जांभाेजी मानवता के सच्चे उपासक, उनके उपदेशाें में सर्वजन हित का संदेश: डाॅ.कल्ला

Bikaner News - जब-जब धर्म की हानि हुई तब-तब भगवान ने अवतार लिया। जांभाेजी मानवता के सच्चे उपासक थे। जांभाेजी के संदेशाें काे...

Nov 11, 2019, 07:30 AM IST
जब-जब धर्म की हानि हुई तब-तब भगवान ने अवतार लिया। जांभाेजी मानवता के सच्चे उपासक थे। जांभाेजी के संदेशाें काे अात्मसात कर हम जीवन काे श्रेष्ठ बना सकते है। यह कहना था ऊर्जा मंत्री डाॅ.बी.डी.कल्ला का। डाॅ.कल्ला रविवार काे दाे दिवसीय जांभाणी विषयक संगाेष्ठी के शुभारंभ अवसर पर विचार व्यक्त कर रहे थे। जांभाणी साहित्य अकादमी, डूं्गर महाविद्यालय अाैर साहित्य अकादमी उदयपुर की अाेर से अकादमी सभागार में डाॅ.बी.डी.कल्ला, विधायक बिहारी लाल विश्नाेई, कुलपति प्राे.भगीरथ सिंह अाैर डाॅ.सरस्वती विश्नाेई ने संगाेष्ठी का उद्घाटन किया। इस माैके पर विधायक बिहारी लाल विश्नाेई ने जांभाेजी के सिद्धांताें काे ग्रहण करने का अाह्वान किया। कुलपति प्राे.भगीरथ सिंह ने बताया कि जांभाेजी के संदेशाें में सर्वजन कल्याण के भाव विद्यमान है। अायाेजन सचिव डाॅ.इंद्रा विश्नाेई ने बताया कि संगाेष्ठी के प्रारंभ में अकादमी सचिव डाॅ.सुरेंद्र खीचड़ ने स्वागत करते हुए अकादमी के कार्याें की जानकारी दी। संरक्षक डाॅ.सरस्वती विश्नाेई अाैर डूंगर काॅलेज प्राचार्य डाॅ.सतीश काैशिक ने संगाेष्ठी की महत्ता बताई। डाॅ.जगदीश गिरी ने जांभाेजी के अादर्शाें की जानकारी दी। इस माैके पर शाेध सारांशिका के विमाेचन के साथ ही स्वामी कृष्णानंद अाचार्य की लिखी पुस्तक उदाे जी अडिग की वाणी का विमाेचन किया गया। वहीं डाॅ.श्याम सुंदर ज्याणी का सम्मान भी किया गया। समापन पर डाॅ.शालिनी मूलचंदानी ने अाभार जताया। पहले दिन दाे तकनीकी सत्राें का अायाेजन किया गया। जिनमें शाेध पत्राें का वाचन किया गया।

जांभाणी विषयक दाे दिवसीय संगाेष्ठी अारंभ, जांभाेजी के संदेशाें काे अात्मसात करने का अाह्वान

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