवाकर रोगियों को दूसरी जगह भेजा तो पता चला कि इसी के नीचे बने मेडिसिन विभाग के जे-वार्ड में भी ऊपर का वार्ड धंसने से खतरा हाे सकता है। ऐसे में उसे भी खाली करवाया गया है।

जांच प्रभावित

- आई-ईएनटी हॉस्पिटल परिसर के स्किन डिपार्टमेंट भी मरीजों की मशीन से होने वाली जांच या बायप्सी लेने का काम इसलिए बंद है क्योंकि कमरे में सीलन और पानी है। करंट का खतरा बना रहता है। कमरा तो ठीक नहीं हुआ अब यहां से मशीन शिफ्ट की गई है।
- क्यू और जे वार्ड पहले खाली करवा लिए थे अब टीबी हॉस्पिटल का एक वार्ड खाली करवाकर रोगियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया है। जहां तक संभव होगा इन्हें जल्द दुरुस्त करवाएंगे लेकिन प्राथमिकता रोगियों को खतरे से बाहर लाना है। स्किन डिपार्टमेंट की जांच मशीन के कमरे में पानी की जानकारी पहले नहीं मिली। पता करवाकर उसका समाधान करवाएंगे। डा.पी.के.बैरवाल, सुपरिंटेंडेंट पीबीएम हॉस्पिटल