• Hindi News
  • Rajya
  • Rajasthan
  • Bundi
  • Bundi News rajasthan news filler capacity command area should have a gudhbandh major irrigation project but it is still in the medium project so it comes

भराव क्षमता-कमांड एरिया में गुढ़ाबांध बनना चाहिए वृहद सिंचाई परियोजना, पर अभी है मध्यम परियोजना में, इसलिए अाती है अाफत

Bundi News - भराव क्षमता व कमांड एरिया के मुताबिक हाड़ाैती के सबसे बड़े मिट्‌टी के गुढ़ाबांध को वृहद सिंचाई परियोजना श्रेणी...

Bhaskar News Network

Aug 20, 2019, 08:55 AM IST
Bundi News - rajasthan news filler capacity command area should have a gudhbandh major irrigation project but it is still in the medium project so it comes
भराव क्षमता व कमांड एरिया के मुताबिक हाड़ाैती के सबसे बड़े मिट्‌टी के गुढ़ाबांध को वृहद सिंचाई परियोजना श्रेणी में होना चाहिए, लेकिन इसे मध्यम सिंचाई परियोजना में डाला हुआ है। रविवार को जलसंसाधन जोन कोटा के अधिकारियों ने गुढ़ाबांध का निरीक्षण किया। इसके बाद श्रेणी बदलने के लिए प्रस्ताव बनाने की तैयारी शुरू की जा रही है। श्रेणी बदलने के बाद गुढ़ाबांध भी राणाप्रताप सागर, गांधीसागर, जवाहरसागर, बिसलपुरा बांधों की श्रेणी में आ जाएगा।

डैम सेफ्टी कानून बनने के बाद बांध को अलग से बजट भी मिल सकेगा। अच्छी बरसात के चलते इस बार गुढ़ाबांध के 17 गेट खोलकर पानी की निकासी करवाई गई थी, जिससे कई गांवों में पानी भर गया था। गुढ़ाबांध की श्रेणी बदलने के बाद नया सिस्टम डवलप किया जाएगा, जिससे समय रहते यह पता चल जाएगा कि बरसात से बांध में कितने पानी की अावक हो रही है और इससे गांवों पर क्या असर पड़ेगा।

रविवार को जलसंसाधन जोन कोटा के चीफ इंजीनियर राजीव चौधरी, राणाप्रताप सागर-जवाहरसागर वृत्त कोटा के एसई एडी अंसारी ने श्रेणी बदलने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के जलसंसाधन विभाग के एक्सईएन आरके पाटनी को निर्देश दिए हैं।

30 गेट वाला गुढ़ा बांध।

बीरू शर्मा| बूंदी

भराव क्षमता व कमांड एरिया के मुताबिक हाड़ाैती के सबसे बड़े मिट्‌टी के गुढ़ाबांध को वृहद सिंचाई परियोजना श्रेणी में होना चाहिए, लेकिन इसे मध्यम सिंचाई परियोजना में डाला हुआ है। रविवार को जलसंसाधन जोन कोटा के अधिकारियों ने गुढ़ाबांध का निरीक्षण किया। इसके बाद श्रेणी बदलने के लिए प्रस्ताव बनाने की तैयारी शुरू की जा रही है। श्रेणी बदलने के बाद गुढ़ाबांध भी राणाप्रताप सागर, गांधीसागर, जवाहरसागर, बिसलपुरा बांधों की श्रेणी में आ जाएगा।

डैम सेफ्टी कानून बनने के बाद बांध को अलग से बजट भी मिल सकेगा। अच्छी बरसात के चलते इस बार गुढ़ाबांध के 17 गेट खोलकर पानी की निकासी करवाई गई थी, जिससे कई गांवों में पानी भर गया था। गुढ़ाबांध की श्रेणी बदलने के बाद नया सिस्टम डवलप किया जाएगा, जिससे समय रहते यह पता चल जाएगा कि बरसात से बांध में कितने पानी की अावक हो रही है और इससे गांवों पर क्या असर पड़ेगा।

रविवार को जलसंसाधन जोन कोटा के चीफ इंजीनियर राजीव चौधरी, राणाप्रताप सागर-जवाहरसागर वृत्त कोटा के एसई एडी अंसारी ने श्रेणी बदलने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के जलसंसाधन विभाग के एक्सईएन आरके पाटनी को निर्देश दिए हैं।

श्रेणी बदलने पर ये होंगे कार्य, गुढ़ा बांध की भी मॉनिटरिंग वृहद परियोजना की तरह

जिस तरह से वृहद सिंचाई परिेयाेजना वाले बांधों की माॅनिटरिंग होती है, उसी तरह से गुढ़ाबांध पर भी निगरानी रखी जाएगी। खासतौर पानी की आवक पर। जिन जगहों से बांध में पानी की आवक होती है, वहां गेजिंग सिस्टम डवलप किया जाएगा, ताकि यह पता चल जाएगा बांध में कब और कितने पानी की आवक होगी (उदाहरण के तौर पर त्रिवेणी नदी पर गेजिंग सिस्टम से पता चल जाता है कि बीसलपुर में कितना पानी आएगा)। डाउन स्ट्रीम पर नदी की केपेसिटी का डेटाबेस तैयार होगा। इससे पता चल जाएगा कि बांध से पानी को छोड़ने के दौरान किस गांव में कितना पानी भरेगा।


गुढ़ाबांध एक नजर में







बूंदी. गुढ़ा बांध का निरीक्षण करते जल संसाधन विभाग के इंजीनियर।

Bundi News - rajasthan news filler capacity command area should have a gudhbandh major irrigation project but it is still in the medium project so it comes
X
Bundi News - rajasthan news filler capacity command area should have a gudhbandh major irrigation project but it is still in the medium project so it comes
Bundi News - rajasthan news filler capacity command area should have a gudhbandh major irrigation project but it is still in the medium project so it comes
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना