पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

6 दिन में 7 हजार विदेशी सैलानी आए, जहां गए वहां साेडियम हाईपाेक्लाेराइट का छिड़काव शुरू

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इनमें से इटली जहां सर्वाधिक संक्रमण वाला देश हैं वहीं बाकी देशाें में फैली है ये बीमारी

काेराेना प्रभावित देशाें से अाने वाले सैलानियाें की संख्या में कमी नहीं हाे रही है। एेसे में अब बीकानेर सहित प्रदेश के अधिकांश शहराें में सिर्फ बचाव ही एकमात्र उपाय रह गया है। लाेगाें काे जहां अपने स्तर पर स्वच्छता अाैर हाइजीन का ख्याल रखना हाेगा वहीं स्वास्थ्य महकमा उन सभी जगहाें काे डिसइन्फेक्टेड करने में जुटा है जहां-जहां विदेशी सैलानी जा रहे हैं। बुधवार से शुरू की गई इस मुहिम में स्वास्थ्य विभाग की टीमाें ने जूनागढ़, पीबीएम हाॅस्पिटल अादि इलाकाें में डिसइन्फेक्शन की कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई में साेडियम हाइपाेक्लाेराइट का छिड़काव दीवाराें से लेकर फर्श तक किया जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड, एयरपाेर्ट सहित सभी हाॅस्पिटलाें में इसी कैमिकल से पाैंछा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

बीकानेर में हालांकि काेराेना का एक भी राेगी अभी तक सामने नहीं अाया है लेकिन यहां ठहरकर निकले इटली के 16 अाैर हांगकांग की एक नागरिक में इस बीमारी की पुष्टि हाे चुकी है। इतना ही नहीं हर दिन लगातार संक्रमण वाले देशाें से सैलानी बीकानेर पहुंच रहे हैं।

सैलानियाें की स्क्रीनिंग करने के साथ ही उन्हें हिदायत, हाथ न मिलाएं, एेसे नमस्ते करें


..क्याेंकि बीकानेर हाेकर गुजरे 17 सैलानियाें में हाे चुकी है काेराेना संक्रमण की पुष्टि

बीकानेर में काेराेना का डर इसलिए ज्यादा है क्याेंकि यहां एक दिन ठहरकर गुजरे इटली के 16 लाेगाें में इस बीमारी की पुष्टि हुई थी। इसी तरह यहां से गई हांगकांग की एक महिला में भी काेराेना पाया गया था। ये सभी सैलानी शहर के कई हिस्साें में घूमे। सैकड़ाें लाेग इनके संपर्क में अाए। इसके बाद भी लगातार हर दिन नए सैलानी अा रहे हैं। घूम रहे हैं।

हालांकि अब घटती जा रही
है सैलानियाें की अावक


4322
6 मार्च


972
7 मार्च


714
8 मार्च


288
9 मार्च


334
10 मार्च


142
11 मार्च


_photocaption_जूनागढ़ किले में सोडियम हाईपोक्लोराइट का छिड़काव।*photocaption*

साेडियम हाइपाेक्लाेराइट से डिसइन्फेक्शन की प्रक्रिया शुरू की है। गुरुवार से टीमाें की संख्या बढ़ाकर शहर के हर हाईरिस्क वाले इलाके में छिड़काव का प्रयास हाेगा। हाॅस्पिटल्स काे इसी कैमिकल से सफाई के लिए पाबंद किया गया है। लाेग अपना ख्याल रखें। दूरी बनाए रखें। हाथ धाेएं। खांसते-छींकते वक्त रुमाल रखें। भीड़ में जाए ताे मास्क पहन लें।
डा.बी.एल.मीणा, सीएमएचअाे बीकानेर

लालगढ़ पैलेस में पहुंचे सैलानियाें की स्क्रीनिंग कर रहे स्वास्थ्य अधिकारियाें ने उनका टैंपरेचर मापा। पल्स देखी। खांसी-जुकाम के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया, मास्क पहनकर ही घूमने निकलें। भीड़भाड़ से दूर रहें। लाेगाें से हाथ नहीं मिलाएं बल्कि दाेनाें हाथ जाेड़कर उन्हें नमस्ते कहें। यह प्रक्रिया सभी सैलानियाें की बताई जा रही है।
खबरें और भी हैं...