देई: महामंडल विधान से हुआ पूजन
श्री दिगंबर जैन चन्द्रप्रभु चोबीसी जिनालय अग्रवाल नसियां मंदिर देई मंे अष्टान्हिका पर्व रथयात्रा पर सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ के आयोजन पर रविवार को परमेष्ठि विधान आयोजित हुआ।
मंदिर प्रवक्ता दीपक बंसल ने बताया कि सुबह नित्य मंगलाचरण, नित्याभिषेक, शांतिधारा के कार्यक्रम आयोजित हुए। दोपहर में सिद्धचक्र विधान मंडल में श्रद्धालुओं ने संगीतमय भजन व मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन किया। शनिवार रात्री को पंडित मनोज शास्त्री के प्रवचन हुए। इसके बाद नाटक का आयोजन हुआ। नित्य आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालु बड़े उत्साह के साथ भाग ले रहे हंै।
तन-मन-धन का नाश करती है शराब
कापरेन. कस्बे के श्रेयांसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को प्रवचन करते हुए मुनि विश्रांतसागर महाराज ने कहा कि शराब पीने से धन तो नष्ट होता ही है तथा तन मन भी खराब हो जाता है। शराब पीने से लीवर खराब हो जाता है व किड़नी भी खराब हो जाती है। शराब पीने से परिवार वाले भी अस्त व्यस्त हो जाते हैं।
माता, प|ी, बेटी भी शराब पीने वाले का विश्वास नहीं करते हैं। शराब के नशे में व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। शराबी व्यक्ति जब नशे में होता है तो वह अपनी माता अपनी बहिन या बेटी के साथ भी कुकर्म करने तैयार हो जाता है। शराबी के पास अकेले में माता, बहिन, बेटी भी रहना स्वीकार नहीं करती है। मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य पर्याय में श्रेष्ठ धर्म ध्यान होता है। मनुष्य ही श्रेष्ठ तपस्या कर सकता है। मनुष्य ही पूर्ण संयमी बन सकता है और मनुष्य ही निर्वाण पद को प्राप्त कर सकता है। अत: मनुष्य अमूल्य मनुष्य पर्याय के पाकर शराब, तंबाकू, बीड़ी आदि नशीले पदार्थों का सेवन न करके शक्ति के अनुसार तपस्या करते रहना चाहिए, जिसमें मनुष्य पर्याय प्राप्त करना सफल एवं सार्थक हो जाये। इस दौरान सकल दिगम्बर जैन समाज के समाज बंधु मौजूद रहे ।शांति धार करने का सौभाग्य महावीर प्रसाद, मनोज कुमार- विशाल कुमार बाकलीवाल को मिला तथा आहारचर्या लालचंद पापड़ीवाल के यहां हुई।