16 दिसंबर से मलमास शुरू, एक माह बंद रहेंगे मांगलिक कार्य

Bundi News - मलमास 16 दिसंबर से शुरू होगा। इसके साथ ग्रह-नक्षत्रों की स्थितियां भी बदलेंगी। मांगलिक कार्य नहीं होंगे। मंदिरों...

Dec 04, 2019, 08:56 AM IST
मलमास 16 दिसंबर से शुरू होगा। इसके साथ ग्रह-नक्षत्रों की स्थितियां भी बदलेंगी। मांगलिक कार्य नहीं होंगे। मंदिरों में अनुष्ठान व पौष बड़ा महोत्सव मनाए जाएंगे। ग्रहों की शांति के लिए अनुष्ठान होंगे। 14 दिसंबर को पश्चिम दिशा में गुरु अस्त होंगे।

9 जनवरी को पूर्व दिशा में गुरु फिर उदय होंगे। मलमास 14 जनवरी रात 2 बजे तक रहेगा। 15 जनवरी से फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे। न्याय के देवता का प्रतिनिधित्व करने वाले शनिग्रह नए साल के शुरुआत में ही अपनी चाल बदलेंगे। ऐसे में नए साल में ग्रहों की स्थिति में कई बड़े फेरबदल होंगे। 24 जनवरी को सुबह 9.51 बजे शनिदेव धनु राशि छाेड़कर मकर में प्रवेश करेंगे। शनि के राशि परिवर्तन से 2020 में कन्या-वृषभ राशियाें के जातकाें काे लाभ होगा। इन राशियाें से शनिदेव की अशुभ दृष्टि हट जाएगी, पर कुछ राशियाें पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

खीण्या के ज्योतिषाचार्य पं. शिवप्रकाश दाधीच के मुताबिक जब काेई ग्रह एक राशि काे छाेड़कर दूसरी राशि में स्थान परिवर्तन करता है ताे उसका प्रभाव हर राशि पर पड़ता है। शनि के मकर राशि में पहुंचने से वृश्चिक राशि के जातकाें पर उसकी टेढ़ी नजर नहीं रहेगी। वृषभ व कन्या राशि से शनिदेव की ढैय्या का असर भी खत्म हाे जाएगा। धनु, मकर, कुंभ राशि के जातकाें पर साढ़े साती, मेष व सिंह राशि वालाें पर शनिदेव की ढैय्या रहेगी। इसके लिए जातकाें काे पूजा-अर्चना के बाद दानपुण्य, बुजुर्गाें की सेवा, साधु-संताें, ब्राह्मणाें, जरूरतमंदाें काे भाेजन, वस्त्रदान, गायाें काे हरी घास, गुड़, पक्षियाें काे दाना डालने के साथ ही पीपल काे जल चढ़ाकर दीपक जलाना चाहिए।

धनु पर प्रारंभ होगा साढ़े साती का तीसरा चरण

शनि के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही राशियाें पर साढ़े साती और ढैया बदल जाएंगे। धनु-मकर और कुंभ राशियाें पर साढ़े साती का प्रभाव रहेगा। मकर-कुंभ राशि के जातकों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। शनि के धनु से मकर राशि में प्रवेश करने से धनु राशि के जातकों की दूसरे चरण की साढ़ेसाती खत्म और तीसरे चरण की शुरू हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि जातक की राशि के 12वें, पहले और दूसरे भाव में शनि की स्थिति साढ़े साती कहलाती है। सबसे धीमे ग्रह शनिदेव हैं, जो एक राशि में ढाई साल निवास करते हैं।

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