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भवन नहीं होने के कारण बूंदी में ब्लड बैंक का लाइसेंस 10 साल से निलंबित

बूंदी| नए भवन के बिना ब्लड बैंक के लिए आए करीब 50 लाख रुपए के नए उपकरण धूल फांक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री...

Danik Bhaskar | Feb 12, 2018, 02:20 AM IST
बूंदी| नए भवन के बिना ब्लड बैंक के लिए आए करीब 50 लाख रुपए के नए उपकरण धूल फांक रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बजट-2017-18 में प्रदेश के पांच ब्लड बैंक चूरू, अलवर, ब्यावर, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर, धौलपुर, झुंझुनूं और बूंदी में ब्लड बैंकों के नए भवनों के लिए प्रत्येक को 50-50 लाख की राशि देने की घोषणा की थी।

साथ ही 322.10 लाख रुपए उपकरणों व अन्य सामान के लिए मंजूर हुए थे। बूंदी ब्लड बैंक को कुल 1.30 करोड़ रुपए मिलने थे। इनमें 50 लाख रुपए नए भवन के लिए, 50 लाख रुपए नए उपकरण खरीदने और 30 लाख रुपए अन्य साजो-सामान खरीदने के लिए थे। नए भवन के लिए 50 लाख रुपए का बजट कम पड़ रहा था।एस्टीमेट के हिसाब से नए भवन के लिए 80 लाख रुपए की जरूरत थी। ऐसे में 30 लाख की जरूरत और थी। जब अस्पताल प्रबंधन और ब्लड बैंक स्टाफ विधायक और कलेक्टर से मिला तो उनके प्रयास से चिकित्सा मंत्री से 30 लाख रुपए और मंजूर हो गए। ये 30 लाख रुपए तो दिसंबर-2017 में अस्पताल के पास पहुंच गए पर बजट घोषणा के 50 लाख रुपए अब तक नहीं मिले। बजट घोषणा के मुताबिक 50 लाख रुपए के उपकरण ब्लड बैंक में पहुंच गए।

अनफिट हो चुका है भवन

राज्य सरकार ने बूंदी के ब्लड बैंक को क्रमोन्नत तो कर दिया, बजट घोषणा भी कर दी, पर पैसा नहीं मिलने के कारण नए भवन के निर्माण में देरी हो रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल की जिस बिल्डिंग में ब्लड बैंक चल रहा है, वह पैथोलॉजी की है। जो कि अनफिट घोषित की जा चुकी है। बरसात में पूरी छत से पानी टपकता है तो ड्रेनेज सिस्टम भी प्रॉपर नहीं है। नया भवन जिला अस्पताल कैंपस में जन औषधि केंद्र के पास बनाया जाना प्रस्तावित है। नए भवन के निर्माण के लिए बजट घोषणा के 50 लाख रुपए भिजवाने के लिए जिला अस्पताल के पीएमओ ने चिकित्सा निदेशक को चिट्ठी लिखी है। पीएमओ ने बताया कि बूंदी ब्लड बैंक पैथोलॉजी भवन में चल रहा है, जिसे लाइसेंस अथॉरिटी ने अमान्य घोषित कर रखा है, यह भवन पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। इस कारण ब्लड बैंक का लाइसेंस ड्रग कंट्रोलर ने 10 साल से निलंबित किया हुआ है। लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने का कारण ड्रग कंट्रोलर ने भवन का उचित होना नहीं बताया है। बरसात में पूरे भवन में पानी का रिसाव होता है। ऐसे में बजट घोषणा के 50 लाख रुपए जल्द भिजवाए जाएं ताकि नया भवन बन सके।