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महिला के बचत खाते मंे ऑनलाइन सेंध, Rs.14 लाख 70 हजार निकाले

बदमाशों ने नैनवां निवासी सुनीता शर्मा के बचत खाते से 14 लाख 70 हजार रुपए की रकम उड़ा ली। इतनी बड़ी रकम को बदमाशों ने चार...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:35 AM IST
बदमाशों ने नैनवां निवासी सुनीता शर्मा के बचत खाते से 14 लाख 70 हजार रुपए की रकम उड़ा ली। इतनी बड़ी रकम को बदमाशों ने चार बार में दूसरे खातों में ट्रांसफर किया। सुनीता की रिपोर्ट पर सदर थाना साइबर क्राइम शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले के अनुसार सुनीता शर्मा ने नैनवां स्थित एसबीआई से 12 फरवरी को 1500 रुपए विड्रॉल किए थे। इसके बाद खाते में 14 लाख 84 हजार 881 रुपए शेष रह गए थे। होलिका दहन के दिन सुनीता ने अपने पुत्र लक्की शर्मा को घरेलू खर्च के लिए बैंक एटीएम से पैसे निकलवाने भेजा। लक्की ने घर खर्च के लिए एटीएम ने 3 हजार रुपए निकलवाए। इसके बाद बैलेंस की निकली पर्ची से पता चला कि खाते में अब मात्र 2 हजार 396 रुपए शेष रह गए हैं। पर्ची देखते ही लक्की रोने लगा और घर की तरफ भागा और अपनी मां सुनीता को जब उसने यह बात बताई तो वह बेहोश हो गई।

पति की मौत के बाद जीवन की भर की यही एक पूंजी थी, जो बदमाशों ने उड़ा ली। उसी दिन सुनीता ने अपने परिजनों को नैनवां बुलाया और पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन बैंक में गए और जानकारी ली तो वहां कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। आखिरकार थक हार कर सुनीता अपने परिजनों के साथ नैनवां थाने पहुंची, लेकिन मामला साइबर क्राइम से जुड़ा होने के कारण उन्हें बूंदी सदर थाना जाने की बात कही। इस पर वे लोग उसी दिन सदर थाना पहुंचे और मामला दर्ज करवाया।

बूंदी. नैनवां निवासी सुनीता शर्मा बचत खाते का स्टेटमेंट दिखाती हुई।


अलग-अलग फर्मों को राशि ट्रांसफर

16 दिन बाद सुनीता शर्मा को पैसे निकलने के बारे में पता चला। 12 फरवरी को खाते से सुनीता ने 1500 रुपए निकाले थे। 20 फरवरी को बदमाशों ने 10 लाख रुपए व 21 फरवरी को शेष राशि तीन भागों में इंटरनेट बैकिंग के माध्यम से चार अलग-अलग फर्मों व व्यक्तियों के खाते स्थानांतरित कर दी गई। इस तरह से 14 लाख 70 हजार रुपए की रकम ऑनलाइन बैकिंग के माध्यम से निकल गई।

पति की मौत के बाद यही सहारा था

सुनीता का विवाह बामनगांव निवासी गौतमप्रसाद शर्मा के साथ हुआ था। करीब दो वर्ष पहले उनकी मृत्यु हो गई। पति की मौत के बाद सुनीता पर अपने पुत्र-पुत्री की परवरिश की जिम्मेदारी आन पड़ी। पेंशन सहित क्लेम आदि से मिली राशि से वह अपने बच्चों को जिम्मेदारी बखूबी ढंग से निभा रही थी। इस बार का मन में संतोष था कि पति की मौत के बाद वह इस राशि से अपने बच्चों का भविष्य सुधार पाएगी और उनका विवाह करवाएंगी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

खबर सुनते ही बेहोश हुई सुनीता

इस घटना से सुनीता बूरी तरह से टूट चुकी है। आंखों के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं। बार-बार परिजनों से पूछती है कि मेरे पैसे किसने निकाल लिए और अब क्या होगा। यहां तक की इन बातों को कहते हुए वो बेहोश तक हो जाती है। सुनीता के चाचा बद्रीलाल शर्मा ने कहा कि सुनीता को दिलासा देना भी मुश्किल हो रहा है। पति की मौत के बाद इस घटना से वो टूट गई है। पुलिस से लगातार संपर्क बनाए हुए है। घर पहुंचते ही वह पूछती है कि दादा क्या हुआ तो उसको क्या जवाब दूं।