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छह दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए अजीत सिंह ने भी तोड़ा दम

एक वर्ष पहले
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छह दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए अजीतसिंह ने शुक्रवार की शाम को करीब आठ बजे बाद दम तोड़ दिया है। सीओ नेमसिंह चौहान ने बताया कि आगजनी में घायल अजीत सिंह का जयपुर में इलाज चल रहा था। शुक्रवार की शाम को उसकी मृत्यु हाेने का समाचार मिले हैं। समाचार मिलने पर नोखा पुलिस को जयपुर के लिए रवाना किया है, जहां शनिवार को जयपुर में अजीतसिंह के शव को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। ज्ञात रहे 8 मार्च को कर्मचारी कॉलोनी में दिन दहाड़े फिल्मी स्टाइल में दो गाड़ी में आए करीब एक दर्जन से अधिक युवकों ने एक कैंपर गाड़ी पर ज्वलंतशील पदार्थ फेंककर आग लगा दी थी जिसमें सवार अजीत सिंह भाटी व शांतिलाल बोथरा भी झुलस गए थे। शांतिलाल बोथरा की 9 मार्च को मृत्यु हा़े गई थी। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार चारों युवकों को पुलिस ने शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया। सीओ नेमसिंह चौहान ने बताया कि जोरावरपुरा निवासी सुरेश कुमार बिश्नोई, बीकासर निवासी गोविंददान, उडसर निवासी रिछपाल बिश्नोई, जम्भेश्वर चौक निवासी सुभाष बिश्नोई को न्यायालय में पेश किया गया। जहां उन्हें सोमवार तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए। सीओ ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों में से सुरेश बिश्नोई उर्फ सुशिया उर्फ शिकारी के खिलाफ विभिन्न थानों में एक दर्जन मुकदमे दर्ज है। वहीं गोविंददान के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज है। रिछपाल फौजी के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज है। इनकी हिस्ट्रीशीट खोलने की भी कार्रवाई की जा रही है। नेमसिंह ने बताया कि घटना में अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई है।

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