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चोरी छिपे होने वाले बाल विवाह रोकने में सभी का सहयोग जरूरी: मुदिता भार्गव

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बाल विवाह रोकथाम अभियान को लेकर रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:10 AM IST

चोरी छिपे होने वाले बाल विवाह रोकने में सभी का सहयोग जरूरी: मुदिता भार्गव
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बाल विवाह रोकथाम अभियान को लेकर रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

इसमें बाल विवाह की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों में जागरुकता लाने तथा बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक अप्रेल से 30 जून तक चलाए जा रहे अभियान पर चर्चा की गई। अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश मुदिता भार्गव ने कहा कि हमें ऐसे समाज का निर्माण करना है, जिसमें बालिकाएं अपने माता-पिता से कहे कि मैं व्यस्क होने तक शादी नहीं करूंगी। समाज में बाल विवाह की कुरीति प्रचलित है। अक्षय तृतीया तथा पीपल पूर्णिमा पर बाल विवाह संपन्न होते हैं, जिनके दुष्परिणाम बच्चों के साथ-साथ पूरे समाज को भोगने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि चोरी छिपे होने वाले बाल विवाहों की रोकथाम में सभी की सहभागिता जरूरी है। इससे इस कुरीति को समाज से हमेशा के लिए समाप्त किया जा सकेगा।

बूंदी. बाल विवाह को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी व अन्य।

बाल विवाह सबसे बड़ी कुरीति

अभिभाषक परिषद अध्यक्ष कैलाशचंद नामधराणी ने कहा कि बाल विवाह देश की सबसे बड़ी कुरीति है। स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को बाल विवाह नहीं करने संबंधी शपथ भी दिलाई जाए और इसके दुष्परिणाम भी बताए जाएं।

बूंदी, चित्तौड़गढ़ में बाल विवाह की ज्यादा है समस्या

एडीएम नरेशकुमार मालव ने कहा कि बूंदी व चित्तौड़ जिले में बाल विवाह की ज्यादा समस्या आती है। कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी किसी शादी में शिरकत करने से पहले यह तय कर ले कि वह विवाह बाल विवाह तो नहीं है।

बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामाजिक उदाहरण पेश किए जाएं

एएसपी दशरथ सिंह ने कहा कि उदारणीय, अनुकरणीय एवं शिकायत में सकारात्मकता के साथ बाल विवाह की रोकथाम हो। बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामाजिक उदाहरण पेश किए जाएं। समाज के प्रबुद्धजन बाल विवाह करने वालों की समझाइश करें। उन्होंने कहा कि विद्यालय में जब भी अध्यापक फ्री हो तो अभिभावकों की मीटिंग भी लें। सामाजिक कुरीति को मिटाने में माता भी अपना योगदान दे।

बाल विवाह में शामिल सभी लोग दंड के भागीदार

स्वागत उद्‌बोधन देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव सुनीलकुमार बिश्नोई ने कहा कि मुद्रक निमंत्रण पत्रों पर वर-वधु की आयु तथा बाल विवाह कानूनी अपराध होने का स्लोगन भी आवश्यक रूप से अंकित करें। पैरालीगल वालेंटियर्स बाल विवाह के दुष्परिणाम की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह में शामिल सभी लोग दंड के भागीदार होते हैं। बाल विवाह की रोकथाम के लिए अध्यापक भी इस अभियान से जुड़ें। यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं आ रहा है तो उसके कारणों का पता लगाएं। सेमिनार में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कौशल सिंह, बूंदी न्याय क्षेत्र के न्यायिक अधिकारीगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंडित, मौलवी, हलवाई, बैंडवाले, आशा सहयोगिनी, टेंट व्यवसायी, प्रिटिंग प्रेस कार्यकर्ता, पैनल अधिवक्ता व पीएलवी इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट राजकुमार दाधीच ने किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट कुसुम मीणा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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