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जिस स्कूल से पढ़कर डॉक्टर, इंजीनियर व अधिकारी बने, अब वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सिखाएंगे सफलता के गुर

विद्यालयों के विकास के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विभाग की ओर से...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:10 AM IST
विद्यालयों के विकास के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नित नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विभाग की ओर से विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास को बढ़ाने व विद्यालय के विकास के लिए जिले के हर स्कूल में अब पूर्व विद्यार्थी परिषद का गठन किया जाएगा। बड़े संस्थानों में होने वाले एल्यूमिनाई मीट की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में सखा संगम कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें स्कूल के पूर्व विद्यार्थी साल में एक बार होने वाले कार्यक्रम में यादें ताजा करेंगे तथा नए छात्रों को सफलता की कहानी से रूबरू कराएंगे।

सरकारी स्कूलों में पढ़कर निकले विद्यार्थी अपने ही स्कूलों में युवाओं को अपने ज्ञान का अनुभव बांटेंगे। इसके लिए जिले के स्कूलों के संस्था प्रधानों ने पूर्व छात्रों की जानकारी एकत्रित करनी शुरू भी कर दी है। इसका मुख्य कार्यक्रम 29 अप्रैल को होगा। विद्यार्थी परिषद के सदस्य विद्यालय के विकास में भी सहयोग करेंगे। कार्यक्रम में उन पूर्व विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा, जो किसी सरकारी विभाग में अधिकारी या फिर बड़े बिजनेसमैन बन चुके हैं। विभाग का उद्देश्य पूर्व छात्रों का विद्यालयों से पुन: भावनात्मक एवं भौतिक जुड़ाव बनाना व विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों के जीवन को सफलता की ओर नई दिशा देना है।

एडीईओ ओपी गोस्वामी ने बताया कि विद्यालय के विकास में आर्थिक सहयोग करने वाले पूर्व विद्यार्थी परिषद के सदस्य ऑनलाइन भी भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए विद्यालय विकास में सहयोग करने वालों को आयकर अधिनियम की धारा 80 (जी) में भी छूट दी जाएगी। वहीं जनसहयोग से विद्यालय विकास के लिए राशि जुटाने के लिए सहयोग किया जाएगा, जिसका दान पहले मुख्यमंत्री विद्या धन दान कोष में जाएगा। उसके बाद स्कूल में ट्रांसफर होगा। राज्य स्तर पर पूर्व विद्यार्थी मंच के सदस्यों को वर्तमान कार्यक्षेत्र व संपर्क सूत्र की सूचना एकत्रित करने के लिए एक प्रपत्र तैयार किया गया है। पूर्व विद्यार्थी परिषद सदस्यों को विद्यालय विकास में सहयोगी बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन प्लेटफार्म ज्ञान संकल्प पोर्टल बनाया गया है।

सरकारी विद्यालयों में होंगे एल्यूमिनाई मीट की तर्ज पर सखा संगम का आयोजन, 29 अप्रैल को होगा कार्यक्रम

स्थानीय समुदाय की बनेगी भागीदारी

कार्यक्रम के दौरान पुराने विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम सत्र के अंत तक कराना होगा। राजकीय विद्यालयों में सखा संगम कार्यक्रम आयोजित कराने का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के शैक्षणिक एवं भौतिक विकास को निरंतरता प्रदान करने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी बनाया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में पूर्व विद्यार्थी मंच का गठन किया जाएगा। इस मंच के माध्यम से हर वर्ष सखा संगम कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा।

यह है योजना का मुख्य उद्देश्य

एडीईओ गोस्वामी ने बताया कि राजकीय विद्यालय में सखा संगम योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालय से पढ़कर निकले और उच्च पदों पर आसीन विद्यार्थियों के अनुभवों का लाभ विद्यार्थी जीवन में छात्रों को भी दिलाना है, जिससे छात्रों का भविष्य संवर सके, जो छात्र आज इंजीनियर, डॉक्टर व आईपीएस पदों पर आसीन है, वह छात्र अपने अनुभवों व प्रतियोगिता परीक्षा के बारे में जानकारी देंगे।