बीकानेर के तब तक के इतिहास की पहली अाम-सभा

Bikaner News - बीकानेर इतिहास दर्शनडाॅ.शिव कुमार भनाेत इसी ऊहापाेह की स्थिति में 23 तारीख का पूरा दिन गुजर गया अाैर उस दिवस...

Mar 27, 2020, 07:10 AM IST

बीकानेर इतिहास दर्शनडाॅ.शिव कुमार भनाेत

इसी ऊहापाेह की स्थिति में 23 तारीख का पूरा दिन गुजर गया अाैर उस दिवस की रात तक ताे सभी अाेर से नकार के उत्तर ही मिले। 24 मई काे केवल एक साधारण पर्चा छपाने की स्वीकृति प्राप्तार्थ दाऊजी काे अाईजीपी के कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़े। इतनी भागदाैड़ करने पर तब जाकर उसी दिन अाईजीपी ने उनकी दरख्वास्त के पीछे ही अंग्रेजी में सूचना नाेटिस छापने की छूट इन शब्दाें में लिख दी-चूंकि सभा करने के लिये सरकार की अाेर से मंजूरी मिल चुकी है इसलिये पुलिस की अाेर से अब सभा के संयाेजकाें द्वारा सभा के संबंध में इस सिंपल नाेटिस यानि सादा सूचना नाेटिस काे छापने में काेई अापत्ति नहीं है। इसके नीचे बीकानेर के अाईजीपी दीवानचंद ने अपने हस्ताक्षर कर दिए थे। इस प्रकार बड़ी मशक्कत के बाद सभा के अायाेजन की सूचना का पर्चा छप पाया अाैर 25 मार्च काे बीकानेर के रतनबिहारी पार्क में कस्तूरबा फंड के संबंध में अाम सभा का अायाेजन हाे पाया। रियासत बीकानेर के तब तक के इतिहास में यह राजधानी शहर बीकानेर की पहली अाम-सभा थी जाे निश्चित रूप से नगर की जनता के लिये एक काैतूहल का विषय था। परिणामत: हजाराें की संख्या में लाेग बाग इस सभा काे सुनने के लिए उमड़ पड़े। वकील ईश्वर दयाल के सभापतित्व में इस सार्वजनिक सभा का अायाेजन किया गया था। गांधीजी के प्रति सभी देशवासियाें के मन में असीम श्रद्धा का भाव था। उनकी धर्मप|ी कस्तूरबा के निधन पर उनकी स्मृति में रचनात्मक कार्य संपादित करने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए कस्तूरबा फंड नाम से 75 लाख रूपयाें की राशि एकत्रित करने के लिए देश भर में प्रयास किये जा रहे थे। बीकानेर की यह सार्वजनिक सभी भी उसी का अंग थी। (लगातार)

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