लोगों की नींद उड़ाने वाले चोर धरे, इलाका चुनते किराए का कमरा लेते, फिर रैकी कर माल उड़ाते

Bundi News - शहरवासियों की नींद उड़ानेवाली और पुलिस की नाक में दम करनेवाली चोर गैंग के मुखिया व उसके सहयोगी को आखिर सदर पुलिस ने...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:36 AM IST
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शहरवासियों की नींद उड़ानेवाली और पुलिस की नाक में दम करनेवाली चोर गैंग के मुखिया व उसके सहयोगी को आखिर सदर पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, उनका एक साथी फरार है।

पूछताछ में दोनों चोरियों के राज उगल रहे हैं। 6 मई की रात महिंद्रा कॉलोनी में पुरुषोत्तम सैनी के सूने मकानर के ताले तोड़कर 8 हजार रुपए चांदी के गहने चुराने के अलावा और भी वारदातें स्वीकार की हैं। पुलिस के मुताबिक 15-20 चोरियाें का राज खुल सकता है। पुलिस माल बरामद करने में लगी है। आरोपी पूर्व में एक स्कूल में भी चोरी कर चुके हैं। चोरों को पकड़ने में सदर थाने के कांस्टेबल प्रमोद गुर्जर (बेल्ट नं-1065) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।


सादा कपड़ों में पुलिस 1 माह तक जुटाती रही जानकारी

नैनवां रोड, बीबनवा रोड, माटुंदा रोड इलाकों के सूने मकानों में लगातार हो रही चोरियों का खुलासा करने के लिए एसपी ममता गुप्ता के निर्देश पर एएसपी सतनामसिंह, डीएसपी समदरसिंह चांपावत के निर्देशन में सदर सीआई अमरसिंह राठौड़ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। यह टीम सादा कपड़ों में इन इलाकों में एक महीने तक जानकारी जुटाती रही। पुख्ता सूचना के बाद पुराना माटुंदा रोड पर एक मकान से अनिल मीणा (24) निवासी जीवणपुरा हाल पावर हाउस कॉलोनी देई तथा शिवशंकर उर्फ बुद्धिप्रकाश उर्फ शिवा चौपदार (21) निवासी गुढ़ादेवजी नैनवां को गिरफ्तार कर लिया। उनके तीसरे साथी एक ट्रक चालक कन्हैयालाल की तलाश जारी है। सदर सीआई अमरसिंह राठौड़ के मुताबिक आरोपी अनिल मीणा देवपुरा रोड पर तीन चार माह से ईमित्र व फोटोस्टेट की दुकान पार्टनरशिप में चला रहा था। इसकी आड़ में साथियों के साथ सूने मकानों की रेकी कर चोरी को अंजाम देता। अनिल मीणा शहर का जानकार है और 9वीं, 10वीं बूंदी में पढ़ा है, वर्तमान में ईमित्र संचालक बताकर मकान किराए पर लेता। फिलहाल राधाकृष्ण कॉलोनी गैस गोदाम के सामने दोनों किराए पर रह रहे थे। अनिल के अन्य सहयोगी नैनवां व देई के हैं, जिन्हें अनिल अपने कमरे में बुलाकर सारा प्लान समझाता। अनिल नैनवां कॉलेज में भी भी पढ़ा था, सैकंड ईयर में फेल होने पर पढ़ाई छोड़ दी। देई में 9वीं, 10वीं के छात्रों को कोचिंग भी करवाई। सहयोगी शिवशंकर उर्फ बुद्धिप्रकाश पूर्व में अनिल की कोचिंग में ही पढ़ाता था। दोनों देई और सदर थाना इलाके में चोरियों में लिप्त रहे हैं। दो साल पहले नैनवां पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार भी किया था।

इस तरह चोरियों को देते अंजाम : पांच-छह महीने से शहर की इंद्रा कॉलोनी, देवपुरा, राधाकृष्ण कॉलोनी, बीबनवा रोड, दयानंद कॉलोनी सहित कई इलाकों में किराए के कमरे लिए। ये लोग सुनसान इलाकों में ऐसे मकानों में कमरा लेते थे, जिनके मालिक वहां नहीं रहते थे। फिर इलाके में रेकी करते और घर बंद देखकर चोरी करते। वारदात के बाद कुछ समय के लिए शहर से बाहर चले जाते फिर लौट आते। ये रात 12 बजे बाद चोरी के लिए निकलते और तड़के तीन बजे तक लौट आते। चोरी करने जाते वक्त कभी मोबाइल साथ लेकर नहीं जाते, ताकि पुलिस को गच्चा दिया जा सके और लोकेशन ट्रेस ना हो। अपने पास बाइक-स्कूटी भी नहीं रखते थे। ये सोना चांदी या नकदी ही चुराते थे, बाकी चीजों पर हाथ साफ नहीं करते थे।

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