अाज बिरज में हाेली रे रसिया...
हाेली के माैके पर शहर के मंदिरांे अाैर हर गली माेहल्ले में फागोत्सव मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में फाग गीतों पर भक्त कान्हां और गोपियों के संग होली खेल रहे हैं। अर्पण सेवा समिति की ओर से राज रतन बिहारी मंदिर प्रांगण में ठाकुरजी का फूलों से होली खेलाई गई। कार्यक्रम में बाबूलाल उपाध्याय, रमेश व्यास, कृष्णा व्यास, काेमल, भावना, राजकुमार भाटिया अादि ने भजनाें की प्रस्तुतियां दी। जय श्री बिट्ठल कीकाणी व्यास परिवार की ओर से गोपीनाथ भवन में ठाकुरजी को पुष्पों से होली खेलाई गर्इ। धनराज व्यास ने बताया कि दम्माणी चौक स्थित बड़ा गोपाल मंदिर की भजन मंडली द्वारा भजन कीर्तन किया गया।
चंग पर धमाल, फागुनी भजनाें की प्रस्तुतियां
हाेली के माैके पर शाकद्वीपीय समाज की अाेर से नत्थूसरगेट के बाहर स्थित सेवगाें की बगेची में चंग पर धमाल कार्यक्रम का अायाेजन किया गया। इस माैके पर शहर की विभिन्न फाग मंडलियाें की अाेर से फाग गीताें व भजनाें की प्रस्तुतियाें के साथ ही राजस्थानी नृत्य अाैर फूलाें की हाेली खेली गई। अायाेजन के दाैरान बाबूलाल शर्मा, सत्यनारायण भाेजक, विनाेद भाेजक, एड.शिवचंद भाेजक, बजरंग लाल शर्मा, शंकर सेवग, पुरुषाेत्तम सेवक, दुर्गादत्त भाेजक सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां माैजूद थी।
गिन्नाणी में मां करणी संग खेली फाग : पुरानी गिन्नाणी स्थित न्यू करणी माता मंदिर में लोगों ने मां करणी संग फाग खेली। श्री करणी फौज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देवी स्वरूप लिए छोटी कन्याओं की झांकी सजाई गई। इस अवसर पर दही हांडी फोड कार्यक्रम भी हुआ। इसके अलावा फूलों एवं गुलाल की होली खेली गई। महिलाओं ने ने फाग गीत प्रस्तुत किए। इस अवसर पर जय बीकाणा रसीक मंडल की ओर से चंग पर धमाल की प्रस्तुति दी गई। फौज के प्रदीप सिंह, रघुनंदनसिंह, विकास पंवार, लक्ष्मणसिंह, किशोर सिंह, रामस्वरूपसिंह, मनीष, मनीष शर्मा, नीतेश पंवार, अभिमन्यूसिंह, सागर, सुनील शर्मा, अशोकसिंह, महेन्द्रसिंह, लोकेन्द्रसिंह, प्रतीम आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
जाेशी-भादाणी जाति के बीच स्नेहभरा पानी डाेलची का खेल
सिंगियाें के चाैक में रविवार काे जाेशी व भादाणी जाति परिवाराें के बीच स्नेहभरा पानी डाेलची का खेल खेला गया। इस दाैरान छंगाणी जाति के गणमान्यजन भी माैजूद रहे। इस माैके पर पंरपरागत रूप से हाेली गीताे-भजनाें की प्रस्तुतियां दी गई। अबीर-गुलाल लगाकर रंगमय हाेली खेली गई। खेल के बाद फागुनी गीत गाते हुए रिगतमलजी भैरुजी मंदिर में दर्शन कर शहर में हाेली का पर्व सुखमय बिना बाधा मनाया जाए इसकी कामना की गई।
_photocaption_गोपीनाथ भवन में फाग उत्सव मनाते बिट्ठल किकाणी व्यास परिवार के लोग।*photocaption*