मोहम्मद साहब का जीवन इंसानियत के लिए मार्गदर्शन

Bundi News - जशने ईद मिलादुन्नबी जलसा कमेटी की और से शनिवार रात 9.30 बजे एक अजीमुशाम जलसे के कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत...

Nov 11, 2019, 07:40 AM IST
जशने ईद मिलादुन्नबी जलसा कमेटी की और से शनिवार रात 9.30 बजे एक अजीमुशाम जलसे के कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरान से हुई। उस के बाद बूंदी शहर के नात खान हज़रत ने नाते रसूल पढ़ी। मुफ्ती नदीम अख्तर साहब ने तकरीर की। शहरकाजी भीलवाड़ा के मौलाना खुर्शीद अहमद साहब ने अपनी तकरीर में कहा कि मोहम्मद साहब जैसा कोई है और नहीं कोई होगा अल्लाह ने मोहम्मद साहब को रहमत बना कर भेजा है। उनका जीवन पूरी इंसानियत के लिए मार्ग दर्शन का काम कर रहा है। आज पूरी दुनिया उन के बताए हुए रास्ते पर चलना शुरू कर दे तो दुनिया से नफरत खत्म हो जाए और मोहब्बत पैदा हो जाएंगे। मौलाना हाशिम नुरी साहब ने मोहम्मद साहब की जीवनी पर प्रकाश डाला।

राजस्थान मौलाना मुश्ताक अहमद साहब कैथून व शकील अहमद साहब सुल्तानपुरी ने नाते रसूल पढ़ी। मौलाना निजामुद्दीन ने अपनी सदारती तकरीर में मोहम्मद साहब की जिंदगी हमारे लिए एक नमुनाए हयात है यदि हम उनके बताए हुए रास्ते पर चले तो दुनिया से दहशतगर्दी खत्म होकर दुनिया एक अमन का गहवारा बन जाए।

जलसे के दौरान जलसा कमेटी की सदारत कर रहे इब्राहीम बरकाती अंसारी और जलसा कमेटी सरपरस्त मौलाना निजामुद्दीन साहब का अंजुमन गुलामाने रसूल कमेटी की जानिब से इस्तकबाल किया गया। जलसा कमेटी की जिम्मेदारी इब्राहीम बरकाती 36 साल से बखूबी निभा रहे हैं। इस जलसे के दौरान हाजी नुरूद्दीन एडवोकेट, अंजुमन सदर जाकिर हुसैन कादरी, मौलाना टेलर, मौलाना नूर मोहम्मद कादरी, मौलाना इकबाल, रईस भाई शोकर, रफीक अब्बासी, खलील अहमद, हाजी उबैद रज़ा, हाजी फय्याज, मौलाना अब्दुलहक, आमीन भाई, हसन भाई, जब्बार अंसारी व कई लोग अल सुबह 4 बजे तक जलसे में मौजूद रहे। जलसे के बाद तबरुक बांटा गया ।

बूंदी. ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जलसे में तकरीर करते मौलाना।

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