नैनवां इलाके से ज्यादा अाबादी, फिर भी लाखेरी काे 25 सालाें से नहीं मिला सरकारी काॅलेज का अधिकार

Bundi News - नैनवां उपखंड इलाके से ज्यादा अाबादी, फिर भी लाखेरी काे 25 सालाें से सरकारी काॅलेज का हक नहीं मिला, इसके लिए राजनीतिक...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 09:40 AM IST
lakheri News - rajasthan news more than nainav areas yet lakhri did not get the right of government college for 25 years
नैनवां उपखंड इलाके से ज्यादा अाबादी, फिर भी लाखेरी काे 25 सालाें से सरकारी काॅलेज का हक नहीं मिला, इसके लिए राजनीतिक बातें ही हुई, काम की दमदार काेशिश नहीं हुई। इसके चलते लाखेरी क्षेत्र को पिछले 25 वर्षो से सरकारी काॅलेज का इंतजार है, जो समय के साथ लंबा होता जा रहा है।

उपखंड क्षेत्र की करीबन 2 लाख 10 हजार अाबादी यह मानती है कि लाखेरी उपखंड मुख्यालय काॅलेज मापदंडों के हिसाब से खरा उतरता है। सही अाैर तकनीकी रूप से काॅलेज का दावा प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके चलते यह मांग महज राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गई। लाखेरी जिले के सबसे बड़े उपखंड मुख्यालय है, जिसकी 24 ग्राम पंचायत क्षेत्र के गांवों में 40 से अधिक सीनियर स्कूलों से सीधा संपर्क रहता है, फिर भी कालेज की मांग प्रभावी रूप से सरकार के पास नहीं पहुंची। इसी का नतीजा है कि जब भी शहर में काॅलेज की मांग की जाती है, तब आश्वासन तो मिलते हैं, लेकिन काॅलेज का दावा तथ्यात्मक नहीं होने से लाखेरी इससे वंचित रह जाता है। नैनवां उपखंड क्षेत्र की अाबादी 1 लाख 65 हजार मानी गई है, जबकि लाखेरी क्षेत्र की अाबादी इससे ज्यादा है, लेकिन लाखेरी की अावाज जयपुर में दमदारी से नहीं उठ पाई।

काेटा-माधाेपुर-जयपुर जाते हैं स्थानीय बच्चे

लाखेरी में काॅलेज नहीं होने के चलते उच्च अध्ययन के इच्छुक छात्र-छात्राअाें को कोटा, सवाईमाधोपुर अाैर जयपुर तक जाना पड़ रहा है। बूंदी शहर दूर हाेने के चलते वहां पर पढ़ने के लिए यहां के बच्चे कम जाते हैं। कोटा, सवाईमाधोपुर अाैर जयपुर के लिए ट्रेन कनेक्टीविटी अच्छी हाेना भी इसका कारण रहा है। जो छात्र आर्थिक परेशानी के चलते बाहर नहीं जा पाते, उन्हें प्राइवेट पढ़ाई करनी पड़ती है। छात्राओं को इस परेशानी के चलते उच्च शिक्षा के लिए वंचित रहना पड़ता है, जिन्हें निजी काॅलेज में प्रवेश लेना पड़ता है, जहां फीस का अतिरिक्त भार लगता है।

तथ्यात्मक आकंड़ाें से पिछड़ी हमारी मांग

लाखेरी में तथ्यात्मक रूप से दावा नहीं करने के चलते सरकारी काॅलेज की मांग हल्की पड़ जाती है। दरअसल, जब भी मांग उठती है तो सरकारी स्तर पर लाखेरी से बाहर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या का आकलन किया जाता है। इसमें भी दूरी के हिसाब से यह देखा जाता है कि जिला मुख्यालय के काॅलेज में इस क्षेत्र के कितने बच्चे पढ़ते हैं। इसी कारण लाखेरी पिछड़ जाता है, क्योंकि अधिकांश छात्र साधनों अाैर उच्च अध्ययन के अवसरों के कारण कोटा, जयपुर प्रवेश लेते हैं। जिसका आकलन सरकारी स्तर पर नहीं हो पाता है। बहुत से छात्र सवाईमाधोपुर जाते हैं। लाखेरी से कोटा, सवाईमाधोपुर, जयपुर के लिए ट्रेन रूट होने के कारण छात्रों की पसंद बड़े शहर होते हैं। बूंदी में लाखेरी क्षेत्र के छात्रों का नामांकन कम रह जाता है।

रिकाॅल:1995 से बजा था काॅलेज की मांग का बिगुल

शहर में काॅलेज की मांग का बिगुल 1995 के आसपास शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने ही बजाया था। दीवारों पर नारे लिखकर जनजागृत करने से लेकर सरकार तक ज्ञापनों के माध्यम से मांग की जाती रही है। तात्कालिक उच्च शिक्षामंत्री ललितकिशोर चतुर्वेदी ने पहली बार लाखेरी में काॅलेज की मांग की पैरवी करते हुए आश्वासन दिए थे। तभी से यह मुद्दा राजनीति में आ गया। इसके बाद वर्ष 2000 में काॅलेज के लिए कमेटी बनाकर सरकारी स्तर पर भवन की संभावना की तलाशी। आर्थिक सहयोग के लिए भी प्रयास हुए थे। फिर ठोस प्रयास नहीं हुए। पिछली सरकार में यह मुद्दा राजनीतिक मंचों पर गर्माया, लेकिन मांग परवान नहीं चढ़ पाई।

मैं उठाऊंगी विधानसभा में मसला-चंद्रकांता

क्षेत्ररय विधायक चंद्रकांता मेघवाल का कहना है कि लाखेरी काे सरकारी काॅलेज का हक मिलना चाहिए। उन्हाेंने इसके लिए राज्य विधानसभा में प्रश्न लगाया है, जिसका नंबर अाने पर वे इसका मुद्दा उठाएंगी अाैर सरकार का ध्यान अाकर्षित करेंगी।

बाेयत मिले मंत्री से

इस मांग को लेकर हाल ही में पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत व कुछ क्षेत्रवासी उच्च शिक्षामंत्री भंवरसिह भाटी से मिले अाैर सरकारी काॅलेज की जरूरत बताई। मंत्रीस्तर पर चर्चा के बाद काॅलेज के लिए तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने व आगे कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

लाखेरी. लाखेरी मे काॅलेज के लिए उच्च शिक्षा मंत्री से मिले स्थानीय नेता।

X
lakheri News - rajasthan news more than nainav areas yet lakhri did not get the right of government college for 25 years
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना