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शहर की टूटी सड़कों से 1.35 लाख बाशिंदे परेशान वजह हाईकोर्ट का स्टे, कल फैसले की उम्मीद

Bundi News - शहर के लिए 14 अक्टूबर की तारीख खास है, वजह है कि शहर की सड़कों के टेंडर को लेकर विवाद के चलते हाईकोर्ट से लगे स्टे पर...

Oct 13, 2019, 08:00 AM IST
शहर के लिए 14 अक्टूबर की तारीख खास है, वजह है कि शहर की सड़कों के टेंडर को लेकर विवाद के चलते हाईकोर्ट से लगे स्टे पर सुनवाई होगी। नगरपरिषद को इस बार स्टे हटने की उम्मीद है। स्टे हटा तो शहर की प्रमुख सड़कों के निर्माण का रास्ता खुल जाएगा और 1.35 लाख शहरवासियों के अलावा पर्यटकों को राहत मिलेगी। हालांकि स्टे हटा तो भी काम दिवाली बाद ही शुरू हो पाएगा।

सभापति महावीर मोदी का कहना है कि 8 महीने से स्टे है, उनके कार्यकाल के भी 8 महीने बचे हैं। वे चुनाव नहीं लड़ रहे, पर चाहते हैं कि उनके जाने से पहले शहर की सड़कें बन जाएं। परेशान शहरवासी अब तक 10 से ज्यादा जगह जाम-प्रदर्शन कर चुके। स्टे नहीं हटता है तो भी दिवाली से पहले नगरपरिषद सड़कों पर पेचवर्क कराएगी।

सड़क निर्माण पर स्टे की वजह: रुडिस्को ने सड़कों के टेंडर कॉल किए थे। हेमा कंस्ट्रक्शन कंपनी, उदयपुर के नाम साढ़े आठ परसेंट बिलो में टेंडर छूटा, पर उपापयन समिति ने टेंडर रद्द कर दिया। दोबारा टेंडर हुआ और 13.88 परसेंट बिलो पर आरएमएसएस जेवी के नाम छूटा। इस पर हेमा कंस्ट्रक्शन हाईकोर्ट में चली गई और स्टे ले आई। मसला कोर्ट में है।

दिवाली तक रात में 8 से 2 बजे तक विशेष सफाई अभियान

पैसा है, किश्त भी चुका रहे, सड़कें नहीं बन पा रही : सभापति

सभापति महावीर मोदी का कहना है कि कुछ विकास विरोधी तत्व पूर्व ठेका कंपनी से मिले और मामला कोर्ट में ले गए। नगरपरिषद का टेंडर से कोई लेना-देना ही नहीं। सड़कों के लिए डीएलबी के जरिए 8 करोड़ रुपए का लोन मिला है, डीएलबी सरकारी अनुदान से लोन की किश्त काट रही है। पैसा भी है, किश्त भी चुकानी पड़ रही है, फिर भी सड़कें नहीं बन पा रही। नगरपरिषद को नुकसान के साथ शहर की 1.35 लाख जनता भी परेशानी झेल रही है। हमारी ओर से हाईकोर्ट में जवाब भी यही दिया गया है कि भले ही टेंडर हेमा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे, आरएमएसएस जेवी को दें या टेंडर ही कैंसिल कर नए टेंडर करवाए, पर स्टे हटाए।

दीपावली को देखते हुए शनिवार से शहर में सभापति महावीर मोदी के निर्देश पर विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया। पहले दिन आजाद पार्क की दीवारों पर जमा मिट्टी को जेसीबी से साफ कराया गया। विशेष सफाई अभियान का प्रभारी प्रदीप झावा को बनाया गया है। सभापति मोदी ने बताया कि सफाई अभियान रात में भी 8 से 2 बजे तक चलता रहेगा। सफाई अभियान में एक जेसीबी, दो डम्पर और अतिरिक्त सफाईकर्मियों की व्यवस्था की गई है।

स्टे की वजह रुका इन सड़कों का काम

सीवरेज-अमृत योजना ने शहर की सड़कें खोद डाली गई, उन्हें दुरुस्त कराने की जगह लीपापोती कर दी गई। रही-सही कसर अतिवृष्टि ने पूरी कर दी। नगरपरिषद ने प्रमुख सड़कों को सीसी बनाने के लिए प्रस्ताव बनाए। डीएलबी से नगरपरिषद को लोन के रूप में 8 करोड़ रुपए मंजूर हो गए। नगरपरिषद को मिलनेवाले अनुदान में लोन की किश्तें भी कटने लगी, पर इसी बीच टेंडर विवाद के चलते हाईकोर्ट से स्टे आने से सड़कों का काम शुरू नहीं हो सका। शहर के रामप्रकाश टॉकीज से सदर बाजार-मीरागेट तक, खाईलैंड मार्केट, इंद्राबाजार, चौगानगेट होते हुए चौमुखा से कागजी देवरा, बड़ा रामद्वारा तक, बाईपास से केएनसिंह चौराहे, लेकागेट होते हुए अंबेडकर सर्किल तक 30एमएम मोटाई की सीमेंटेड सड़कें बनानी है।

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