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कवि सम्मेलन में हास्य-वीर और शृंगार रस ने मोहा

कस्बे स्थित बाबा हाड़ा के यहां मंगलवार रात को स्थानीय कवियों एवं कलाकारों द्वारा होली स्नेह मिलन समारोह में...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:30 AM IST
कस्बे स्थित बाबा हाड़ा के यहां मंगलवार रात को स्थानीय कवियों एवं कलाकारों द्वारा होली स्नेह मिलन समारोह में कविताओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। वहीं कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीतों व भजनों की प्रस्तुति से होली के रंगों में सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का उद्‌घाटन बूंदी के वरिष्ठ कवि पं. चंद्रदत्त तृषित ने मां सरस्वती को दीप प्रज्वलित कर किया। कलाकार सत्यनारायण राव ने गणेश वंदना मेरे लाडले गजानंद प्यारे गजानंद की प्रस्तुति दी। कवि बालकृष्ण भट्ट सरस्वती वंदना म्हारा हिरदा का कागद पर बैठ। बूंदी के कवि चंद्रचंद्राकर ने बूंदी शहर की बदहाली पर हाडौती कविता के द्वारा व्यंग्य कसा। चंद्राकर ने अरे वाह री मारी बूंदी सडक्या का खड्ढा में लटके तू कविता सुनाई तो माहौल हास्यमय हो गया। बूंदी के कवि प्रकाश परचम ने ओज कविता काफिले वतन के सजाने दीजिए, अपनी मातृभूमि जाने न दीजिए सुना कर देश भक्ति के रंग में डूब गया। कवि अंजनी अलंकार, कवि नवीन दाधीच, कवि कैलाश मयंक, रामलाल गुर्जर, कवि भूपेंद्र सिंह, परमेश्वर शर्मा, फूलचंद सैनी, लोकेश शर्मा, पुरुषोत्तम सोनी ने एक से बढ़ कर एक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान ममता गुर्जर थी।

हिंडौली में स्थानीय कवियों एवं कलाकारों का होली स्नेह मिलन समारोह आयोजित हुआ

हिंडौली। समारोह को संबोधित करते कवि कैलाश मयंक।

इनकी रही मौजूदगी

अध्यक्षता वरिष्ठ कवि पंडित चंद्र दत्त तृषित ने की। विशिष्ट अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा, नेकी की दीवार के भैरुलाल सैनी, सीए दीपक भूतड़ा थे। कार्यक्रम के संयोजक मोहन पेंटर ने अतिथियों, कवियों एवं कलाकारों का स्वागत किया। संचालन लोकेश नारायण शर्मा व कैलाश मयंक ने किया। इस दौरान महाकवि सूर्यमल मिश्रण विकास समिति द्वारा करवाई गई सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।