आंधी से टूटे 11 केवी के तार की चपेट में आया ऊंटगाड़ा, भाई-बहन की करंट से मौत
खेत वाले सोच रहे थे गांव है, गांव वाले उन्हें खेत में समझ बैठे
खेत में मोबाइल का नेटवर्क नहीं लगता। ऐसे में जैसे ही दोनों भाई-बहन खेत से गांव के लिए निकले तो उनके परिजनों ने समझ लिया कि वे गांव पहुंच गए होंगे। वे गांव नहीं पहुंचे तो गांव में रहने वालों ने सोचा, रात हो गई है। शायद सुबह अाएंगे। उन्हें क्या पता था कि 12वीं में पढ़ने वाले उनके बच्चे काल का ग्रास बन चुके हैं। उनके शव पूरी रात वहीं पड़े रहे।
बीकानेर/पूगल | बुधवार रात को आई आंधी के कारण टूटे 11 केवी तार की चपेट में आने से एक युवक-युवती के साथ ही ऊंट की मौत हो गई। युवक-युवती का शव पूरी रात घटनास्थल पर पड़े रहे। सुबह बच्चों को स्कूल से लाने के लिए गए पिकअप चालक ने उन्हें मृत देखा तो पुलिस को सूचना दी।
हेड कांस्टेबल पारसमल ने बताया कि लाधासर निवासी धन्नाराम जाट व भगवानाराम जाट का चक दो एमएसएम में खेत है। बुधवार शाम को भगवानाराम की बेटी ममता (17) व धन्नाराम का बेटा राम निवास (18) खेत से ऊंट गाड़े पर सवार होकर गांव जाने के लिए निकले। रात आठ बजे के आस-पास खेत से चार किमी दूर रास्ते पर बिजली का 11 केवी का तार टूटा हुआ पड़ा था। अंधेरे के कारण वे उसे देख नहीं पाए। जैसे ही ऊंट का पैर उस तार पर पड़ा तो करंट के कारण वह नीचे गिर गया। गाड़ा झुकने के कारण उसके आगे बैठे दोनों भाई-बहन भी आगे की तरफ गिर गए। वे सीधे करंट के तारों के ऊपर गिरे और उनकी वहीं मौत हो गई। सुबह वहां से निकल रहे एक पिकअप चालक ने उन्हें देख लिया। वह बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का काम करता है। बच्चों व ऊंट के शव देखकर उसने परिजनों को सूचना दी। इस संबंध में किसी ने मामला दर्ज नहीं करवाया है।