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पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची भीमलत, एकमुखी शिवलिंग ले जाने का विराेध

Bundi News - हस्ताक्षर अभियान भी चलाया हुआ है शेखावत ने बताया कि इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर...

Feb 15, 2020, 07:55 AM IST
Bundi News - rajasthan news archaeological department team reached bhimalat against carrying a single shivling

हस्ताक्षर अभियान भी चलाया हुआ है

शेखावत ने बताया कि इस स्थल का ऐतिहासिक महत्व है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर मूर्ति की यहीं स्थापना करेंगे तो इस क्षेत्र का पौराणिक अस्तित्व बना रहेगा और जनअास्था भी जुड़ी रहेगी। ग्रामीणों ने इस मंदिर व मूर्ति संरक्षण को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया हुआ है। इसके लिए भारतीय पुरातत्व संवेक्षण नई दिल्ली को निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से शिवलिंग को अपने अधीन लेने काे कहा था। शुक्रवार को इसी आदेश की पालना में टीम पहुंची। इस दौरान खींण्या सरपंच राजकुमार मीणा, विजयराजसिंह मालकपुरा, बंटी, प्रसून बाहेती, ओमप्रकाश कुक्की, पवन शर्मा, सरपंच राजकुमार मीणा, ज्याेतिषाचार्य शिवप्रकाश दाधीच, भीमलत मंदिर समिति के सदस्य व ग्रामीणों ने मूर्ति का संरक्षण कर यहीं मंदिर निर्माण कराने की मांग की।

बूंदी| एएसआई जयपुर मंडल की टीम शुक्रवार को भीमलत क्षेत्र में एकमुखी शिवलिंग को संरक्षण व अधिग्रहण के लिए पहुंची। सेव आर हेरिटेज अध्यक्ष अरिहंतसिंह शेखावत ने भारतीय पुरातत्व विभाग-एएसआई जयपुर मंडल को पत्र देकर एकमुखी शिवलिंग व मंदिर का जीर्णोद्घार कर इसी क्षेत्र में स्थापित करने की जरूरत बताई थी।

शेखावत ने बताया कि यह मंदिर 5वीं सदी का गुप्तकालीन समय का है। एकमुखी शिवलिंग कुषाणकाल का हो सकता है। एएसआई टीम मूर्ति के संरक्षण व सुरक्षा को लेकर संग्रहालय में ले जाना चाहती है, लेकिन हाड़ाैती में एएसआई का कोई भी संग्रहालय नहीं है। दूसरी ओर शिवलिंग जाने पर जनभावना आहत हो जाएगी। यह शिवलिंग मंदिर के भग्नावशेष में स्थित है। मंदिर का अभिन्न अंग है। शिवलिंग को अगर यहां से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाता है तो इससे मंदिर का महत्व ही नहीं रह जाएगा। इस मंदिर से महज 500 मीटर की दूरी पर अत्यंत सुंदर मध्य पाषाण कालीन शैलचित्र और लगभग 100मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला जलप्रपात है। इस स्थल की ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए मंदिर के भग्नावशेषों को संरक्षित करने व शिवलिंग व मंदिर दोनों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में लेना चाहिए।

बूंदी. टीम एकमुखी शिवलिंग का अवलोकन करती हुई।

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