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सबसे बड़े गुढ़ा बांध में अब पीने का पानी रिजर्व होगा, ग्रामीणों को मिलेगा फायदा

औसत से कम बरसात होने के कारण गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हिंडौली व नैनवां तहसील क्षेत्र के गांवों को मुख्यमंत्री...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:25 AM IST

सबसे बड़े गुढ़ा बांध में अब पीने का पानी रिजर्व होगा, ग्रामीणों को मिलेगा फायदा
औसत से कम बरसात होने के कारण गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हिंडौली व नैनवां तहसील क्षेत्र के गांवों को मुख्यमंत्री की घोषणा से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट डिवीजन ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि प्रोजेक्ट को लागू करने में अभी समय लगेगा।

राज्य सरकार से सर्वे के लिए स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर बनाना शुरू होगा। 2 माह इसमें लगेंगे। सोमवार को देई में मीणा समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सीएम वसुंधरा राजे ने मंच से इसकी घोषणा की। हिंडौली-नैनवां तहसील के 282 गांवों-ढाणियों को जिले के सबसे बड़े गुढ़ा बांध से पेयजल मिलेगा। इसके लिए बांध की कुल भराव क्षमता में से 10 घन मिलियन क्यूबिक मीटर पानी पेयजल के लिए रिजर्व किया जाएगा। इस बार बरसात कम होने से हिंडौली-नैनवां तहसील के गांवों में गंभीर पेयजल संकट के हालात बने हुए हैं। हालांकि राहत देने के लिए जलदाय विभाग की ओर से प्रतिदिन गांवों में टैंकर भिजवाए जा रहे हैं।

सर्वे के बाद 2 माह में इंजीनियर बनाएंगे डीपीआर

पहले नैनवां और देई को मिलेगा पानी, इसके बाद गांवों को

गुढ़ा बांध पेयजल परियोजना का काम दो चरणों में होगा। डीपीआर बनने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि हिंडौली-नैनवां तहसील के गांवों में पेयजल पहुंचाने के लिए कितनी किमी पाइप लाइन डाली जाएगी। कितनी जगह पंप हाउस बनेंगे। बांध पर इंटेकवैल भी बनाया जाएगा। शुद्ध पेयजल के लिए फिल्टर प्लांट तैयार बनेगा। इसके प्रथम चरण में नैनवां व देई कस्बे को पानी दिया जाएगा। दूसरे चरण में गांवों तक पानी पहुंचेगा। प्रत्येक चार गांव के बीच एक पानी की टंकी बनाई जाएगी। हिंडौली-नैनवां तहसील के गांवों के साथ नैनवां व देई कस्बे भी संकटग्रस्त हैं। इनके 125 गांवों-ढाणियों में 64 टैंकर प्रतिदिन 427 चक्कर लगा रहे हैं। नैनवां शहर में प्रतिदिन टैंकर 69 व देई में टैंकर 91 चक्कर लगा रहे हैं। नैनवां व देई में पाईबालापुरा बांध से पानी दिया जाता है। ट्यूबवैल दोनों कस्बों की प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। देई में तो हालात काफी गंभीर हैं।

प्रोजेक्ट डिवीजन एक्सईएन जगतसिंह अरोड़ा से सवाल-जवाब

Q. गुढ़ा बांध में कितना पानी पेयजल के लिए रिजर्व होगा।

A. बांध की भराव क्षमता 95 घन मिलियन क्यूबिक मीटर है। इसमें से 10 घन मिलियन क्यूबिक मीटर पानी पेयजल के लिए रिजर्व करवाया जाएगा।

Q. कब तक परियोजना का काम चालू हो जाएगा।

A. सबसे पहले सरकार के निर्देश पर नैनवां-हिंडौली तहसील के गांवों में सर्वे होगा। इसके बाद डीपीआर बनाई जाएगी।

Q. डीपीआर बनने में कितना समय लगेगा।

A. दो माह में डीपीआर बनेगी। इसके बाद ही पता चलेगा कि कितनी पाइप लाइन डाली जाएगी, कितनी टंकियां बनेंगी।

Q. डीपीआर बनकर सरकार के पास जाने के बाद कितना समय लगेगा।

A. डीपीआर सबमिट करने के बाद वित्तीय-तकनीकी स्वीकृति मिलेंगी। इसमें तकरीबन 7-8 माह का समय लगेगा।

Q. स्वीकृतियाें के बाद काम कब तक पूरा जाएगा।

A. परियोजना का काम 3 साल में पूरा होगा।

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