पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Bundi News Rajasthan News 4 Years Later 4 Pegs Are Rotating No Conversion

4 साल सूंं 4 खूंट घूम रह्‌यो छंू, नामांतरण न होयो

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

खटकड़ रोड निवासी गोपीलाल मीणा ने जमीन विवाद का 50 साल पहले जवानी में 30 की उम्र में केस दर्ज किया, अब तक न्याय नहीं मिला। जिस वकील ने यह केस शुरू किया, उनके शिष्य यह केस लड़ रहे हैं। उन्हें भी 30 साल हो गए, लेकिन इंसाफ नहीं मिला। मिली तो तारीख पर तारीख।

केशवरायपाटन के छरकवाड़ावासी कमलेश मीणा ने बताया उसके पिता नंदलाल मीणा का 21 अप्रैल 2016 को निधन हो गया, जिसका इंतकाल आज तक भी नहीं खुल पाया। मृतक के खाते की भूमि को नामांतरण खोलने के लिए कमलेश ने पटवारी को 5 हजार रुपए दिए, नामांतरण नहीं हुआ। तहसीलदार, एसडीएम कोर्ट में भी प्रार्थना-पत्र दिए, सुनवाई नहीं हो रही। कलेक्टर को 6 मार्च को प्रार्थना-पत्र दिया, अब कब सुनवाई होगी, कब इंसाफ मिलेगा, पता नहीं। लोग अपने फैसलों के निबटारे के लिए प्रशासन की अदालतों में हाजिर तो होते हैं, लेकिन उन्हें तारीख पर तारीख मिलती रहती है। न पक्ष में फैसला हो पाता है और न विपक्ष में। न्याय के इंतजार में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। अब दूसरी पीढ़ी के हिस्से में यह लड़ाई आ चुकी है। जिले की राजस्व अदालतों में 8617 मामले पेंडिंग हैं।

प्रशासनिक कार्यों के बोझ तले एसडीएम लंबित प्रकरणाें का समय पर निस्तारण नहीं कर पाते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरणाें की पेंडेंसी हो गई है। सबसे अधिक राजस्व मामले नैनवां उपखंड अदालत में पेंडिंग हैं। यहां 1622 केस में 186 का निस्तारण हुआ है 1436 केस पेंडिंग चल रहे हैं। दूसरे नंबर पर बूंदी एसडीएम कोर्ट में 1692 केस दर्ज हैं, जिसमें 297 का ही निस्तारण हुआ है। 1395 केस पेंडिंग चल रहे हैं। जिसमें 10 से अधिक केस तो 50 साल पुराने हैं।

इंसाफ कीजिए मी लार्ड...इंतजार करने वाली पीढ़ी भी बदली

जिले में 6 एसडीएम कोर्ट में 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 020 तक राजस्व के 7461 मामले पेंडिंग चल रहे हैं। ज्यादातर केस जमीन बंटवारे-रास्ताें के विवाद सरीखे हैं, जिनका निबटारा नहीं हो पा रहा। बूंदी एसडीएम कोर्ट में 1692 केस दर्ज हैं, जिसमें 297 का निस्तारण हुआ 1395 पेंडिंग चल रहे हैं। एसडीएम तालेड़ा में 1114 केस दर्ज हैं, 355 का निस्तारण हुआ, 779 पेंडिंग हैं। एसडीएम नैनवां में 1622 केस दर्ज हैं, जिसमें 186 का निस्तारण हुआ, 1436 पेंडिंग हैं। हिंडौली एसडीएम कोर्ट में 1498 केस दर्ज हैं, जिसमें से 388 केस का निस्तारण हुआ, 1110 केस पेंडिंग हैं। केशवरायपाटन एसडीएम कोर्ट 1320 दर्ज केसाें में से 233 का निस्तारण हुआ है। 1087 केस पेडिंग हैं। लाखेरी एसडीएम कोर्ट में 881 मामले दर्ज हैं, जिसमें 109 केस का निस्तारण हुआ है। 772 केस पेंडिंग हैं।

शहर में 1923 केस पेंडिंग

शहर की एडीएम कोर्ट में 821 मामले दर्ज हैं, जिसमें 279 केस का निस्तारण हुआ, 542 केस पेंडिंग चल रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट-कलेक्टर के यहां भी 1081 केस दर्ज हैं, जिसमें से 467 केस का निस्तारण हुआ, 614 केस पेंडिंग हैं। डीएम कोर्ट में सोमवार, मंगलवार, बुधवार को सुनवाई होने के बावजूद केस पेंडिंग रहे हैं। एसडीएम कोर्ट में पांचों दिन सुनवाई का समय तय है, लेकिन प्रशासनिक कार्यो के चलते आएदिन सुनवाई टल जाती है। तहसील में 7509 मामले दर्ज हैं, जिसमें 6742 केस का निस्तारण हुआ, 767 केस पेंडिंग हैं।

एक्सपर्ट व्यू...सोमवार से बुधवार कोर्ट नहीं लगने से हो रही देरी

{राजस्थान काश्तकारी अधिनियम में प्रावधान है कि सहायक कलेक्टर की नियुक्ति कर राजस्व मामलों को निबटाया जाए, लेकिन सरकार ने उपखंड अधिकारी को कई कार्यभार दे रखे हैं। प्रशासनिक कार्यों में व्यस्तता के चलते राजस्व मामलों के निस्तारण नहीं हो पा रहे हैं। हाईकोर्ट में इसकी जनहित याचिका लगी। इसमें हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि सहायक कलेक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए।

-चंद्रशेखर शर्मा, अध्यक्ष, अभिभाषक परिषद

{एसडीएम के प्रशासनिक कार्यो में व्यस्त रहने के कारण बूंदी एसडीएम कोर्ट में बरसों के मामले पेंडिंग हैं। 365 दिन में एसडीएम कोर्ट में मुश्किल से 65 दिन सुनवाई होती है। अधिवक्ता वर्षो से अलग से प्रशासनिक अधिकारी लगाने की मांग कर रहे हैं। ज्यूडिशियल के लिए अलग प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त हो, जिसका कार्य राजस्व मामलों के निस्तारण के लिए ही हो तो पेंडिंग मामले कम होंगे, त्वरित न्याय मिलेगा।

-लीलाधरसिंह, अधिवक्ता

{राजस्व मंडल के निर्देश पर सोमवार से बुधवार तक नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों में मामले निबटाने का प्रावधान है, लेकिन प्रशासनिक बैठकों का समय भी यही होता है। इस कारण नियमित रूप से कोर्ट नहीं लग पाती है। राजस्व केस पेंडिंग होने से असर यह हो रहा है कि लड़ाई-झगड़ों के प्रकरण-अपराध भी बढ़ रहे हैं। शिवराज नागर, अधिवक्ता

इधर, हिंडौली को मिली ए प्लस ग्रेड, फिर भी 1093 केस पेंडिंग

हिंडौली. राजस्व मंडल अजमेर द्वारा उपखंड स्तर पर राजस्व प्रकरण निबटाने के निर्धारित मापदंड के अनुसार की गई त्रैमासिक समीक्षा में हिंडौली उपखंड कार्यालय को उत्कृष्ट ए प्लस श्रेणी में शामिल किया है। 1 जुलाई 019 से 30 सितंबर 019 तक की समीक्षा में इस कार्यालय को 100 फीसदी से अधिक मामलों का निबटारा करने पर उत्कृष्ट श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके बावजूद 1093 मसले पेंडिंग हैं। वहीं, अक्टूबर 019 से दिसंबर 019 तक 90 प्रकरण निबटाए गए। 1 जनवरी 020 से फरवरी 020 तक 68 प्रकरण निबटाए गए। तहसील कार्यालय में 183 बी के तीन मामले पेंडिंग चल रहे हैं, जाे एसटी-एससी की जमीनों पर अवैध कब्जे के हैं, जिनकी सुनवाई जारी है।

राजस्व मामले निबटाने में तत्परता दिखाई है। कलेक्टर और एडीएम कोर्ट में अब गिनती के मामले बचे हैं, वे भी जल्द निस्तारित हो जाएंगे। जिन क्षेत्रों में पेंडेंसी हैं, जल्द पुराने मामले निबटाने के निर्देश दिए हैं। हम लगातार रिव्यू कर रहे हैं। सभी एसडीएम को निर्देश दिए जा चुके कि वे नियमित रूप से कोर्ट लगाकर मसले निस्तारित करें।
अमानुल्लाह खान, एडीएम सीलिंग

पिता की मृत्यु के बाद जमीन पर हक के लिए बेटा कर रहा संघर्ष

एसडीएम कोर्ट में तीस साल से हफीजा बानो बनाम बशीर नाम से केस चल रहा है। इसमें हफीजा के पति की मौत हो गई थी। उसके चाचा ने लावारिस बताकर जमीन अपने खाते में कर ली। हफीजा बानो खाता बदलवाने के लिए 30 साल से एसडीएम कोर्ट के चक्कर लगा रही, हर बार तारीख मिलती है। यहां 100 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें 10 साल से भी अधिक समय गुजर गया, लेकिन इंसाफ नहीं मिल पाया।

पति की मौत के बाद चाचा ने जमीन हड़प ली, हफीजा बानो 30 साल से लगा रही इंसाफ के लिए चक्कर
खबरें और भी हैं...