बीकानेर में जीवाश्म संग्रहालय स्थापित करने पर मंथन

3 वर्ष पहले
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राजस्थान आर्कियोलॉजी एंड एपिग्राफी कांग्रेस का दो दिवसीय प्रथम अधिवेशन रविवार को संपन्न हुआ। व्यास कॉॅलोनी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैन कॉलेज में हुए अधिवेशन के दौरान प्रो.ललित पांडे ने कहा कि राजस्थान के आर्कियोलॉजी की अभिलेखीय अध्ययन को व्यापकता देने के लिए सक्रिय और गंभीर प्रयास करने होंगे। इस दौरान डॉ.मुरारी लाल शर्मा, प्रो.बी.एल.भादानी और डॉ.गिरिजाशंकर शर्मा ने बीकानेर को इतिहास अध्ययन की कर्मस्थली बताते हुए यहां जीवाश्म संग्रहालय स्थापना के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। इससे पूर्व हुए दो तकनीकी सत्रों में श्याम महर्षि, डॉ.याकूब अली, प्रो.नारायण सिंह राव की अध्यक्षता में डॉ.अरविंद कुमार, गणेश बैरवाल, हंसमुख सेठ, मनीष श्रीमाली, नारायण पालीवाल, डॉ.याकूब अली, डॉ.जिब्राइल, प्रो.मदन लाल मीणा, डॉ.महेंद्र सिंह, हैदर सैफ, डॉ.मेघना शर्मा आदि ने विभिन्न आयामों पर पत्रवाचन किया। इस मौैके पर नृसिंह लाल किराड़ू को इतिहास नायक, डॉ.राजेंद्र कुमार व्यास को टैस्सीटोरी श्री, गणेश बैरवाल को कनिंघम श्री और डॉ.साफिया खान को इतिहास श्री की उपाधि से सम्मानित किया गया। समापन पर डॉ.पंकज जैन ने आभार जताया। समारोह के दौरान अनेक गणमान्यजन मौजूद थे।

आर्कियोलॉजी एंड एपिग्राफी कांग्रेस का समापन हुआ
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