• Hindi News
  • Rajasthan
  • Bundi
  • Hindoli News rajasthan news relationships like husband wife brother brother and kaka nephew face to face for sarpanchi

सरपंची के लिए पति-पत्नी, भाई-भाई और काका-भतीजा जैसे रिश्ते तक आमने-सामने

Bundi News - परिवारवार हिंडौली. एससी सामान्य सीट हिंडौली ग्राम पंचायत से मंजूबाई ढोली भी सरपंच की दौड़ में है। रहने के लिए...

Jan 16, 2020, 08:25 AM IST
Hindoli News - rajasthan news relationships like husband wife brother brother and kaka nephew face to face for sarpanchi
परिवारवार

हिंडौली. एससी सामान्य सीट हिंडौली ग्राम पंचायत से मंजूबाई ढोली भी सरपंच की दौड़ में है। रहने के लिए अपना मकान भी नहीं है, भाई के नाम इंदिरा आवास का मकान है, उसी में रहती है। लोगों ने मंजूबाई को चुनाव में खड़ा कर दिया और वे ही चंदा जुटाकर चुनाव खर्च का बंदोबस्त कर रहे हैं। मंजूबाई के पति प्रभुलाल नरेगा मजदूर हैं। मंजूबाई का चुनाव निशान कोट है। दोनों पति-प|ी पैदल पूरे कस्बे में जोड़े से प्रचार करते हैं। प्रभुलाल के पास पहनने को कोट नहीं था, वह भी लोगों ने दिया। वे कोट को दिखाकर वोट मांगते हैं। हिंडौली पंचायत में 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। लोग उनके पति को हिंडौली का प्रतापचंद सारंगी कहते हैं, उल्लेखनीय है कि उड़ीसा के बालासोर से सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापचंद सारंगी की आर्थिक हालत भी ऐसी ही थी। मेडिकल शॉप चलानेवाले बृजराजसिंह राजावत कहते हैं यह हिंडोली का प्रतापचंद सारंगी है, गांववाले ही चंदा कर चुनाव लड़ा रहे हैं ये दरिद्र नारायण हैं जीते तो यह मिशाल होगी। मंजूबाई कहती है गांव ने खड़ा किया है। जो गांव कहेगा वैसा ही करूंगी।

इधर, बेटे के लिए पूर्व प्रमुख मैदान में

देहीखेड़ा पंचायत में चुनावी माहौल बड़ा ही रोचक बन गया है। यहां पूर्व सरपंच से लेकर युवा प्रत्याशियों ने सारे समीकरणों को तितर-बितर कर रखा है। ऐसे में पूर्व जिला प्रमुख अपने बीटेक बेटे राजकुमार मीणा के लिए पूरा दम लगा रहे हैं। पूर्व जिला प्रमुख महावीर मीणा के पुत्र राजकुमार ने सरपंची के लिए ताल ठोकी है। देखा जाए तो यहां 18 प्रत्याशियों के चलते माहौल बड़ा रोचक हो गया है। पूर्व प्रमुख अपने कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्य सहित अपने राजनीतिक संबंधों को लेकर मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं। महावीर मीणा की राजनीतिक शुरूआत भी इसी पंचायत सें हुई है आैर वे सरपंच से लेकर पहले प्रधान फिर जिला प्रमुख के पद तक पहुंचे हैं। अब वे अपनी राजनीतिक विरासत को अपने वारिस को सौंपने के लिए सरपंची से शुरूआत करना चाह रहे हैं। यह तो परिणाम ही बताएगा कि वे अपनी मुहिम में कहां तक सफल होते हैं।

सीधे मैदान से... कल यहीं पड़ेंगे वोट...यहां रिश्तों का भी चुनाव

भास्कर न्यूज|लाखेरी

सरपंची के लिए प्रत्याशियों ने पूरा दम लगा रखा है फिर भी ग्रामीण मतदाता मुखर नहीं है, जिसके चलते सरपंची के दावेदारों में असमंजस है। इस बार कुछ पंचायतों में रोचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। कुछ पंचायतों में सरपंच के प्रत्याशियों को अपनों से ही चुनावों जंग करनी पड़ रही है। कहीं भाई से भाई का मुकाबला है तो एक पंचायत में काका-भतीजे के बीच चुनावों जोर आज़माइश ने माहौल को रोचक बना दिया है। यही नहीं एक पंचायत तो ऐसी है जहां प्रत्याशियों की बड़ी संख्या ने कई दमदार लोगों को पसीना-पसीना कर रखा है। पूर्व सरपंच एक बार फिर से नई पारी खेलने की जुगत में तो मौजूदा सरपंच रिपीट करने के लिए पूरा जोर लगाने में लगे हैं। इतना होने के बावजूद ग्रामीण मतदाता मौन है।



बसवाड़ा पंचायत में भी भाई की भाई से टक्कर

बसवाड़ा पंचायत में चुनावी गणित भाई-भाई के बीच अटक गई है। यहां दो भाई सरपंची में अपना भाग्य अजमा रहे हैं। मौजूदा सरपंच हेमंती मीणा के पति दयाचंद मीणा पहले भी इस पंचायत से सरपंच रह चुके हैं। इस बार एक बार फिर पंचायती की सियासत को घर में ही रखने के लिए जोर आज़माइश कर रहे हैं। यूं तो दयाचंद मीणा को पंचायत चुनावों में अन्य प्रत्याशियों से मुकाबला करना पड़ रहा है, लेकिन चुनावी माहौल इसलिए रोचक व चर्चित हो गया कि उनकी टक्कर उनके भाई रामनिवास से हैं। बसवाड़ा में भाई की भाई की टक्कर ने अन्य प्रत्याशियों को भी पशोपेश में डाल दिया है कि इसके पीछे की राजनीति पंचायत में एक बार फिर काबिज होने की रणनीति का हिस्सा तो नहीं। दयाचंद बसवाड़ा से हैट्रिक के चक्कर में है।

चुनाव निशान कोट...लोगों ने चंदे से प्रत्याशी पति को दिलाई कोट

हिंडौली. मंजूबाई ढोली के साथ उसके पति चंदे में मिली कोट दिखाते हैं, यहीं चुनाव चिंह्न।

सखावदा में भतीजे का काका को चैलेंज, अपने असमंजस में

सखावदा पंचायत में भी चुनावी माहौल अपनों के बीच रस्साकसी का केंद्र बन गया है। यहां काका-भतीजा चुनावी मैदान में है। लाखेरी पालिका में भाजपा के पार्षद राधेश्याम मीणा ने सखावदा सरपंची का सपना देखकर चुनावी मैदान में ताल ठोकी तो अन्य प्रत्याशियों के हाथ उनके सामने उनके ही भतीजे अंकित ने चुनावी कुश्ती को अपनी में उलझा दिया। इस पंचायत में पूर्व पंचायत समिति सदस्य रहे रमेश मीणा भी मैदान में है। पंचायत का चुनावी गणित अलग-अलग गांवों में बटे मतदाताओं के ऊपर टिका है। इस पंचायत में प्रत्याशी की प्रतिष्ठा के साथ गांव से पंचायती नहीं जानी चाहिए की बात ही सरपंची का फैसला करती आ रही है। ऐसे में काका-भतीजे की कसरत के साथ पंचायत के गांवों में भी आपस में कसरत जारी है।

Hindoli News - rajasthan news relationships like husband wife brother brother and kaka nephew face to face for sarpanchi
X
Hindoli News - rajasthan news relationships like husband wife brother brother and kaka nephew face to face for sarpanchi
Hindoli News - rajasthan news relationships like husband wife brother brother and kaka nephew face to face for sarpanchi
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना