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कवियों-कलाकारों ने कविताएं-भजन गाकर मनाया होली स्नेह मिलन
कस्बे में सोमवार रात स्थानीय कवियों एवं कलाकारों का तहसील चौराहे पर होली स्नेह मिलन समारोह मनाया, जिसमें कवियों ने हास्य-व्यंग्य की कविताओं व कलाकारों ने होली के गीतों-भजनों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनाेरंजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यनारायण राव ने गणेश वंदना-म्हानै वर दीज्यो महाराज गजानंद गोरी के नंदा से किया गया। तत्पश्चात कवि लोकेश, नारायण शर्मा ने बूंदी की महिमा पर-बूंदी थारा सूर वीरां ने सगला जाने रे, चूंडावत रण पथ ने भूल्यो जा मांगी सैलानी-गीत प्रस्तुत किया। कवि नवीन दाधीच ने-अष्टा चंगा सोलह साल, लाड़ी फूत्या रा त्याेहार, सासू खेलबा न दे-कविता सुनाई। कवि कैलाश मयंक द्वारा-सुनो हसीना काजल वाली-गीत के साथ पैरोडी गाने सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया। कवि जगदीश शर्मा ने भी हास्य-व्यंग्य की कविताएं सुनाई। विष्णु शर्मा “भारद्वाज” ने भ्रष्टाचार, होली व जलेबी में बाल की मार्का सहित कई हास्य व्यंग्य की क्षणिकाएं प्रस्तुत की। कलाकार मोहन पेंटर ने “होली खेल रह्यो नंदलाल गोकुल की कुंज गली में” भजन प्रस्तुत किया। देवीलाल गुर्जर ने “बांस की बांसुरिया पे घणौ इतरावे, सोना-चांदी की होती तो काई करतौ “रामलाल गुर्जर ने “हां रे होली आई रे, या सुणो संदेशों काई लाई रे “गीत, परमेश्वर शर्मा ने “खेले लाल गुलाल राधे संग श्याम बिहारी “भजन, कलाकार सीताराम राव ने “बनो म्हारो चारभुजा को नाथ बनी म्हारी तुलसा लाड़ली”भजन सुनाया। कलाकार सत्यनारायण राव ने-आज बीरज में होली रे रसिया-भजन सुनाकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। इस दाैरान जादूगर फूलचंद सैनी ने जादुई करतब दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। मुख्य अतिथि प्रभुलाल सेन थे। अध्यक्षता व्याख्याता विष्णु शर्मा भारद्वाज ने की। विशिष्ट अतिथि कलाकार देवीलाल गुर्जर थे। संचालन कैलाश मयंक ने किया। होली स्नेह मिलन समारोह के संयोजक कालूलाल मीणा ने अतिथियों-कवियों व कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। अगले वर्ष 2021 के समारोह के आयोजन के लिए फूलचंद सैनी को संयोजक नियुक्त किया।
देई: महामूर्ख कवि सम्मेलन में जमा हास्य रंग
हिंडौली. होली मिलन समारोह में कविता पाठ करते कवि कैलाश मयंक।
देई. कस्बे के मेन मार्केट चौड़ा रास्ता पर चलता फिरता लाफ्टर क्लब देई के तत्वावधान में महामूर्ख कवि सम्मेलन हुआ। इसमें कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मनोरंजन किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत कवि जयसिंह आशावत ने मां सरस्वती की वंदना से की। इसके बाद कवि हिम्मतराम सोनी ने फागण का महीनां म्हं आई रंग रंगीली होली रे से कविता पाठ शुरू किया। कवि रमाशंकर सैनी, कन्हैयालाल लक्षकर, महावीर संतोषी, संजय दीवाना, रवि जैन, भवानीसिंह सोलंकी, राजेश ठाकुर, डाॅ. इश्हाक मोहम्मद, अनिल रंगीला, कवयित्री मीनू शर्मा ने अपनी कविता पाठ से श्रोताओं को जमकर हंसाया। संचालन रामस्वरूप बैचेन ने किया। आयोजन समिति के पवन जैन ने बताया कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि थानाधिकारी राजेश मीना थे। अध्यक्षता डाॅ. सतीश सक्सेना ने की। विशिष्ट अतिथि भाजपा मंडल देई अध्यक्ष कन्हैयालाल मीणा, समाजसेवी कजोड़लाल नागर रहे। गोविंदकुमार गुप्ता, सूरजमल गुर्जर ने स्वागत संबाेधन दिया। इसमें बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।