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मां और सच्चे गुरु के उपकार को कभी नहीं भूलना चाहिए:विजय जयानंद सूरिश्वर

एक वर्ष पहले
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कोचरों के चाैक में पंच मंदिर के पास तपागच्छीय अधिष्ठायक चमत्कारी देव श्रीमणिभद्र वीर मंदिर के द्वार का उद््घाटन व नूतन कोचर पुरुष उपासरे का लोकार्पण शनिवार को जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के आचार्यश्री विजय जयानंद सूरिश्वर और बीकानेर मूल के गणिवर्य जयकीर्ति ने किया। आचार्यश्री व गणिवर्यश्री ने गोगागेट के बाहर बल्लभ चौक के पास स्थित गौड़ी पार्श्वनाथ मंदिर परिसर मंें श्रावक-श्राविकाओं को संक्रांति महोत्सव में महामंगल पाठ सुनाया। प्राणी मात्र के प्रति मंगल भावना व्यक्त करते हुए रोग, शोक व दोष दूर करने सबके कल्याण, उन्नति व सद््भाव की प्रार्थना की। संक्रांति महोत्सव में आचार्यश्री ने पंजाबी व हिन्दी भजन सुनाते हुए कहा कि गुरु कृृपा, मेहरबानियों को हमेशा स्मरण रखते हुए अर्जित द्रव्य का कुछ हिस्सा निष्काम सेवा कार्यों में विसर्जित कर पुण्यार्जन करें। अच्छे कार्यों व धार्मिक कार्यों में लगाया हुए धन की पुण्याई व्यक्ति के साथ चलती है। मां और सच्चे गुरु का उपकार को कभी नहीं भूलें। गणिवर्य जयकीर्ति ने कहा कि बीकानेर धर्म धरा है। यहां के श्रावकों में देव, गुरू व धर्म के प्रति हमेशा निष्ठा की भावना रही है। खरतरगच्छ संघ की साध्वी श्रद्धानिधि, श्रावक ललित नाहटा, कोचर पंचायत मंदीरात एवं पंचायती टस्ट के अध्यक्ष शांति चंद कोचर, निहालचंद, चन्द्रकुमार कोचर, संजय कोचर, शांति लाल कोचर, माणकचंद कोचर, राजकुमार कोचर, लीलम सिपानी, बसंत नवलखा, व शांति लाल सेठिया आदि गणमान्य जैन समाज के श्रावक मौजूद थे। कमल चंद कोचर व मगन कोचर ने संक्रांति गीत प्रस्तुत किया। जितेन्द्र कोचर ने आयोजन के महत्व को उजागर किया।

नूतन उपासरे का लोकार्पण व द्वार का उद््घाटन : आचार्यश्री विजय जयानंद सूरिश्वर और बीकानेर मूल के गणिवर्य जयकीर्ति ने कोचरों के नूतन पुरुष उपासरे व मणिभद्रवीर देवजी की देव कुलिका का पुनर्निर्माण के बाद नवंकार महामंत्र के जाप और जैन आगमों के मंत्रों, जैनाचार्य के जयकारों के साथ लोकार्पण व उद््घाटन किया।

नूतन उपासरे में भक्तामर आज : कोचरों के नए पुरुष उपासरे में रविवार को सुबह सात बजे भक्तामर पाठ का आयोजन होगा। आचार्यश्री का नियमित प्रवचन रांगड़ी चैक की तपागच्छीय पौषधशाला में सुबह सवा नौ बजे से साढ़े दस बजे तक 18 मार्च तक होंगे।

आचार्यश्री का जन्मदिन 18 मार्च को : आचार्यश्री विजय जयानंद सूरिश्वर का 66वां जन्मदिन 18 मार्च को जप,तप, धर्म,ध्यान और दान-पुण्य के साथ रांगड़ी चैक की तपागच्छीय पौषधशाला में सुबह नौ बजे मनाया जाएगा। शांति निवास वृद्ध आश्रम के घर परिवार से बेघर, असहाय व लाचार वृृद्धजनों को भोजन करवाया जाएगा तथा एक वृृद्ध को ट्राई साईकिल प्रदान की जाएगी। इसके अलावा टीबी अस्पताल व अन्य संस्थाओं में फल व अल्पाहार वितरित किया जाएगा।

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