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शरीर अविनाशी और अात्मा अमर होने की ज्ञान प्राप्ति के साथ व्यक्ति होता है चिंतामुक्त

Bikaner News - बीकानेर। श्रीमद्भागवत कथा में अमृतवर्षा करते हुए डूंगरजी महाराज ने कहा कि जब मनुष्य को यह ज्ञात हो जाता है कि उसका...

Dec 04, 2019, 08:45 AM IST
Bikaner News - rajasthan news with the attainment of knowledge of the body being immortal and soul immortal a person is worry free
बीकानेर। श्रीमद्भागवत कथा में अमृतवर्षा करते हुए डूंगरजी महाराज ने कहा कि जब मनुष्य को यह ज्ञात हो जाता है कि उसका शरीर अविनाशी है आत्मा अमर है तो वह चिंतामुक्त हो जाता है। जब मनुष्य को यह ज्ञात हो जाता है कि अब उसकी यात्रा इस युग से समाप्त हो रही है तो वो सभी चिंताओं से मुक्त हो जाता है और ईश वंदना में लग जाता है। हमे किसी भी जीव को नहीं मारना चाहिए जब हम उस जीव को मारते है तो वो विवश होता है । साथ ही समय आने पर प्रकृति बदला अवश्य लेता है । जब तक ईश्वर के यहां से बुलावा नहीं आता कोई भी आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता है। उधर, विष्णुदास महाराज ने हनुमान चरित्र का वर्णन करते हुए कहा रात्रि के चौथे पहर की तरह जिंदगी का चौथापहर वृद्धावस्था है । जैसे ही वृद्धावस्था आती है आदमी मोह मया छोड़ कर भगवान की भक्ति में लग जाता है । संसार के वैभव से किसी को भी शांति नहीं मिली । यदि संसारिक वैभव से शांति मिल रही होती तो राजा अपना राजपाठ छोड़ वृद्धावस्था में तपस्या की ओर अग्रसर नहीं होता। बिना ईश वंदना के कोई भी व्यक्ति शांति नहीं प्राप्त कर सकता है।

राग-द्वेष, क्राेध अाैर माया बंधन दुखाें का मूल कारण है। जीवन काे नष्ट करने वाले इन कारणाें से बचने के लिए निस्वार्थ भाव से परमात्मा की भक्ति की एकमात्र उपाय है। यह कहना था बालसंत छैलबिहारी महाराज का। बुधवार काे मानव धर्म प्रचार सेवा संस्थान की अाेर से पूगल राेड स्थित भंवर राधा भवन में अायाेजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा के तीसरे दिन विभिन्न प्रसंगाें का वर्णन करते हुए उन्हाेंने कहा कि भागवत हमें जीवन काे श्रेष्ठ बनाने के लिए प्रेरित करती है। कथा के प्रारंभ में भागवत पूजन किया गया। इस माैके पर बड़ी संख्या में श्रद्धांलु माैजूद थे।

वहीं नागाणेचीजी मंदिर के पास अायाेजित भागवत कथा के तीसरे दिन पं.संताेष सागर महाराज ने भागवत के विभिन्न प्रसंगाें की व्याख्या करते हुए परमात्मा की अाराधना काे जीवन का सर्वाेपरि कार्य बनाने का अाह्वान किया। कथा के चाैथे दिन बुधवार काे कृष्ण जन्माेत्सव मनाया जाएगा।

डूंगरजी महाराज कथा वाचन करते हुए।

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