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भ्रमण पथ में सन्नाटा, गली-माेहल्लाें के पार्क भी सूने अब घर पर योगासन कर खुद काे रखे हुए हैं फिट

Bikaner News - जयपुर। हर बार भारत आपदाओं से जंग जीत लेता है क्योंकि यहां के लोग हर संकट में मजबूती से एक-दूसरे का हाथ थाम कर खड़े हो...

Apr 03, 2020, 07:20 AM IST
जयपुर। हर बार भारत आपदाओं से जंग जीत लेता है क्योंकि यहां के लोग हर संकट में मजबूती से एक-दूसरे का हाथ थाम कर खड़े हो जाते हैं। इस इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। भास्कर फाउंडेशन की पहल पर हमने एक दूसरे की मदद के लिए मजबूती से हाथ थाम रखा है...और इस विश्वास से कि कोरोना को हरा कर ही मानेंगे।

उपवन सूने, सड़कों पर पसरा है सन्नाटा। अब ताे राेज सवेरे पक्षियों का कलरव भी सुनाई नहीं देता। शाम काे लाेग जब छतों पर चढ़ते हैं ताे पास-पड़ाेस के लाेग एक-दूसरे का चेहरा देख बतिया लेते हैं।

काेराेना वायरस के संक्रमण काे लेकर लॉकडाउन का बुधवार काे 11वां दिन है। वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पथ, जहां राेजाना एक से डेढ़ हजार लाेग सुबह शाम भ्रमण करने अाैर खेलने अाते थे। अब वहां सन्नाटा पसरा हुअा है। एक किमी का ट्रैक लाेगाें की चहलकदमी का इंतजार कर रहा है। खाली पड़े झूले हवाओं काे झुला रहे हैं। अाेपन जिम पर अब काेई कसरत करने नहीं अाता। याेग चाैकी पर धूल चढ़ चुकी है। एक्यूप्रैशर के लिए लगाए गाेल पत्थर पक्षियों की बींट से भर चुके हैं। बॉलीवाल अाैर बैडमिंटन का मैदान खाली पड़ा रहता है। वरिष्ठ नागरिक समिति के कक्ष के बाहर पट्टियों पर बैठकर गपशप करने वाले भी नहीं अाते। पूरा पार्क घूमने के बाद एक ही शख्स नजर अाया, कपिल राजवंशी। वह पक्षियों के घाेसलाें में चुग्गा अाैर पाळसियाें में पानी भर रहा था। दृश्य देख मन भर अाया। संतोष भी हुअा। इनकी सुध लेने वाला काेई ताे है। अचानक हैडकांस्टेबल प्रदीप कुमार की कर्कश आवाज ने चाैंकाया। उसने बताया भ्रमण पथ सीज है।

ज्वैलर्स ने दाे लाख अाैर रिटायर्ड टीचर ने 5 माह की पेंशन राशि जमा कराई

राहत कार्याें में सहयाेग के लिए रिटायर्ड अध्यापिका विमला वर्मा ने अपने पांच माह की पेंशन राशि प्रधानमंत्री राहत काेष में प्रदान की। गुरुवार काे अध्यापिका विमला वर्मा के पुत्र अाेमप्रकाश वर्मा के साथ ही कृष्ण कुमार डांवर व श्रवण कूकरा ने जिला कलेक्टर काे एक लाख रुपए की राशि का चैक साैंपा। टीएन ज्वैलर्स के संस्थापक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तोलाराम जाखड़ की ओर से प्रशासन को 2 लाख 1 हजार की सहायता राशि दी गई। टीएन ज्वैलर्स के संचालक रेवंत जाखड़ ने सहायता राशि का चैक जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम को सौंपा ।

मददगार बनी पुलिस

लाॅकडाउन के दाैरान लाेग दवा लेने के लिए भी घराें से नहीं निकल पा रहे हैं। एेसे में पुलिस उनकी मदद कर रही है। जयनारायण व्यास काॅलाेनी निवासी राजेन्द्र हार्ट पेशेंट हैं। उनकी दवाएं खत्म हाे गई्ं थीं। राजेन्द्र ने मदद के लिए अपने मित्राें से संपर्क किया ताे मेजर पूरन सिंह सर्किल पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के हैडकांस्टेबल प्रदीप के नंबर उन्हें मिले। उन्हाेंने प्रदीप से फाेन पर बात की अाैर दवा की जरूरत बताई। प्रदीप ने बिना समय गवाएं पीबीएम हाॅस्पिटल परिसर स्थित सहकारी उपभाेक्ता हाेलसेल भंडार से दवा खरीद कर उनके घर तक पहुंचाई। शिक्षा विभाग में कार्यरत राजेन्द्र ने प्रदीप का अाभार जताया।

संकट में सेवा का जज्बा... लाॅकडाउन में काेई व्यक्ति भूखा न रहे इसके लिए हर क्षेत्र में भाेजन व राशन सामग्री का वितरण

सिटी रिपाेर्टर | बीकानेर

काेराेना वायरस का संक्रमण न फैले इसके लिए लाॅकडाउन है। लाेग घराें में है संकट का सामना कर रहे है। एेसे में घराें में बंद लाेगाें अाैर परिवाराें की देखरेख का जिम्मा शहरवासियाें ने उठा लिया है। हर क्षेत्र में लाेग जुटे है। अपने हाथाें से खाना बना रहे है। उन्हें पैक कर रहे है अाैर घर-घर जाकर उन तक पहुंचा रहे है। काेई भी परेशान न हाे। भूखा न रहे इसके लिए सजग है सक्रिय है। वहीं सेवा-सहायता में जुटे लाेग निरीह पशु-पक्षियाें के लिए भी व्यवस्थाएं कर रहे है। गायाें के िलए हरा चारा, हरी सब्जी के साथ ही पक्षियाें के लिए दाना-पानी के विशेष प्रबंध किए जा रहे है। इसी क्रम में राेटरी क्लब बीकानेर मरुधरा की अाेर से प्रतिदिन 13 साै भाेजन के पैकेट बनाकर प्रशासन के सहयाेग से वितरित करवाए जा रहे है। वहीं विफा महिला माेर्चा की अाेर से रामनवमी से हनुमान जयंती तक 7 दिन में पूरे देश में 7 लाख मास्क वितरण अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्राें में जिलाध्यक्ष अाशा पारीक के नेतृत्व में मास्क का वितरण किया गया। इस दाैरान सुधा अाचार्य, सुनीता व्यास, मीना अाचार्य, अनुराधा अाचार्य, सरिता सारस्वत, सुनीता गाैड़ अादि माैजूद रही। वहीं इस माैके पर भंवर पुराेहित, धनसुख तावणियां, गाेपाल जाेशी, दिनेश अाेझा, नितिन वत्सस अादि ने जागरुकता का संदेश दिया। शिवसेना व्यापार प्रकाेष्ठ प्रदेशाध्यक्ष संजय बाेथरा के संयाेजन में जरुरतमंदाें काे भाेजन करवाया गया। सेवा-सहयाेग के इस क्रम में बीकानेर जिला उद्याेग संघ की प्रेरणा से युवा व्यवसायी रूद्रप्रताप सिंह ने अपनी बचत से जमा एक लाख रूपयाें की राशि जिला कलेक्टर काे साैंपी। संघ के अध्यक्ष डीपी पचीसिया ने बताया कि बीकानेर जिला उद्याेग संघ की अाेर से असहायाें की सेवा के कार्य किए जा रहे है। वहीं हिंदू जागरण मंच की अाेर से रामनवमी के माैके पर जरुरतमंदाें काे लापसी, चावल व बड़ी की सब्जी, सूजी का हलवा व राेटी का वितरण किया गया। अधिवक्ता सेवा केंद्र की अाेर से गुरुवार काे न्यायाधीश मदनलाल भाटी ने पाेस्टर का विमाेचन कर खाद्य अापूर्ति सेवा वाहन काे झंडी दिखाकर रवाना किया। इस माैके पर बार अध्यक्ष अजय कुमार पुराेहित, विजय कुमार अाचार्य, नवल कुमार पुराेहित अादि माैजूद थे। व्यवसायी जुगल राठी के संयाेजन में विभिन्न वार्डाें में भाेजन का वितरण किया गया। शिवबाड़ी निवासी भग्गाराम गहलाेत के संयाेजन में विभिन्न क्षेत्राें में 700 जरुरतमंदाें काे भाेजन करवाया गया। शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता गाैड़ के संयाेजन में कच्ची बस्तियाें में भाेजन व राशन सामग्री का वितरण किया गया। शहर भाजपा के महिला माेर्चा की अाेर से मधुरिमा सिंह के संयाेजन में भाेजन का वितरण किया जा रहा है। शहर जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सेवा के क्रम में महिला माेर्चा की अाेर से सहायता के कार्य किए जा रहे है। दाेस्ती सेवा समिति, रामपुरा बस्ती की अाेर से 500 लाेगाें काे भाेजन के पैकेट वितरीत किए जा रहे है। वहीं हैल्पिंग हैंड संस्था की अाेर से प्रतिदिन 3 हजार भाेजन के पैकेटाें का िवतरण करवाया जा रहा है।

अब 30 दिन की नहरबंदी का विकल्प शेष 14 के बाद पंजाब-राजस्थान करेंगे बात

सिटी रिपोर्टर | बीकानेर

तीन साल से जिस 70 दिन की नहरबंदी का इंतजार राजस्थान कर रहा था वाे जब 26 मार्च से शुरू हाेने वाली थी वाे अब काेविड-19 वायरस की भेंट चढ़ गई। 14 अप्रैल तक नहरबंदी नहीं हाेगी ये तय है। इसलिए 20 दिन यूं ही बीत गए। अब बचे शेष 50 दिन। इसमें भी अभी कन्फर्म नहीं कि 15 अप्रैल से भी नहरबंदी शुरू हाेगी या नहीं। स्थिति में सुधार हुअा ताे भी नहरबंदी शुरू हाेते-हाेते एक से दाे सप्ताह का वक्त लगेगा। एेसे में नहरबंदी एक महीने के लिए ही हाेगी। इस दाैरान राजस्थान में 20 किलाेमीटर में नहर की मरम्मत का काम हाेगा लेकिन अब बजट बड़ी समस्या बनेगी। राजस्थान में 20 किलाेमीटर नहर की मरम्मत के लिए टेंडर हाे गए लेकिन उसका पैसा नहीं अाया। वायरस के कारण हर राज्य अाैर देश की अार्थिक स्थिति कमजाेर हाेती जा रही है एेसे में काम के लिए पैसा मिलेगा, इस पर अब संशय हाेने लगा है। ऐसे में अभियंताओं के पास भी अभी कहने को कुछ नहीं है क्योंकि सब कुछ सामान्य होने के बाद विभाग समीक्षा करेगा और उसके बाद ही निर्णय होगा। हनुमानगढ़ जोन के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल का कहना है कि अभी किसी भी बिंदु पर कुछ नहीं कह सकते। पहले हालात सामान्य हो, ये प्राथमिकता है।

राेज भ्रमण पथ जाते थे, अब घर पर ही कर रहे याेगा

याेग गुरु विनाेद जाेशी अाैर उनकी प|ी मंजू 20 साल से भ्रमण पथ जा रहे हैं। बीकानेर से बाहर हुए तब ही चूक हाेती थी। इसके अलावा प्रतिदिन वहां याेग चाैकी पर लाेगाें काे याेग सिखाया करते थे। बकाैल विनाेद जाेशी परिवार की हिस्ट्री शूगर की है, लेकिन प्रतिदिन योगाभ्यास से हम बचे हुए हैं।

79 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल हेम सिंह शेखावत अाज भी पूरी तरह फिट हैं। लाॅकडाउन के कारण भ्रमण पथ नहीं जा पाने का मलाल जरूर है। कर्नल बताते हैं कि उनके साथी इंद्र सिंह, राजेन्द्र सिंह के साथ मिलकर वहां हर राेज पेड़ पाैधाें काे राेजाना पानी देते थे। अब पता नहीं काैन उनकी सुध लेता हाेगा। उन्हाेंने बताया कि घर में ही सुबह प्राणायाम करते हैं अाैर भागवत गीता पढ़ते हैं।

रानी बाजार इंडस्ट्रीयल एरिया में रहने वाले भवानी जाेशी राेजाना सुबह घर में ही याेगासन कर रहे हैं। पीछे बाड़े में कभी-कभी बैडमिंटन भी खेल लेते हैं। बकाैल जाेशी भ्रमण पथ केवल घूमने का ही स्थान नहीं हैं। वहां काफी लाेगाें से मिलना जुलना हाेता है। गपशप हा़े जाती है। हर दूसरे या तीसरे दिन कचाैरी अाैर जलेबी गाेठ भी कर लेते थे। पता नहीं लाॅकडाउन से कब छुटकारा मिलेगा।

रानी बाजार निवासी रामेश्वर अग्रवाल की दिनचर्चा का अहम हिस्सा था भ्रमण पथ जाना। वह अकेले कभी नहीं गए। पड़ाेस में रहने वाले संदीप गर्ग अाैर जिनेन्द्र जैन काे भी साथ लेकर जाते थे। यह क्रम सालाें से चल रहा था, जाे लाॅकडाउन के कारण टूट गया। बकाैल अग्रवाल घर पर याेगा करते हैं, लेकिन याेग चाैकी जैसी फीलिंग नहीं अाती है।

मदद के मजबूत हाथ से कोरोना हारेगा

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विधायक सिद्धि कुमारी 51 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की

बीकानेर पूर्व विधानसभा विधायक सिद्धि कुमारी ने काेविड-19 की असमान्य परिस्थितियाें से निपटने के लिए विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि काेष से 51 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की। जिससे चिकित्सा विभाग मेडिकल सुविधाअाें काे सुद्दढ़ करने के लिए सरदार पटेल मेडिकल काॅलेज व पीबीएम अस्पताल में 30 लाख रुपए की लागत से उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसी तरह पशुअाें चारा प्रबंधन के लिए मुरलीमनाेहर गाैशाला, भीनासर में 5 लाख रूपए व नगर निगम द्वारा संचालित कांजी हाउस गाैशाला के लिए 5 लाख रूपए से चारे की व्यवस्था की जाएगी। वहीं विधानसभा क्षेत्र पूर्व के विभिन्न क्षेत्राें के जरुरतमंद लाेगाें के लिए 10 लाख रूपयाें की लागत से राशन व खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए जाएंगें तथा पुलिस विभाग व हाेमगार्ड के जवानाें काे एक लाख रुपए की लागत से मास्क व सेनेटाइजर का वितरण किया जाएगा। इसी क्रम में पूर्व मुख्ममंत्री वसुंधरा राजे ने विधायक सिद्धि कुमारी से फाेन पर बातचीत कर राहत कार्याें की जानकारी ली।

बीकानेर, शुक्रवार 03 अप्रैल, 2020 |

पूर्व सीएम राजे ने की रांका से बात, राहत कार्याे की जानकारी ली : पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार काे नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका से बातचीत की। बातचीत के दाैरान राजे ने काेराेना संबंधी राहत कार्याें अाैर व्यवस्थाअाें की जानकारी ली। रांका ने राजे काे सुचारु व्यवस्थाअाें के साथ ही जरुरतमंदाें की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही। वहीं जिला कलेक्टर कुमार पाल गाैतम ने गुरुवार काे रामलाल सुरजदेवी रांका चैरिटेबल ट्रस्ट व टीम महावीर रांका की अाेर से किए जा रहे भाेजन पैकेट कार्य का अवलाेकन किया। इस दाैरान अानंद साेनी, पवन महनाेत, रमेश भाटी, राजेंद्र शर्मा, पंकज गहलाेत, श्रवण चाैधरी, भगवान सिंह मेड़तिया अादि माैजूद थे।

शहर की काॅलाेनियाें में बने पार्कों में भी सन्नाटा पसरा हुअा है। जहां बच्चे सुबह अाैर शाम पार्कों में क्रिकेट, बैडमिंटन, वालीबाल अादि खेला करते थे। अब वहां काेई नजर नहीं अाता। सेक्टर चार निवासी राखी शर्मा ने बताया कि शाम के समय महिला पुलिस अा जाती है। इसलिए पार्क में काेई नहीं जाता। एेसे ही हालात शिवाजी पार्क के हैं। एडवोकेट हरीश मदान का कहना है कि पार्क में घूमने की पाबंदी लगा दी है। काेई नजर अाता है ताे टाेक देते हैं। हम भी घर पर ही रहकर याेगा करते हैं।


भास्कर फाउंडेशन की पहल

}दिन-रात सक्रिय है सेवाभावी लाेग, घर-घर जाकर पहुंचा रहे भाेजन व राशन सामग्री, कह रहे सजग रहे, सुरक्षित रहे

काॅलाेनियाें के पार्कों में भी
सन्नाटा, बच्चों का खेलकूद छूटा


एेसी साेशल डिस्टेंसिंग }20 साल से वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पथ पर नियमित सुबह अाैर शाम काे जाने वाले लाेग इन दिनाें घर पर ही कर रहे हैं याेगा

बीकानेर

विनोद कुमार उपाध्याय, जोधपुर 2100

जयराज सिंह, टोंक 2100

टॉप्स क्रिएशन, जोधपुर 2100

पैरामाउंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जयपुर 2100

मनोज कुमार पारीक, जयपुर 2100

कृष्ण सिरोही, जयपुर 2100

चंद्र सिंह शक्तावत, भीलवाड़ा 2100

घनश्याम सिंह, जयपुर 2100

धर्म सिंह मीणा/रतिराम मीणा, दौसा 2100

विजय कंवर, जोधपुर 2100

सीए पंकज अग्रवाल, जयपुर 2100

राधा गोविंद, जयपुर 2100

हरीश होटवानी, जयपुर 2100

भगवान माहेश्वरी, देवली 2100

अंकित चौधरी, डेगाना 2100

इंद्रावती अरोरा, टोंक 2100

कालूराम गेहलोत, पाली 2100

बजरंग लाल दूध दही भंडार, बीकानेर 2100

रमाकांत शर्मा, जयपुर 2100

दीपक गोयल, जयपुर 2100

मोहित चतुर्वेदी, अजमेर 2100

दाहू रॉय, जयपुर राजस्थान राजस्थान 2100

प्रियंका प्रजापत/दलपत प्रजापत, जोधपुर 2100

नमन साबू, जयपुर 2100

गणपत राम जोशी, झुंझुनू 2100

श्रीमती राजवन/सूबे सिंह, गोठ, झुंझुनू 2100

रमेश व्यास, नागौर 2100

अनिल पामिस्ट, जयपुर 2100

अनिल कुमार भाटिया, जयपुर 2100

कैलाश चंद कोयलेवाले, जयपुर 2100

पुरुषोत्तम रामचंदानी, जयपुर 2100

लक्षित जाभड़, बीकानेर 2100

लक्ष्मण सिंह यादव, अलवर 2100

संतोष कुमार गुप्ता, अलवर 2100

श्वेता शर्मा, जयपुर 2100

दिव्या वर्मा, जयपुर 2100

बजरंग सिंह शेखावत, जयपुर 2100

मनीष शर्मा, जयपुर 2100

शीतल पंचाल, कोटा 2100

लोकेंद्र फौजदार, भरतपुर 2100

मानक जादावी फाउंडेशन, जालोर 2100

रामजीलाल चौधरी, टोंक 2100

गौरव शर्मा, भरतपुर 2100

विजय सुखानी, बाड़मेर 2100

विक्रम सोनी/योगेश सोनी, बानसूर, 2100

किशोर सैनी/जगना राम सैनी, झुंझुनू 2100

अशोक शर्मा, नागौर 2100

निर्मल कला, जोधपुर 2100

रवि कुमार लोधी, बारां 2100

रोहिताश कुमार मीणा, झुंझुनू 2100

रामावतार शर्मा, दौसा 2100

अविनाश अशोक जैन, जयपुर 2100

केशव हेमंत गोयल, जयपुर 2100

सुरेश नायक, कोटा 2100

शिव कुमार सोनी, जयपुर 2100

पृथ्वीपाल सिंह चौहान, अजमेर 2100

दीक्षा खंडेलवाल, जयपुर 2100

नेमचंद गोदारा, बाड़मेर 2100

सपन जैन, जयपुर 2100

लक्ष्मी नारायण/निर्मला यादव, अलवर 2100

जगमाल चौधरी, झुंझुनू 2100

भगवान सहाय शुक्ला, जयपुर 2100

गोविन्द मलीवाड, बांसवाड़ा 2100

चक्रेश जैन, झालावाड़ 2100

सुंदरलाल भिवानी, जयपुर 2100

नरेंद्र कुमार/भोले सिंह पूनिया, हनुमानगढ़ 2100

कृष्णा शर्मा, हीरालाल शर्मा, झुंझुनू 2100

नंद किशोर करणी, बीकानेर 2100

गोपी धायल/हनुमान सिंह धायल, सीकर 2100

श्रीमती मंजू राकेश भंडारी, जयपुर 2100

चंद्र प्रकाश, अलवर 2100

नवीन भार्गव, सीकर 2100

राजेश शर्मा, जयपुर 2100

मुकेश कटियार, जयपुर 2100

नीरज शर्मा, कोटा 2100

गगन लाल डोडा, डूंगरपुर 2100

नवीन कुमार मारवाल, सूरजगढ़ 2100

जनेश यादव, कोटा 2100

डॉ. ओम प्रकाश, जोधपुर 2100

अशोक कुमार सिंघल, सवाईमाधोपुर 2100

रमेश कुमार जैन, जयपुर 2100

प्रवीण जैन, अलवर 2100

निकिता ताम्र, जयपुर 2100

लोकेश माल्या, जयपुर 2100

बनवारी लाल दिनेश चंद सिंघल, दौसा 2100

प्रदीप कुमार/संतलाल चाचन, हनुमानगढ़ 2100

(शेष दानवीरों की सूची अगले अंक में)

लाजपत राय चन्दनानी, जयपुर 21000

सुनील कुमार सोनी, जयपुर 17000

आईएनपीए वेलफेयर फाउंडेशन, जयपुर 11000

पाल सिंह मीणा, जयपुर 11000

संतोष कुमार कूलवाल, जयपुर 11000

शंकर लाल, सत्यनारायण चौधरी, टोंक 10000

निखिल यादव, जयपुर 7100

जसविंदर सिंह, कोटा 7000

नटानी ट्रेडिंग कंपनी, लालसोट, डोसा 7000

जसविंदर सिंह, कोटा 7000

अनूप सिंह, अलवर 7000

कमलेश शर्मा, अलवर 7000

कुमावत फ्रूट कंपनी, सीकर 7000

समीर राठी, जयपुर 7000

हिमांशी माथुर, जयपुर 7000

पी के खत्री, बीकानेर 7000

जाकिर हुसैन अंसारी, कोटा 5100

मनीष गुप्ता, जयपुर 5100

लोकेश कुमार, अलवर 5100

शंकरलाल जुझादिया, नागौर 5100

सुमित कुमार गुप्ता, दौसा 5100

नितेश रमानी, उदयपुर 5100

उर्मिला खंडेलवाल, जयपुर 5100

सूरज नारायण माथुर, जयपुर 5000

धर्म दास वैष्णव, जोधपुर 5000

सुनीता रानीस, हनुमानगढ़ 4900

शैली मनहास, जोधपुर 3500

श्रीमती आशा विजय, कोटा 3500

अिनरुद्ध छंगानी, जोधपुर 3500

विजय पाल डामोर, बांसवाड़ा 3500

राजेश जैन, अजमेर 3500

नीरज छाबड़ा, बीकानेर 3500

गौरव बंसल, भीलवाड़ा 3500

गौरीशंकर सोनी, जयपुर 3500

दीपचंद कमलचंद जैन, अलवर 3500

महेश कुमार गोस्वामी, झुंझुनू 3500

बसीर मुगल, नागौर 3500

वीरेंद्र कुमार यादव, जयपुर 3500

जितेंद्र सिंह शेखावत, जयपुर 3500

जानकी राठी, जोधपुर 3500

शैलेंद्र कुमार विजय, कोटा 3500

संदीप गुप्ता, जयपुर 3500

पराग शर्मा, जयपुर 3500

डॉ. नरेश संकलेचा, हनुमानगढ़ 3500

राजेन्द्र सिंह बोला, झुंझुनू 3500

स्वाति गोस्वामी, जयपुर 3500

पंकज सुथार, उदयपुर 3500

विक्रम सिंह रावत, अजमेर 3500

अलख कुमार सिंगोदिया, जयपुर 3500

सुनंदा शर्मा, जयपुर 3500

पंकज काबरा, कोटा 3500

नरेश कुमार शर्मा, जयपुर 3500

विहान सिंह, झुंझुनू 3500

मुकेश कुमार लालवानी, बाड़मेर 3500

प्रवीण कुमार, जयपुर 3500

हिमांशु मिश्रा, पाली 3500

ओम प्रकाश गोयल, जयपुर 3500

अनिल गुप्ता, जयपुर 3500

अरविंद कुमार लोहार, बांसवाड़ा 3500

मेघा मित्तल, उदयपुर 3500

विक्रम सिंह गौर, जयपुर 3500

सुभाषचंद्र जोशी, जोधपुर 3500

राम नाथ व्यास, बीकानेर 3500

सुमित मित्तल, जयपुर 3100

पंडित विजय भट्ट, कोटा 3100

विक्रम जांगिड़/रामनिवास जांगिड़, जयपुर 3100

रतनलाल जी मनथ, झुंझुनू 3100

राधेश्याम जांगिड़, लक्ष्मणगढ़ 3100

गरिमा खंडेलवाल, जयपुर 3000

तन्मय अग्रवाल, जयपुर 2800

वी पी भट्ट, अजमेर 2800

जगदीश नारायण शर्मा, जयपुर 2800

नंद किशोर भूंड, बीकानेर 2551

नेहा सोनगरा, कोटा 2500

स्वाति गुप्ता, जयपुर 2500

दीपेंद्र सिंह गुर्जर, जयपुर 2500

राहुल खाटकर, झुंझुनू 2500

जावेद हुसैन, जयपुर 2500

तारा शंकर सैनी, जयपुर 2500

नरेंद्र सिंह देवरा, उदयपुर 2200

आयुष दाधीच, दामोदर दाधीच, जयपुर 2200

राकेश कुमार टोडावता चोमूं, 2121

जयनारायण, केवलादास निम्बार्क, बाड़मेर 2101

भरतलाल मीणा, धौलपुरा 2101

भावानी सिंह गौर, जोधपुर 2101

लोकेश, बाबू लाल खंडेलवाल, जयपुर 2100

संजय जैन, जयपुर 2100

प्रकाश गोस्वामी, चूरू 2100

गुंजन शर्मा, अलवर 2100

पीएचईडी को राहत, पेयजल संकट से बचे

सिक्के के दो पहलू की तरह एक तरफ नहरबंदी ना होने के कारण नहर की मरम्मत होना मुश्किल लग रहा है लेकिन दूसरी ओर नहरबंदी ना होने से पश्चिमी राजस्थान के जलदाय विभाग ने राहत की सांस ली है क्योंकि नहरबंदी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा समस्या होने के आसार थे। वो भी तब जब कोविड-19 से बचने के लिए लोग बार बार हाथ धो रहे हैं और ज्यादातर पानी उसी में खर्च हो रहा है। हालांकि शहरों को तो नहरबंदी की शुरूआत 40 दिन पानी मिलना था लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बीच में सात दिन पानी देने के बाद फिर सीधे नहरबंदी बीतने के बाद ही पानी मिलता। पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता दिलीप गाैड़ का कहना है कि नहरबंदी ना हाेने से पीने के पानी काे लेकर राहत है।

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